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Horoscope – Future Zodiac Signs (ENG/HNDI) 07April 2026 ; Hidden Setback Control — Mystical Protection for a Better Day

 
Horoscope – Future Zodiac Signs (ENG/HNDI) 07April 2026 ; Hidden Setback Control — Mystical Protection for a Better Day

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🌼 भविष्य एवं उपाय | Prediction & Remedies

🌘 VAISHAKH KRISHNA PAKSHA
📅 वैशाख कृष्ण पक्ष

मंगलवार, तिथि: पंचमी; नक्षत्र: ज्येष्ठा; चन्द्र राशि: वृश्चिक; विशेष योगशून्य।
Tuesday, Tithi: Panchami; Nakshatra: Jyeshtha; Moon Sign: Scorpio; Special Yoga Nil


👗 CLOTHES & ORNAMENTS | वस्त्र-आभूषण/ चूड़ी

ज्येष्ठायां वस्त्र धारणं मान प्रतिष्ठा वर्धनम्।
ज्येष्ठा नक्षत्र में नए वस्त्र पहनने से मान-प्रतिष्ठा बढ़ती है।
Wearing new clothes in Jyeshtha Nakshatra increases honor and reputation.

शुभलाल, सिंदूरी, नारंगी
अशुभकाला, नीला *********************************************************************************

🌼भविष्य एवं उपाय

-       - नाम से या नाम के प्रथम अक्षर की राशी के लिए दिन अच्छा होने पर  -

-       गृह,प्रवेश ,ज्वाइनिंग,आवेदन,परामर्श लेना-देना,जोखिम,विवाद के कार्य करना चाहिए ,सफल होते हैं .इन कार्यों में जन्म राशी का महत्त्व नहीं होता है प्रचलित नाम की राशी ही उपयोगी होती है  l

भविष्य - नाम के प्रथम अक्षर से-

-      नाम के  प्रथम  अक्षर (व्यक्ति,वस्तु,कम्पनी,स्थान का नाम ) वालो के लिए दिन व्यय,व्यस्तता ,विवाद या सुख बाधक सिद्ध हो सकता है

-ये यो भ,भी भू ध,,,भे. मा मी,मू,मे,मो,टा,टी,टू, टे ,चू,चे,चो ला ली लू ले लो अ.

शेष समस्त नाम अक्षर हेतु उत्तम रहेगा l-

v  Nimn nakshtr me janm lene walo ka din sukhd anukool vyatit hoga

v  अश्विनी भरणी रोहिणी आर्द्रा पुष्य मघा पूर्वाफाल्गुनी हस्त स्वाती अनुराधा मूल पूर्वाषाढा श्रवण शतभिषा उत्तर भाद्रपद

 

 

-      मेष राशि (Aries) – चू, चे, सिंह,,धनु,मेष राशी के लिए सुख बाधक .

 चो, ला, ली, लू, ले, लो, अ.

There is little possibility of expected results of any special important work,

Advise,Consult,sermon or journey.

** विशेष विवाद,कष्ट,हानि,व्यय योग यात्रा,विवाद आदि स्थगित रखना,

शांति,अल्पभाषी ,मूक दर्शक बनना , एक मात्र समस्या को निर्मूल करने का उपाय

सामान्य रूप से आशा के अनुरूप प्रगति वाला नहीं रहेगा। प्रत्येक क्षेत्र में कुछ बाधाएं उपस्थित होंगी। किसी भी प्रकार का जोखिम लेना हानि प्रद सिद्ध हो सकता है।व्यापार में लाभ की संभावना कम है। यात्रा में कष्ट अतः वाहन चालन आदि में सावधानी लाभदायक सिद्ध होगी। जनप्रतिनिधियों के लिए उत्तम दिन नहीं है।विशेष-महत्वपूर्ण कार्य,उपदेश एवं यात्रा के अपेक्षित परिणाम की सम्भावना अल्प है

वृष राशि (Taurus) – , , , , वा, वी, वू, वे, वो.

रोजगार में अनुकूल स्थितियां उत्पन्न होंगी। प्रेम या दांपत्य सुख में वृद्धि होगी। विवाह से संबंधित कार्य की प्रगति संतोषप्रद रहेगी। रोजगार में लाभ अपेक्षित होगा। राजनेताओं के लिए उत्तम दिन है। यात्रा का उद्देश्य पूर्ण होना कठिन है। नए कार्य में प्रगति होगी। आर्थिक स्थिति उत्तम रहेगी। There is little possibility of expected results of any special important work,

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मिथुन राशि (Gemini) – का, की, कू, , , , के, को, ह.

