सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

12 राशी मन्त्र एवं उपाय

 

 

मेष-कुल मन्त्र

ज्योतिर्लिंग मंत्र  ॐ वैद्यनाथाय नमः

Ø राशी मंत्र – ॐ नमः स्कन्दाय   |

Ø व्रत -षष्ठी –ॐ नागा राजाय नमः  |

    चतुर्दशी – ॐ हिरणगर्भाय नम |

Ø सूर्य -ॐ घृणी अंशुमानाय नमः |आदित्याय नमः |

Ø विष्णु-    ॐ नारायणाय नमः |ॐ नराय नमः|

Ø तृतीया-  ॐ रत्ये नम  | 

Ø एकादशी - ॐ अनंगाय  नमः |कामदेवाय नमः  |

Ø  * व्रत दान आदि हेतु – ज्येष्ठ माह |

Ø गंधर्व -चित्रसेनाय नमः  |

Ø राक्षस -विद्युतचतुर्वे नमः  |

Ø यक्ष- तार्क्ष्याय नमः  |

Ø सर्प-महाशंखाय नमः  |

Ø अप्सरा -उर्वशयै नमः  |

Ø ऋषि -कश्यपाय नमः  |*

Ø अंशुमानाय  

Ø  

Ø  

Ø 1मेष –उपाय

Ø        बाधा शमन पुत्र आनन्द सर्व सुख के लिए जब मघा नक्षत्र हो

Ø मंत्र- पितृभेय  नमः पढ़े।

Ø दान - तेल भरा बर्तन।

Ø        विजय के लिए - जब पूर्वफाल्गुनी नक्षत्र हो

Ø मंत्र- पूषायै नमः पढ़े।

Ø दान एवं उपवास- मक्खन मिश्रित पदार्थ।

Ø        सौभाग्य / विवाह व संपदा के लिए- जब उत्तराफाल्गुनी नक्षत्र हो

Ø मंत्र -पूषायै नमः पढ़े।

Ø दान करे - भांग ।

Ø        यश प्रसिद्धि प्राप्त-

Ø सूर्य को पुष्प अर्पण एवं खखोल्काय नमः

Ø                                   दान करे - घृत और दुग्ध युक्त साठी के चावल से बने भात दानं करे।

 

 

 

 

 

 

  

 

 


 

Pt. V.K.Tiwari     

      Astorlogy Saves Unforeseen Dashes In Life                                                                                                

Ø वृष-कुल मन्त्र दैनिक

Ø * व्रत दान आदि हेतु - वैदिक माह वैशाख*

Ø प्रतिदिन मंत्र *

Ø ज्योतिर्लिंग मंत्र - ॐ रामेश्वराय नमः 

Ø राशी मंत्र –  ॐ नमः स्कन्दाय |

Ø व्रत -

प्रतिपदा तिथि – ॐ विष्णवे नमः , ॐ सूर्याय नमः  |

नवमी – ॐ रामाय नमः  | 

राशी- सूर्य -ॐ घृणी अर्यमा आदित्याय नमः  |

Ø विष्णु मंत्र - ॐ विष्णवे नमः |

Ø तृतीया-  ॐ रत्ये नमः  |  

Ø एकादशी - ॐ अनगाय /कामदेवाय नमः

Ø गंधर्व  नारदाय नमः |

Ø *राक्षस  प्रहेतये नमः |

Ø *यक्ष  ऊर्जाये नमः |

Ø *सर्प -कच्चानिराय नमः

Ø *अप्सरा - पुंजिकस्थलाये नमः |

Ø * ऋषि - पुलह नमः|

Ø * सूर्य-  अर्यमाये नमः|

Ø  

 

 

 

मेष राशि –

       ज्योतिर्लिंग मंत्र - ॐ रामेश्वराय नमः 

       राशी मंत्र –  ॐ नमः स्कन्दाय

       व्रत -

प्रतिपदा तिथि – ॐ विष्णवे नमः , ॐ सूर्याय नमः  

नवमी – ॐ रामाय नम 

       राशी- सूर्य एवं विष्णु मंत्र - ॐ घृणी अर्यमा आदित्य  ॐ विष्णवे नमः

       तृतीया-  ॐ रत्ये नम  

       एकादशी - ॐ अनगाय /कामदेवाय नमः

       * व्रत दान आदि हेतु

       - वैदिक माह वैशाख*

       प्रतिदिन मंत्र *

       गंधर्व  नारदाय नमः *राक्षस  प्रहेतये नमः *यक्ष  ऊर्जाये नमः

       *सर्प -कच्चानिराय नमः *अप्सरा - पुंजिकस्थलाये नमः

       * ऋषि - पुलह नमः * सूर्य-  अर्यमाये नमः

      

