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Horoscope –14April. Future Zodiac Signs (ENG/HINDI) 2026 ; Hidden Set back Control — Mystical Protection for a Better Day

 


Horoscope –14April. Future Zodiac Signs (ENG/HINDI) 2026 ; 

Hidden Set back Control — Mystical Protection for a Better Day

⭐ लेख का उपयोग — क्यों  कैसे (Why & How to Use)• MUST

1-कोई भी नई वस्तु (वस्त्र,आभूषणचूड़ीमेहंदी आदि) का प्रथम प्रयोग 
(Use any new item—clothes, broom, jewellery, bangles, mehndi etc.—only on an auspicious day for positive results.)

2 • नाम अक्षर अनुसार — 
(Act according to your name initial — problems will reduce.)

3MUST-• दानभोजनमंत्र— दोष शमन / सफलता वृद्धि हेतु दैनिक आवश्यक
Today’s Remedies Food ,Gift &Mantra —

 To control unexpected problems stress-Essential daily for reducing dosha and increasing success.)

 ⭐ • मंगलनाड़ीभकूट दोष - समस्या समाधान -(Contact invited for problem resolution.) शास्त्रीय नियम अनुसार लगभग 90% दोष अपवाद नियम से शमन/निरस्त होते हैं।

Mangal, Nadi, Bhakoot dosha — as per scriptures, about 90% doshas get neutralized through exception rules.

💠📧– Kundli Making, Palmist(hand picneeded) , Rare Muhurt & Vastu)📧 tiwaridixitastro@gmail.com | 📞 +91 9424446706 (Visit or Online Bangalore)

🔹 15 अप्रैल – 16 मई प्रभाव-13:56tak  |

१.      जिनके नाम इन अक्षरों से शुरू |

२.      Names starting with  First

३.     LArea(Country,City,Things,Company,) renowned Person;-
स (S), श (Sh), र (R) त, न (N), य (Y), ग (G), ह (H), द (D), V.क (K), घ (Gh), छ (Chh),
उत्तम माहसफलता, यश, सिद्धि,Power& Post
Excellent period – success, recognition, achievement

. जिनके नाम इन अक्षरों से शुरू | Names starting with:
(Kh) (A), (I), (J), (Th), (L), (Ch), (U), (Ea), (V), (B),N, (P), (O),
ईश्वर कृपा आवश्यकसुख, शांति, धन हेतु प्रयास करें

Need divine support – effort needed for peace & wealth


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🌘 Vaishakh Krishna Paksha | वैशाख कृष्ण पक्ष 🌘

कुम्भ राशि (Kumbh Rashi – Aquarius) | दिनमंगलवार (Tuesday) | तिथिद्वादशी (Dwadashi) | नक्षत्र – 16:00 तक

🔹 आज का संकेत (15:07 तक) | Today’s Indication (till 15:07)
दिन लगभग कल जैसा रहेगासामान्य कार्य, स्थिर परिणाम
Day will remain similar to yesterday — routine work, stable results

🔹 15:07 के बाद | After 15:07
14
अप्रैल लगभग 16:00 से पूर्वाभाद्रपद नक्षत्र का प्रभावमिश्रित से प्रगतिशील फल
From ~16:00 on 14 April, Purvabhadrapada Nakshatra influence — mixed to progressive results

🔹 मेष संक्रांति (14 अप्रैल) | Mesh Sankranti (14 April)
वरजित: नया कार्य आरम्भ, कुछ दान/भोजन में सावधानी
Avoid: starting new work, be cautious in food/donation
शुभ: गेहूं दान
Auspicious: wheat donation

🔹 14 अप्रैल – 15 मई प्रभाव | 14 April – 15 May Impact

. जिनके नाम इन अक्षरों से शुरू | Names starting withLArea,person,country,Things,Compaqny;-
स (S), श (Sh), र (R) त, न (N), य (Y), ग (G), ह (H), द (D), क (K), घ (Gh), छ (Chh),
उत्तम माहसफलता, यश, सिद्धि
Excellent period – success, recognition, achievement

. जिनके नाम इन अक्षरों से शुरू | Names starting with:
(Kh) (A), (I), (J), (Th), (L), (Ch), (U), (Ea), (V), (B), (P), (O),
ईश्वर कृपा आवश्यकसुख, शांति, धन हेतु प्रयास करें
Need divine support – effort needed for peace & wealth

. अन्य सभी अक्षर | All other letters
मिश्रित फलअंत में सफलता संभव
Mixed results – eventual success likely

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👗 CLOTHES & ORNAMENTS | वस्त्र-आभूषण पूर्वभाद्रपदायां वस्त्रधारणं कलहप्रदं स्मृतम्।
पूर्वाभाद्रपद में नए वस्त्र पहनना विवाद या कष्टकारक माना गया है।
Wearing new clothes in Purvabhadrapada Nakshatra may cause disputes or trouble.