आशा के अनुरूप कार्य पूर्ण होते दृष्टिगोचर होंगे। सामाजिक आर्थिक स्थिति उत्तम रहेगी। जनप्रतिनिधियों के लिए सफलता का दिन है। स्वास्थ्य उत्तम रहेगा परंतु पेट से संबंधित कष्ट की संभावना बनी रहेगी। यात्रा का उद्देश्य पूर्ण होगा। विरोधियों के विरुद्ध कार्रवाई का उचित दिन है। कनिष्ठ वर्ग के लिए आप कारवाई  कर सकते हैं। मनोबल ऊंचा रहेगा। There is little possibility of expected results of any special important work,

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कर्क राशि (Cancer) – ही, हू, हे, हो, डा, डी, डू, डे, डो.

कार्यों की प्रगति से संतुष्टी नहीं मिलेगी। कनिष्ठ वर्ग का अपेक्षित सहयोग कठिन है। या वे आपके इच्छा के अनुकूल कार्य परिणाम नहीं दे सकेंगे। परिवार के सदस्यों के कारण जनता एवं सुख बाधा की स्थिति बन सकती है। संतान पक्ष से भी परेशानी उत्पन्न हो सकती है। सामान्य रूप से दैनिक कार्यों में रोजगार एवं व्यापार में सफलता मिलेगी। कोई महत्वपूर्ण कार्य या दिन नहीं कहा जा सकेगा।

सिंह राशि (Leo) – मा, मी, मू, मे, मो, टा, टी, टू, टे.

यह स्वास्थ्य से सम्बन्धित कुछ नकारात्मक परिणामों का सूचक है। स्वयं का व परिवार के स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखना व सावधानी बरतना आवश्यक है। हो सकता है कि आपको पेट की गड़बड़ी व छाती में बैचेनी जैसी समस्याएँ झेलनी पड़े। स्वास्थ्य में गिरावट चिन्ता का विषय बन सकता है। परिवार के किसी सदस्य अथवा सम्बन्धी का स्वास्थ्य चिन्ता का कारण बन सकता है। मानसिक रुप से आप अशांत व आस-पास के व्यक्तियों के प्रति सशंकित रह सकते हैं।

कन्या राशि (Virgo) – टो, , पी, पू, , , , पे, पो.

सामान्य रूप से कल की तुलना में दिन उत्तम व्यतीत होगापरंतु महत्वपूर्ण दिन नहीं कहा जा सकेगा। प्रयासों के परिणाम विलंब से ही सही परंतु आपके पक्ष में आएंगे। खर्च के योग प्रबल बन सकते हैं।नए कार्य हाथ में नहीं लें। जनप्रतिनिधियों के लिए दिन अनुकूल शारीरिक मानसिक दृष्टि से रहेगा। There is little possibility of expected results of any special important work,

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तुला राशि (Libra) – रा, री, रू, रे, रो, ता, ती, तू, ते.

आर्थिक दृष्टि से दिन अनुकूल नहीं है। आवश्यक खर्च के योग बने रहेंगे। बचत में कमी होगी। जोखिम के परिणाम उपयोगी सिद्ध नहीं होंगे। भागदौड़ या कार्य की अधिकता उत्पन्न हो सकती है। कार्यों के परिणाम अंतिम रूप से आपके पक्ष में रहेंगे। वाद विवाद से बचने का प्रयास करें।किसी कोई सलाह देने के स्थान पर स्वयं कार्य निष्पादन करना उत्तम रहेगा।

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वृश्चिक राशि (Scorpio) – तो, ना, नी, नू, ने, नो, या, यी, यू.

कल की तुलना में आज का दिन महत्वपूर्ण नहीं रहेगा तथापि कार्य सफलता के योग हैं। शुभ समाचार मिलने की संभावना है। आपके किए गए कार्यों के अच्छे परिणाम आज प्राप्त हो सकते हैं। किसी भी कार्य को करने से पीछे नहीं हटे क्योंकि समय आपके पक्ष में है। राजनेता एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं के लिए उत्तम दिन है। महिलाओं के लिए उपयोगी दिन सिद्ध नहीं होगा।

धनु राशि (Sagittarius) – ये, यो, , भी, भू, , , , भे.