 

 

 

वृषभ राशि – कुल मन्त्र दैनिक

       ज्योतिर्लिंग मंत्र – ॐ सोम् नाथाय नमः

       राशी मंत्र – ॐ गौर्ये नमः  *श्रीम नमः

       व्रत

प्रतिपदा तिथि – ॐ विष्णवे नमः , ॐ सूर्याय नमः 

नवमी – ॐ रामाय नम 

       राशी- सूर्य एवं विष्णु मंत्र - ॐ घृणी मित्र आदित्य  ॐ वासुदेवाय नमः

       तृतीया-  ॐ रत्ये नम  

       एकादशी - ॐ अनगाय /कामदेवाय नमः

  * व्रत दान आदि हेतु -  जेष्ठ महीना*

      प्रतिदिन मंत्र* गंधर्व  हा हा नमः

       *राक्षस-  पौरुषेय नमः * यक्ष - रथस्वानाय नमः *सर्प - तक्षकाय नमः

      *अप्सरा-  मेनकायै नमः * ऋषि-  अत्रियै नमः * सूर्य - मित्राय नमः

2 –उपाय

        धन संपदा के लिये उपाय जब हस्त नक्षत्र हो तो

मंत्र - सवित्रे  नम  वासुदेवाये नम

दाने करें - गंध पुष्प एवं ध्वजा पताका

 


मिथुन –

       ज्योतिर्लिंग मंत्र – ॐ नागेश्व्रराय नमः

       राशी मंत्र – ॐ विष्णवे नमः  

       व्रत

अष्टमी- ॐ कृष्णाय नमः  अमावस्या – महा काल्यै नमः

       राशी - सूर्य एवं विष्णु मंत्र - ॐ घृणी वरुण आदित्य  ॐ केशवाय नमः

       चतुर्थी –ॐ गणपतये नम 

       पंचमी – श्रीम ह्रीं नम

       * व्रत दान आदि हेतु - वेदिक माह आशाढ* *

       प्रतिदिन मंत्र*

       गंधर्व -- हूहू नमः *राक्षस - शुकाय नमः * यक्ष - चित्ररसवानाय नमः

       * सर्प - सहजन्ययै नमः *अप्सरा - रंभायै नमः

       *ऋषि-  वाशिष्ठाय नमः *अरुण-  सूर्याय नमः

3 मिथुन उपाय

       यश वृधि शक्ति एवं क्षमता वृधि के लिये उपाय जब स्वाति- नक्षत्र हो तो मत्र पढे –

मंत्र - वायवे नमः

दाने करें - प्रिय वस्तु का दान

       धन एवं सुख के लिये उपाय जब विषाखा नक्षत्र हो तो

मंत्र - इंद्राग्न्यिै नमः
कर्क राशि –

       ज्योतिर्लिंग मंत्र – ॐ ओमकारेश्व्राय  नमः 

       राशी मंत्र – ॐ विष्णवे नमः ॐ गौर्यै नमः  

       व्रत

पंचमी –ॐ श्रीम नमः त्रयोदशी – ॐ ब्रह्स्पतये  नमः

       राशी - सूर्य एवं विष्णु मंत्र – ॐ घृणी इंद्र आदित्य  ॐ राधा कृष्णाय नमः|

       द्वितीया- ॐभुवनेश्वर्य्रै नम  

       दशमी – ॐ चामुंडाये नम   

       ** व्रत दान आदि हेतु - वैदिक माह  श्रवण नमः

       * प्रतिदिन मंत्र* 

       *गंधर्व  विश्वावसवे नमः * राक्षस  सर्यायै नमः *

       यक्ष  श्रोताय नमः *सर्प इला पुत्रय नमः * अप्सरा  परमिओचायै नमः *

       ऋषि  अंगिरसाय नमः *सूर्य  इन्द्राय नमः

4

        पूर्ण सुख  लक्ष्मी एवं आयु वृधि लिये उपाय जब अनुराधा नक्षत्र हो तो मंत्र पढे

मंत्र - मित्रदेवाय नमः

दाने करें - लाल पुष्प ओढ़ने का वस्त्र और अन्न्।

        ज्येष्ठा नक्षत्र हो तो मंत्र पढ़े

मंत्र - इंद्राय नमः

दान करें- शाक और मूली
सिंह राशि-

         ज्योतिर्लिंग मंत्र  ॐ धुश्नेश्व्राराय  नमः 

         राशी मंत्र – ॐ नमः शिवाय ॐ ब्रह्माय नमः

         व्रत

– पंचमी –ॐ श्रीम नमः  त्रयोदशी – ॐ ब्रह्स्पतये  नमः

         राशी - सूर्य एवं विष्णु मंत्र – ॐ घृणी विश्वस्वान आदित्य ॐ हरि हराय  बालमुकुंदाय नमः

