सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

दुर्गा देवी को नवरात्र में ,किस दिन क्या अर्पण करे कौन सा मन्त्र पढ़े और दुर्गति से बचे |

दुर्गति से बचे दुर्गादेवी  को  भजे
दिन के आधार पर स्मरण एवं अर्पण
1. रविवार-सौभाग्य
ॐ क्लीं क्लीं कात्यायन्ये नमः |
  • स्मरण मंत्र देवी को अर्पणीय सामग्री-लालपुष्प रिबिन, गुड़ |
2. सोमवार-पद एवं प्रतिष्ठा वर्धक-ग्रह दोष एवं बाधानाशक
  • देवी को अर्पणीय सामग्री- श्रीफल, मोदक, खीर, खजूर, कलावा, कन्याभोज |
  • स्मरण मंत्र- ॐ क्लीं कालरात्रयै नमः |
  • दीपक प्रज्वलन- 7-8 एवं 10-11 बजे
भौतिक सुख- 11.40-12, 18.40-19.40
ज्ञान- 12.40-13.40, 19.40-20.40 बजे
3. मंगलवार-विजयप्रद अरिष्ठनाशक
( अष्टमी को अर्द्ध रात्रि में देवी भद्रकाली का जन्म हुआ | भद्रा में देवी पूजा विशेष उपयोगी होती है | )
देवी को अर्पणीय सामग्री- खीर, श्वेत एवं लाल पुष्प, फल, मिठाई
दीपक प्रज्वलन एवं आहुति समय
भौतिक सुख- 8:40-9:40
सौभाग्य वृद्धि- 12:40-13:40, 19:40-20:40
4. बुधवार : भौतिक एवं मैत्री प्रद |
देवी को अर्पणीय सामग्री- काजल महावर, गुड़, चूड़ी, पुष्प, लाल वस्त्र
स्मरण मंत्र- ऐं कूष्माण्यै नमः |
पाठक्रम दुर्गा सप्तशती- पंचम, षष्ठ, सप्तम अध्याय | कुंजिका का पाठय करने से विद्या सफलता मिलती है एवं हवन हेतु श्रेष्ठ दिन |
दीपक प्रज्वलन
भौतिक सुख- 6.40-7.40, 12.40-13.40
ज्ञान वृद्धि- 7.40-8.40, 13.40
सौभाग्य दांपत्यय एवं- 10.40-11.40 17.40-18.40 बजे
5. गुरूवार-दांपत्य सुख एवं प्रतियोगी परीक्षा में सफलताप्रद
देवी को अर्पणीय- शहद, चंदन, श्वेत पुष्प, दूध, खीर |
स्वरूप स्मरण मंत्रॐ क्लीं चंद्रघंटायै नमः |
हवन आहुति समय– 6.40-7.40 बजे, 13.40-14.40 बजे |
पाठक्रम ( दुर्गा सप्तशती ) चतुर्थ अध्याय | कुंजिका स्तोत्र |
  • हवन आहुति समयभौतिक सुख समृद्धि के लिये श्रेष्ठ चतुर्थ अध्याय | 3 ४३४ से 36वे श्लोक के मंत्रों से हवन करें |
  • दीपक प्रज्वलन -
ज्ञान वृद्धि- 6.40-7.40-14.40 बजे, 20.40 बजे |
सौभाग्य वृद्धि- 6.40 से 13.40 बजे, 20.40-21.40 बजे
6. शुक्रवार : सौभाग्य भौतिक सुख -
देवी को अर्पणीय सामग्री- खीर, केसर, गुड़, चना, हल्दी, फल मिठाई |
लक्ष्मी प्रसन्नता हेतु द्वितीय अध्याय का पाठ करें |
  • दीपक प्रज्वलन
भौतिक सुख– 12.40-13.40, 18.40- 19.40 बजे
ज्ञान– 6.40-7.40, 13.40-14.40 बजे
सौभाग्य– 9.40.-10.40 बजे
स्मरण मंत्र- ऐं, ह्रीं, क्लीं, सित्रिदात्रयै नमः |
हवन आहुति समय- 9:40-10:40, 16:40-17:40
पाठ क्रम दुर्गा सप्तशती- आठ दिन में पूरा करने के विधान हैं | कुंजिका स्रोत सम्पूर्ण पाठ श्रेष्ठ सर्व बाधा शमनार्थ |
दीपक प्रज्जवलन
भौतिक सुख- 12:40-13:40, 19:40-20:40
ज्ञान वृद्धि- 6:40-7:40, 13:40-14:40, 20:40-21:40


टिप्पणियाँ