किसी भी प्रकार के नए कार्य जोखिम की सलाह नहीं दी जा सकती है। किसी को कोई परामर्श देना व्यर्थ रहेगा। मार्केटिंग शॉपिंग नहीं करना आपके हित में रहेगा। आवश्यक कामों में ही रुचि लें। जनप्रतिनिधियों के लिए कष्टकारी दिन है। सफलता की संभावनाएं बहुत कम है।यात्रा एवं भागदौड़ या कार्य की अधिकता रहेगी। महिलाओं के लिए सुविधा में कमी का विशेष दिन है। आकस्मिक कार्य की अधिकता भी हो सकती है। आर्थिक स्थिति कमजोर रहेगी।

मकर राशि (Capricorn) – भो, जा, जी, खी, खू, खे, खो, , गी.

आज का दिन भी बहुत महत्वपूर्ण है। आराम के स्थान पर कार्य को महत्व देकर शीघ्र निष्पादन करना आपके लिए लाभदाई रहेगा। किसी भी प्रकार कोई काम कल पर टालना उचित नहीं होगा। आर्थिक स्थिति उत्तम रहेगी। नए निर्णय लाभदायक सिद्ध होंगे। सफलता के योग उत्तम है। प्रसन्नता का वातावरण रहेगा। आमोद प्रमोद पर व्यय हो सकता है।विशेष-महत्वपूर्ण कार्य,उपदेश एवं यात्रा के अपेक्षित परिणाम की सम्भावना अल्प हैThere is little possibility of expected results of any special important work,

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कुंभ राशि (Aquarius)– गू, गे, गो, सा, सी, सू, से, सो, द.

सामान्य रूप से दिन उत्तम है, परंतु किसी भी कार्य के परिणाम की आशा अपने इच्छा के अनुकूल संपन्न होने की ना रखें। किसी भी प्रकार की जोखिम मै या नए कार्य या मार्केटिंग शॉपिंग अथवा किसी को परामर्श देना लाभदायक सिद्ध नहीं होगा। व्यर्थ किसी के विवाद में ना पड़े। कार्य की सफलता संदिग्ध है, आर्थिक स्थिति उत्तम रहेगी। व्यापारिक लाभ रहेगा। रोजगार में अनुकूल स्थितियां बनी रहेंगी।

मीन राशि (Pisces) – दी, दू, , , , दे, दो, चा, ची.

भाग्य आपका साथ देता प्रतीत नहीं होगा। परिवार के सदस्यों एवं संतान पक्ष से चिंता कर परेशानी रहेगी।विद्या प्रतियोगिता के क्षेत्र में सफलता की संभावनाएं कम है। प्रत्येक कार्य को सूझ बुझ  एवं विचार उपरांत करना उचित होगा। न्याय निर्णय लाभदायक सिद्ध होंगे। बड़ों के आशीर्वाद से किए गए उपरोक्त कार्य पूर्ण होंगे। अथवा बड़ों से विवाद की स्थिति या उनसे अप्रसन्नता का उपहार मिल सकता है। आर्थिक स्थिति सामान्य रहेगी। व्यापारिक लाभ रहेगा।

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-      उपाय :

-       नक्षत्र के मन्त्र  से अनिष्ट प्रभाव में कमी से दिन सुख, शांति एवं सफलता में वृद्धि  होती है।

-      वेद मंत्र  ज्येष्ठा वैदिक-

-      ॐ त्राताभिंद्रमबितारमिंद्र गवं हवेसुहव गवं शूरमिंद्रम वहयामि

-      शक्रं पुरुहूतभिंद्र गवं स्वास्ति नो मधवा धात्विन्द्र:

-       ॐ इन्द्राय नम:

-      पौराणिक मंत्र :

-      श्वेत हस्तिनमा आरूढं वज्रांकुशलरत्करम।
सहस्त्र नेत्रं पीताभं इंद्रं ह्रदि विभावये ll