         प्रतिपदा तिथि - ॐ विष्णवे नमः *सूर्याय नमः 

         नवमी – ॐ रामाय नम 

         राशि    वेदिक माह  भाद्रपद *

         प्रतिदिन मंत्र*

         *गंधर्व  उग्रसेनाय नमः *राक्षस  व्याघ्र नमः

         *यक्ष  आसारण नमः * सर्प  शंखपालाय नमः

         *अप्सरा अनुमलोचायै नमः * ऋषि  भृगु नमः

         *  सूर्य विवस्वानाय नमः

5

         पितरों को तृप्त एवं मनोकामना पूर्ण सर्व सुख एवं कल्यण के लिये उपाय जब मूल नक्षत्र हो तो मंत्र पढ़े मंत्र - सर्वदेवेभ्य नम

मंत्र - सर्वपितृभ्ये नमः

दान करें - मूल-फल

         उच्च कुल में जन्म एवं चिंता कष्ट के लिये उपाय जब पूषा नक्षत्र हो तो मंत्र

मंत्र - अपदेवाय नमः और मंत्र से 11 आहूति दे

दान करें - दही भरा पात्र

  कन्या   -

         ज्योतिर्लिंग मंत्र  ॐ मल्लिकार्जुनाय नमः

         राशी मंत्र – ॐ विष्णवे नमः

         व्रत

तृतीया-  ॐ रत्ये नम    एकादशी - ॐ कामदेवाय नमः  

         राशी - सूर्य एवं विष्णु मंत्र –ॐ घृणी पूषा आदित्य ॐ ह्रीम पीताम्बराय परमात्मने नमः

         चतुर्थी –ॐ गणपतये नम  

         पंचमी – श्रीम ह्रीं नम

         * व्रत दान आदि हेतु - अश्वनी माह*

         * प्रतिदिन मंत्र*   गंधर्व सुरुचियै नमः * राक्षस धातायै नमः

         * यक्ष सुषे नमः   *धनंजयाय स्वरप नमः * अप्सरा  घृताच्यै

         * ऋषि गौमाय नमः * आदित्य पूषायै नमः

उपलब्धि प्राप्ति के लिये उपाय  जब उषा नक्षत्र हो तो मंत्र पढ़े

मंत्र -  नमः अद्भ्यो नम

          अर्पण करें पुष्प  श्वेत नीले पीले वस्तु घी और मक्खन   

दान करें - मानोवांछित भोग

          धन के लिये उपाय  जब श्रवण नक्षत्र हो तो मंत्र पढ़े –

मंत्र - विष्णवे नमः और पुष्प अर्पण करें

दान करें - मधु घी युक्त दूध ।

          यश/कीर्ति/ भय चिंता एवं मुक्त के लिए उपाय  जब घनिष्ठा नक्षत्र हो तो मंत्र पढ़े

मंत्र - वसुकये नमः गंध पुष्प अर्पण

दान करें - वस्त्र कंबल

तुला

       ज्योतिर्लिंग मंत्र  ॐ महाकालाय नमः

       राशी मंत्र – * ॐ गौर्ये नम * ॐ लक्ष्म्ये नमः     

       व्रत

षष्ठी –ॐ नागा राजाय नमः  चतुर्दशी – ॐ हिरणगर्भाय नम

       राशी - सूर्य एवं विष्णु मंत्र – ॐ घृणी पर्जन्य आदित्य  ओम श्री राम दशरथए नमः

       तृतीया-  ॐ रत्ये नम   

       एकादशी - ॐ अनगाय /कामदेवाय नमः 

       * व्रत दान आदि हेतु - कार्तिक माह

       * प्रतिदिन मंत्र*

       *वर्चायै गंधर्व *सर्प विश्वा राक्षस *सत्यजित्यै यक्ष

       *एरावताय सर्प * क्रतुर्वर्चायै अप्सरा

       *भारद्वाजाय  ऋषि *पर्जजन्याय सूर्य

7

       दीर्घायु  के लिए उपाय अनुराधा नक्षत्र के दिन या समय 

मंत्र पढ़े -ॐ मित्राय नमः

दान करें - इष्ट देवी -देव  को अर्पित करे- हवन- हवन-घी/ तिल/जो/चावल 

दान करे &घी 

खाए- फल नाश्ते में या घर से निकलते समय खाएं

 

