दुर्गा -नवमी देवी माँ सिद्धिदात्री - मंत्र: वर्तिका का रंग,दीपक की संख्या,घी या तेल,दिशा,अर्पण सामग्री,आरती
दुर्गा की नवमी देवी माँ सिद्धिदात्री हैं , 🔹 1. जन्म और उद्भव – शास्त्र प्रमाण सहित माँ सिद्धिदात्री का जन्म परब्रह्म परमेश्वर के अर्धनारीश्वर स्वरूप से हुआ है। जब ब्रह्मांड की रचना नहीं हुई थी , तब भगवान शिव ने सभी सिद्धियाँ प्राप्त करने के लिए माँ की उपासना की और वे सिद्धिदात्री रूप में प्रकट हुईं। 📜 शास्त्र प्रमाण: " या देवी सर्वभूतेषु सिद्धिदात्री रूपेण संस्थिता। नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥" ( देवी महात्म्य , सप्तशती , 11.3) " आदिनाथ शिव ने ब्रह्मांड सृजन हेतु जब देवी की उपासना की , तब वे सिद्धियों सहित प्रकट हुईं और ' सिद्धिदात्री ' कहलाईं।" ( देवी भागवत पुराण , सप्तम स्कंध) 🔹 2. वेदों में उल्लेख माँ सिद्धिदात्री के गुण और स्वरूप का वर्णन देवी सूक्त ( ऋग्वेद 10.125), देवी उपनिषद तथा देवी भागवत में मिलता है। 📖 ऋग्वेद – देवी सूक्त: " अहं राष्ट्री संगमनी वसूनां..." इस मंत्र में देवी स्वयं कहती हैं कि वे सभी शक्तियों की मूल हैं — यही सिद्धिदात्री का स्वरूप है। 🔹 3. रूप , रंग और...