-       नक्षत्र देवता मंत्र :-

-        ॐ इंद्राय नमःl

-       नक्षत्र मंत्र :-

 ॐ जेष्ठायै नमःl Nature विद्या दायक, देवता Deity नाग, तत्व Element जल, शुभ स्पर्श Auspicious Touch कंठ, वर्जित स्पर्श Inauspicious Touch पांव, शुभ दिशा Auspicious Direction उत्तर पूर्व, अशुभ दिशा Inauspicious Direction दक्षिण पश्चिम, शुभ कार्य Auspicious Work अध्ययन, निषिद्ध Prohibited अपमान, शुभ दान Auspicious Donation पुस्तक, वर्जित दान Forbidden Donation लोहे की वस्तु, शुभ भोजन Auspicious Food फल, वर्जित भोजन Avoid Food तला, शुभ फल फूल Auspicious Flowers कमल, वर्जित फल फूल Inauspicious Flowers कांटेदार, शुभ रंग Auspicious Color हरा, अशुभ रंग Inauspicious Color धूसर, मंत्र Mantra नागाय नमः, उपाय Remedy नाग पूजन, दान- पितरों के निमित्त करना चाहिए

जैन धर्म मंत्र-

1.नवग्रह मंत्र -"ओम आसिया उसाय नमः" ।

नवग्रह अरिष्ट निवाकर विधान ।।

जल गंध सुमन अखण्ड तन्दुल, चरू सुदीप सुधूपकं।
फल द्रव्य दुध दही सुमिश्रित, अर्घ देय अनूपकं।।
रवि सोम भूमिज सैम्य गुरू कवि, शनि नमो पूतके तवै।
पूजिये चैंविस जिन राज ग्रहारिष्ट नाशन हेतवै।।

ऊँ ह्मीं सर्वग्रह अनिष्टनिवारक श्रीचतुर्विंशति तीर्थंकर जिनेन्द्राय अर्घं निः स्वाहा।

-ऊँ ह्रीं णमो अरिहंताणं।.

-वासु पूज्यस्य नाम्ना शांति जयश्रियम,

रंक्षा कुरु धरासूनों अशुभोपि शुभो भव: ।

3।ऊँ ह्रीं णमो सिद्धाणं ।

4।शांति मंत्र- ऊँ ह्रीं श्रीं अर्हम

5।श्री वासुपूज्य स्वामिने नमः मम मंगल ग्रह शांति कुरु कुरु स्वाहा।

ऊँ नमोर्हते भवते श्रीमते वासुपूज्यर्तीािंकराय षण्मुख्यक्ष गांधारी यक्षी सहिताय ऊँ आं क्रौं ह्रीं ह्यः कुज महाग्रह! मम  (...................) दुष्ट ग्रह रोग कष्ट निवारणं सर्व शांतिं कुरू कुरू हूँ फट् स्वाहा। (10000 जाप्य)

)ऊँ ह्रीं अर्हं मंगल ग्रहा अरिष्ट निवारक-श्री पद्मप्रभ जिनेन्द्राय नमः सर्व शांतिं कुरू कुरू स्वाहा।

या  -ऊँ ह्रीं णमो सिद्धाणं। केतु-pratah केतु ग्रह

कुमकुम व लाल फूलों से –puja

केतु -

1 जैन धर्म मंत्र-

नवग्रह मंत्र -"ओम आसिया उसाय नमः" ।

अनार के फूल या पत्तों से -

2सप्त राशिश्च केतो श्री मल्लिप आचयों नाम्ना शांति

च तुष्टि च रक्षां कुरु जयश्रियम,

3“ऊं ह्रीं णमो सव्‍वसाहूणं

4.शांति -मंत्र ऊं ह्रीं पार्श्‍वनाथ प्रभो नमस्‍तुभ्‍यं मम शांति: शांति:

5।अरिहंत सिद्धाचार्य पाठक, साधु त्रिभुवन-वंद्य हैं |

जिनधर्म जिन-आगम जिनेश्वर, मूर्ति जिनगृह वंद्य हैं ||

5-ऊँ ह्रीं अर्हं केतु ग्रहा अरिष्ट निवारक

-श्री पद्मप्रभ जिनेन्द्राय नमः सर्व शांतिं कुरू कुरू स्वाहा।

-ऊँ ह्रीं णमो सव्वसाहूणं (

ऊँ नमोऽर्हते भवते श्रीमते पाश्र्वनाथ तीर्थंकराय धरणेन्द्र यक्ष पद्मावती-यक्षी सहिताय ऊँ आं क्रौं ह्रीं ह्यः केतु महाग्रह! मम (...................) दुष्ट ग्रह रोग कष्ट निवारणं सर्व शांतिं कुरू कुरू हूँ फट् स्वाहा। (

******************************************************

मंगल ग्रह गायत्री मंत्र पंचपाद-

(गायत्री मन्त्र पश्चात् गृहस्थ को आवश्यक है बोलना  -)