       परिवार सुख के लिए उपाय  उत्तराफाल्गुनी नक्षत्र के दिन या समय  -

 मंत्र पढ़े -ॐ अर्यमने नमः

 इष्ट देवी -देव  को अर्पित करे- सूर्य को जल अर्पण करे 

दान करे &अन्न / भोजन

 

*नाश्ते में या घर से निकलते समय खाएं  दही खिचड़ी

       सर्व इच्छा पूर्ति: के लिए उपाय उत्तराषाढ़ नक्षत्र के दिन या समय 

मंत्र पढ़े -ॐ अद्भ्यो नमः इष्ट देवी -देव  को अर्पित करे- पुष्प

दान करे &  भोजन सामग्री 

खाए- नाश्ते में या घर से निकलते समय खाएं  &  मूंग /खीर

स्वास्थ्य: के लिए उपाय  शतभिषा नक्षत्र के दिन या समय 

 मंत्र पढ़े &ॐ वरुणाय नमः 

इष्ट देवी -देव  को अर्पित करे- भोजन पात्र

दान करे &बर्तन 

नाश्ते में या घर से निकलते समय खाएं  & जो

 

 

 

 

 

 

 

   वृश्चिक   -

       ज्योतिर्लिंग मंत्र  ॐ वैद्यनाथाय नमः

       राशी मंत्र – ॐ नमः स्कन्दाय  

       व्रत

षष्ठी –ॐ नागा राजाय नमः   चतुर्दशी – ॐ हिरणगर्भाय नम

       राशी - सूर्य एवं विष्णु मंत्र – ॐ घृणी अंशुमान आदित्य ॐ नारायणाय नमः ॐ नराय नमः

       तृतीया-  ॐ रत्ये नम   

       एकादशी - ॐ अनगाय /कामदेवाय नमः 

       * व्रत दान आदि हेतु – ज्येष्ठ माह

       * प्रतिदिन मंत्र* 

       चित्रसेनाय गंधर्व *विद्युतचतुर्वे  राक्षस

       *तार्क्ष्य यक्ष* महाशंखाय सर्प*

       उर्वशयै अप्सरा *कश्यपाय ऋषि *अंशुमानाय  सूर्य

भोग विलास  समृद्धि  रोग नाष एवं कष्ट नाष के लिये उपाय

जब अश्वनि नक्षत्र हो तो

मंत्र पढ़े  - अश्वन्यै नमः  और लाल पुष्प अर्पण

 


  धनु  -

       ज्योतिर्लिंग मंत्र  ॐ विश्वनाथाय नमः

       राशी मंत्र – ॐ साम्बशिवाय नमः    

       व्रत

चतुर्थी –ॐ गं गणपतये नमः  द्वादशी- ॐ विष्णवे नमः 

       राशी - सूर्य एवं विष्णु मंत्र – ॐ घृणी भग आदित्य ॐ ह्रीं श्रीम क्रीम धरण धराय नमः

       त्रयोदशी – ब्रह्स्पत्ये नम

       * व्रत दान आदि हेतु -  मृगशिरा माह *

       * प्रतिदिन मंत्र* 

       उरनाय गंधर्व *स्फूर्जायै राक्षस *आयु यक्ष

       *कर्कोटकाय सर्प *पूर्वा चित्त्यियै अप्सरा

       *अरिष्टनेमयै ऋषि * भगाय  सूर्य

 

 

 

 

 

 

 

 

       9

       दुर्घटनासे सुरक्षा के लिए उपाय  भरणी नक्षत्र के दिन या समय 

मंत्र पढ़े -ॐ यमाय नमः

इष्ट देवी -देव  को अर्पित करे -कपूर  -दूध

दान करे - दूध

नाश्ते में या घर से निकलते समय खाएं -तिल

       विष या फ़ूड पायजन रक्षा के लिएश्लेषा नक्षत्र के दिन या समय

मंत्र पढ़े -ॐ सर्पेभ्यो नमः

 इष्ट देवी -देव  को अर्पित करे- दूध  

दान करे - गाय /बकरी

नाश्ते में या घर से निकलते समय खाएं – दही खिचड़ी

       यश/सफलता: के लिए उपाय  ज्येष्ठा नक्षत्र के दिन या सम

 

 

 

 

 

 

 