आपो ज्योति रस अमृतम |परो रजसे सावदोम  |

1 अङ्गारक, भौम, मङ्गल, कुज ॐ वीरध्वजाय विद्महे विघ्नहस्ताय धीमहि तन्नो भौमः प्रचोदयात् ॥

2 ॐ अङ्गारकाय विद्महे भूमिपालाय धीमहि तन्नः कुजः प्रचोदयात् ॥

आपो ज्योति रसोंमृतम ,परो रजसे सावदोम |

केतु

ॐ अश्वध्वजाय विद्महे शूलहस्ताय धीमहि तन्नः केतुः प्रचोदयात् ॥

ॐ क्रां क्रीं क्रौं सः भौमाय नमः|

जैन धर्म मंत्र-

ॐ ह्रीं णमो सिद्धाणं ।

ॐ ह्रीं मंगल ग्रहारिष्ट निवारक श्री वासु पूज्यजिनेन्द्राय नम।

सर्व शांतिं कुरु कुरु स्वाहा।

मम (..अपना नाम ) दुष्ट ग्रह रोग कष्ट निवारणं सर्व शांतिं कुरू कुरू हूँ फट् स्वाहा।

मंगल–शीघ्र फलदायी

भूमिपुत्रो महातेजा जगतां भयकृत् सदा।

वृष्टि कृद् वृष्टि हर्ता च पीडां हरतु में कुज: ।।

अर्थ-भूमि के पुत्र महान् तेजस्वी ,जगत् को भय प्रदान करने वाले, वृष्टि करने वाले

तथा वृष्टि का हरण करने वाले मंगल (ग्रहजन्य) मेरी पीड़ा का हरण करें ।। ब्रह्माण्डपुराण

वेद मन्त्र भौम-

ॐ अग्निमूर्धा दिव: ककुत्पति: पृथिव्या अयम्।

अपां रेतां सि जिन्वति।। (यजु. 312)

शाबर मन्त्र – (श्रद्धा आवश्यकशुद्धता सामान्य)
ll ओम गुरूजी मंगलवार मन कर बन्दा,जन्ममरण का कट जावे फन्दा।

जन्म मरण का भागे कार,तो गुरू पावूं मंगलवार। मंगलवार भारद्वाज गोत्र,रक्त वर्ण दस हजार जाप अवन्तिदेश।दक्षिण स्थान त्रिकोण मंडल तीन अंगुल,वृश्चिक मेष राशि के गुरू को नमस्कार।सत फिरे तो वाचा फिरे।पान फूल वासना सिंहासन धरै।तो इतरो काम मंगलवार जी महाराज करे। ओम फट् स्वाहा ll
=============================================

- यात्रारंभ पूर्व क्या खाना चाहिए- (विजय,सफलता पूर्वक वापसी घरके लिए )- रविवार को ताम्बूल, सोम को दूध,जल एवं दर्पण देखना, मंगल गुड़+धनिया,गरम दूध,मसूर, चर्वण, बुध कच्छा दूध,मिठाई गुरु को राई,केसर तिलक, दही,शुक्र दही, शनि को बायबिडिंग,+काले तिल;

*****************************************

जन्म राशी के अनुसार  किये जाने वाले कार्य-

विवाहे सर्वमांगल्ये यात्रादौ ग्रह गोचरे।

जन्मराशेः प्रधानत्वं नामराशि च चिन्तयेत्।।

विद्यारम्भे विवाहे च सर्व संस्कार कर्मषु।
जन्म राशिः प्रधानत्वं, नाम राशि व चिन्तयेत्।।

यात्रा,मंगल कार्य,पूजा,दान,निर्णय,महत्वपूर्ण प्रपत्र पर हस्ताक्षर ,मीटिंग,दीर्घकालिक कार्य,शापिंग, विद्या , विवाह, यज्ञोपवीत ,संस्कार,आदि,

भविष्य प्रचलित नाम के अनुसार  किये जाने वाले कार्य-

-      -यात्रा,गृह,प्रवेश,व्यवहारिक-कार्य,ज्वाइनिंग,आवेदन,परामर्श देना,जोखिम,विवाद.