मकर   -

       ज्योतिर्लिंग मंत्र  भीमशंकराय नमः

       राशी मंत्र – ॐ नमो नारायणाय नमः 

       व्रत

द्वितीया- ॐभुवनेश्वर्य्रै नम  दशमी – ॐ चामुंडाये नम   

       राशी - सूर्य एवं विष्णु मंत्र – ॐ घृणि त्वष्टा आदित्य ॐ श्रीम वत्सलाय नमः

       * व्रत दान आदि हेतु - माघ  *

       * प्रतिदिन मंत्र*  

       धृतराष्ट्राय गंधर्व *रूचिकयै राक्षस *सत्यजितय  यक्ष

       *कंबलाय सर्प * तिलोत्तमा अप्सरा

       *ब्रहमराटाय ऋषि *त्वष्टाय सूर्य

 

 

 

 

 

 

 

 

 

10

 

       संकट मुक्ति  ज्ञान एवं आरोग्य के लिये उपाय जब रोहणी नक्षत्र हो तो

 

मंत्र -चंद्राय नमः और खीर अर्पण करें

दान करें- फल अन्न घी तथा पीने येग्य पदार्थ

मंत्र पढ़े -ॐ इन्द्राय नमः

इष्ट देवी -देव  को अर्पित करे- तिल

दान करे -तिल

नाश्ते में या घर से निकलते समय खाएं उरद / मांस

       प्रभाव सफलता विजय: के लिए उपाय रेवती नक्षत्र के दिन या समय

मंत्र पढ़े ॐ पूष्णे नमः

इष्ट देवी -देव  को अर्पित करे- श्वेत पुष्प

दान करे - बैल

नाश्ते में या घर से निकलते समय खाएं खिचड़ी

 

 


  कुम्भ –

       ज्योतिर्लिंग मंत्र  भीमशंकराय नमः

       राशी मंत्र – ॐ नमो नारायणाय नमः 

       व्रत

द्वितीया- ॐभुवनेश्वर्य्रै नम  दशमी – ॐ चामुंडाये नम   

       राशी - सूर्य एवं विष्णु मंत्र – ॐ घृणि त्वष्टा आदित्य ॐ श्रीम वत्सलाय नमः

       * व्रत दान आदि हेतु - फागुन *

       * प्रतिदिन मंत्र*

       सूर्यवर्चायै -गंधर्व *महाप्रेत नमः

       - राक्षस *सत्यजित्ये -यक्ष

       * अश्वतराय नमः

       --सर्प *रंभा नमः

       -अप्सरा

       * विश्वामि नमः

       -ऋषि   *विष्णवे नमः -सूर्य

      

 

 

        

11

 

       रोग नाश के लिए उपाय  अश्वनी नक्षत्र के दिन या समय

मंत्र पढ़े -ॐ अश्वनी कुमारभ्यो नमः 

इष्ट देवी -देव  को अर्पित करे   -दीपक 

दान करे -भोजन 

नाश्ते में या घर से निकलते समय खाएं -उड़द  

       सुरक्षा के लिए उपाय पुनर्वसु नक्षत्र के दिन या समय  

मंत्र पढ़े -ॐ आदित्याय नमः

 -इष्ट देवी -देव  को अर्पित करे- दीपक प्रज्वलित करे 

दान'करे –पीतल .पीले पुष्प

नाश्ते में या घर से निकलते समय -दूध

विजय: के लिए उपाय पूर्वाभाद्रपद नक्षत्र के दिन या समय

 मंत्र पढ़े- ॐ अजैकपदे नमः

इष्ट देवी -देव  को अर्पित करे- प्रकाश

दान करे- भोजन

नाश्ते में या घर से निकलते समय खाएं मछली चावल



मीन     

       ज्योतिर्लिंग ॐ त्रयम्बेकेश्वराय नमः

       राशी मंत्र – ॐ साम्ब शिवाय  

       व्रत

       व्रत-सप्तमी- ॐ सूर्याय नमः  पूर्णिमा- हरी ॐ तत्सत / ॐ जगन्नाथाय नमः

       राशी - सूर्य एवं विष्णु मंत्र – ओम घृणि धाता आदित्य  ॐ क्रीम रथांग चक्राय नमः    

** व्रत दान आदि हेतु - चैत्र माह *

प्रतिदिन मंत्र*

तुम्बुर्वे - गंधर्व *हेती - राक्षस *रथ कृति - यक्ष

 *वासुकयै -सर्प क्रितास्टालि -अप्सरा

 *पुलस्त्य -ऋषि *धातायै -सूर्य

12

        उत्तम कुल भय से मुक्ति विष एवं सर्प से सुरक्षा के लिये उपाय  जब अशलेषा नक्षत्र हो तो सर्पाय नमः  मंत्र पढ़े - सर्प और शिव जी पर दूध अर्पण करें

दान करें - चांदी अथवा बैल का

 

टिप्पणियाँ