 

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By- Renowned Astrologer VK Tiwari – (Since 1972) –

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    📌 डॉ. एस. तिवारी📖 वैदिक ज्योतिष | Vedic Astrology
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    रत्न परामर्श | Gemstone Consultation
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गणेश विसृजन मुहूर्त आवश्यक मन्त्र एवं विधि

28 सितंबर गणेश विसर्जन मुहूर्त आवश्यक मन्त्र एवं विधि किसी भी कार्य को पूर्णता प्रदान करने के लिए जिस प्रकार उसका प्रारंभ किया जाता है समापन भी किया जाना उद्देश्य होता है। गणेश जी की स्थापना पार्थिव पार्थिव (मिटटीएवं जल   तत्व निर्मित)     स्वरूप में करने के पश्चात दिनांक 23 को उस पार्थिव स्वरूप का विसर्जन किया जाना ज्योतिष के आधार पर सुयोग है। किसी कार्य करने के पश्चात उसके परिणाम शुभ , सुखद , हर्षद एवं सफलता प्रदायक हो यह एक सामान्य उद्देश्य होता है।किसी भी प्रकार की बाधा व्यवधान या अनिश्ट ना हो। ज्योतिष के आधार पर लग्न को श्रेष्ठता प्रदान की गई है | होरा मुहूर्त सर्वश्रेष्ठ माना गया है।     गणेश जी का संबंध बुधवार दिन अथवा बुद्धि से ज्ञान से जुड़ा हुआ है। विद्यार्थियों प्रतियोगियों एवं बुद्धि एवं ज्ञान में रूचि है , ऐसे लोगों के लिए बुध की होरा श्रेष्ठ होगी तथा उच्च पद , गरिमा , गुरुता , बड़प्पन , ज्ञान , निर्णय दक्षता में वृद्धि के लिए गुरु की हो रहा श्रेष्ठ होगी | इसके साथ ही जल में विसर्जन कार्य होता है अतः चंद्र की होरा सामा...

श्राद्ध रहस्य - श्राद्ध क्यों करे ? कब श्राद्ध नहीं करे ? पिंड रहित श्राद्ध ?

श्राद्ध रहस्य - क्यों करे , न करे ? पिंड रहित , महालय ? किसी भी कर्म का पूर्ण फल विधि सहित करने पर ही मिलता है | * श्राद्ध में गाय का ही दूध प्रयोग करे |( विष्णु पुराण ) | श्राद्ध भोजन में तिल अवश्य प्रयोग करे | श्राद्ध अपरिहार्य है क्योकि - श्राद्ध अपरिहार्य - अश्वनी माह के कृष्ण पक्ष तक पितर अत्यंत अपेक्षा से कष्ट की   स्थिति में जल , तिल की अपनी संतान से , प्रतिदिन आशा रखते है | अन्यथा दुखी होकर श्राप देकर चले जाते हैं | श्राद्ध अपरिहार्य है क्योकि इसको नहीं करने से पीढ़ी दर पीढ़ी संतान मंद बुद्धि , दिव्यांगता .मानसिक रोग होते है | हेमाद्रि ग्रन्थ - आषाढ़ माह पूर्णिमा से /कन्या के सूर्य के समय एक दिन भी श्राद्ध कोई करता है तो , पितर एक वर्ष तक संतुष्ट/तृप्त रहते हैं | ( भद्र कृष्ण दूज को भरणी नक्षत्र , तृतीया को कृत्तिका नक्षत्र   या षष्ठी को रोहणी नक्षत्र या व्यतिपात मंगलवार को हो ये पिता को प्रिय योग है इस दिन व्रत , सूर्य पूजा , गौ दान गौ -दान श्रेष्ठ | - श्राद्ध का गया तुल्य फल- पितृपक्ष में मघा सूर्य की अष्टमी य त्रयोदशी को मघा नक्षत्र पर चंद्र ...

गणेश भगवान - पूजा मंत्र, आरती एवं विधि

सिद्धिविनायक विघ्नेश्वर गणेश भगवान की आरती। आरती  जय गणेश जय गणेश जय गणेश देवा।  माता जा की पार्वती ,पिता महादेवा । एकदंत दयावंत चार भुजा धारी।   मस्तक सिंदूर सोहे मूसे की सवारी | जय गणेश जय गणेश देवा।  अंधन को आँख  देत, कोढ़िन को काया । बांझन को पुत्र देत, निर्धन को माया । जय गणेश जय गणेश देवा।   हार चढ़े फूल चढ़े ओर चढ़े मेवा । लड्डूअन का  भोग लगे संत करें सेवा।   जय गणेश जय गणेश देवा।   दीनन की लाज रखो ,शम्भू पत्र वारो।   मनोरथ को पूरा करो।  जाए बलिहारी।   जय गणेश जय गणेश देवा। आहुति मंत्र -  ॐ अंगारकाय नमः श्री 108 आहूतियां देना विशेष शुभ होता है इसमें शुद्ध घी ही दुर्वा एवं काले तिल का विशेष महत्व है। अग्नि पुराण के अनुसार गायत्री-      मंत्र ओम महोत काय विद्महे वक्रतुंडाय धीमहि तन्नो दंती प्रचोदयात्। गणेश पूजन की सामग्री एक चौकिया पाटे  का प्रयोग करें । लाल वस्त्र या नारंगी वस्त्र उसपर बिछाएं। चावलों से 8पत्ती वाला कमल पुष्प स्वरूप बनाएं। गणेश पूजा में नार...

विवाह बाधा और परीक्षा में सफलता के लिए दुर्गा पूजा

विवाह में विलंब विवाह के लिए कात्यायनी पूजन । 10 oct - 18 oct विवाह में विलंब - षष्ठी - कात्यायनी पूजन । वैवाहिक सुखद जीवन अथवा विवाह बिलम्ब   या बाधा को समाप्त करने के लिए - दुर्गतिहारणी मां कात्यायनी की शरण लीजिये | प्रतिपदा के दिन कलश स्थापना के समय , संकल्प में अपना नाम गोत्र स्थान बोलने के पश्चात् अपने विवाह की याचना , प्रार्थना कीजिये | वैवाहिक सुखद जीवन अथवा विवाह बिलम्ब   या बाधा को समाप्त करने के लिए प्रति दिन प्रातः सूर्योदय से प्रथम घंटे में या दोपहर ११ . ४० से १२ . ४० बजे के मध्य , कात्ययानी देवी का मन्त्र जाप करिये | १०८बार | उत्तर दिशा में मुँह हो , लाल वस्त्र हो जाप के समय | दीपक मौली या कलावे की वर्तिका हो | वर्तिका उत्तर दिशा की और हो | गाय का शुद्ध घी श्रेष्ठ अथवा तिल ( बाधा नाशक + महुआ ( सौभाग्य ) तैल मिला कर प्रयोग करे मां भागवती की कृपा से पूर्वजन्म जनितआपके दुर्योग एवं   व्यवधान समाप्त हो एवं   आपकी मनोकामना पूरी हो ऐसी शुभ कामना सहित || षष्ठी के दिन विशेष रूप से कात्यायनी के मन्त्र का २८ आहुति / १०८ आहुति हवन कर...

कलश पर नारियल रखने की शास्त्रोक्त विधि क्या है जानिए

हमे श्रद्धा विश्वास समर्पित प्रयास करने के बाद भी वांछित परिणाम नहीं मिलते हैं , क्योकि हिन्दू धर्म श्रेष्ठ कोटी का विज्ञान सम्मत है ।इसकी प्रक्रिया , विधि या तकनीक का पालन अनुसरण परमावश्यक है । नारियल का अधिकाधिक प्रयोग पुजा अर्चना मे होता है।नारियल रखने की विधि सुविधा की दृष्टि से प्रचलित होगई॥ मेरे ज्ञान  मे कलश मे उल्टा सीधा नारियल फसाकर रखने की विधि का प्रमाण अब तक नहीं आया | यदि कोई सुविज्ञ जानकारी रखते हो तो स्वागत है । नारियल को मोटा भाग पूजा करने वाले की ओर होना चाहिए। कलश पर नारियल रखने की प्रमाणिक विधि क्या है ? अधोमुखम शत्रु विवर्धनाए , उर्ध्वस्य वक्त्रं बहुरोग वृद्ध्यै प्राची मुखं वित्त्नाश्नाय , तस्माच्छुभम सम्मुख नारिकेलम अधोमुखम शत्रु विवर्धनाए कलश पर - नारियल का बड़ा हिस्सा नीचे मुख कर रखा जाए ( पतला हिस्सा पूछ वाला कलश के उपरी भाग पर रखा जाए ) तो उसे शत्रुओं की वृद्धि होती है * ( कार्य सफलता में बाधाएं आती है संघर्ष , अपयश , चिंता , हानि , सहज हैशत्रु या विरोधी तन , मन धन सर्व दृष्टि से घातक होते है ) उर्ध्वस्य वक्त्रं बहुरोग वृद्ध्यै कलश ...