जिन जन्म नक्षत्रों के लिए दिन रहेगा सुखद, शनिप्रसाद से युक्त व सफलता दायक

Auspicious Time: From 11:00 AM till the end of the night

🌸 जिन जन्म नक्षत्रों वालों का दिन रहेगा विशेष शुभ:
The following Janma Nakshatra-born individuals will experience a fortunate day:


1. भरणी (Bharani)
🔸 आज कार्यों में सफलता मिलेगी, धनलाभ के योग हैं।
-Success in tasks and chances of financial gain today.

2. रोहिणी (Rohini)
🔸 सम्मान प्राप्त होगा, परिवार में सुखद वातावरण रहेगा।
-You will receive respect and experience harmony in the family.

3. आर्द्रा (Ardra)
🔸 नई योजना फलेगी, प्रयासों में सफलता मिलेगी।
-New plans will bear fruit, and efforts will be successful.

4. पुष्य (Pushya)
🔸 व्यापार में लाभ, शनि कृपा से उन्नति संभव।
-Profits in business, progress possible due to Saturn’s blessings.

5. अश्लेषा (Ashlesha)
🔸 शत्रु पक्ष पर विजय, मनोबल में वृद्धि होगी।
-Victory over adversaries, enhanced morale.

6. पूर्वा फाल्गुनी (Purva Phalguni)
🔸 दाम्पत्य में सुख, सृजनात्मक कार्य में लाभ।
-Marital bliss and gains in creative pursuits.

7. हस्त (Hasta)
🔸 शनि कृपा से रुके कार्य पूर्ण होंगे।
-Stalled works will be completed with Saturn’s grace.

8. स्वाती (Swati)
🔸 यात्रा में सफलता, सामाजिक मान बढ़ेगा।
-Success in travel, rise in social standing.

9. अनुराधा (Anuradha)
🔸 गुरु व शनि अनुकूल, शिक्षा व करियर में उन्नति।
-Jupiter and Saturn are favorable; growth in education and career.

10. ज्येष्ठा (Jyeshtha)
🔸 परिश्रम का फल मिलेगा, वरिष्ठों से सहयोग।
-Hard work will pay off, support from seniors.

11. पूर्वाषाढा (Purva Ashadha)
🔸 साझेदारी में लाभ, प्रतिष्ठा में वृद्धि।
-Profits in partnerships, increase in reputation.

12. श्रवण (Shravana)
🔸 धार्मिक कार्यों में मन, नई जिम्मेदारियाँ मिलेंगी।
-Inclination toward religious work; new responsibilities ahead.

13. शतभिषा (Shatabhisha)
🔸 मानसिक शांति मिलेगी, स्वास्थ्य सुधरेगा।
-Mental peace and health improvement.

14. उत्तर भाद्रपद (Uttara Bhadrapada)
🔸 शनि कृपा से अचल संपत्ति में लाभ।
-Gains in immovable property due to Saturn’s grace.

15. रेवती (Revati)
🔸 संतान संबंधी सुख, कार्य में प्रशंसा।
-Joy from children and praise in professional work.

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🔮 आज का राशिफल | Today's Horoscope

मेष (Aries) – (चू, चे, चो, ला, ली, लू, ले, लो, अ)

🔹 आज का दिन विशेष शुभ रहेगा। (Today will be especially auspicious.)
🔹 व्यापारिक लाभ उत्तम रहेगा, जनसंपर्क में वृद्धि होगी। (Business profits will be good, networking will increase.)
🔹 रोजगार में अनुकूल स्थिति बनेगी, सफलता के योग हैं। (Favorable conditions in employment, chances of success.)

वृषभ (Taurus) – (, , , , वा, वी, वू, वे, वो)

🔹 समाजसेवा व प्रशासनिक कार्यों में सफलता मिलेगी। (Success in social service & administrative work.)
🔹 आज नए कार्यों की शुरुआत से बचें। (Avoid starting new tasks today.)
🔹 आर्थिक स्थिति अच्छी रहेगी, राजनीति में सफलता मिलेगी। (Financial stability & political success are indicated.)

मिथुन (Gemini) – (का, की, कू, , , , के, को, ह)

🔹 कार्यक्षेत्र में अनुकूलता रहेगी, लेकिन पारिवारिक तनाव हो सकता है। (Favorable work conditions, but family stress.)
🔹 मित्र अपने वचन को पूरा नहीं कर पाएंगे। (Friends may not keep their promises.)
🔹 धन का निवेश संभव है, लेकिन यात्रा टालना बेहतर रहेगा। (Investment possible, but avoid travel.)

कर्क (Cancer) – (ही, हू, हे, हो, डा, डी, डू, डे, डो)

🔹 कार्य की अधिकता के कारण थकान महसूस कर सकते हैं। (Work overload may cause fatigue.)
🔹 महत्वपूर्ण कार्यों में रुकावटें आ सकती हैं। (Obstacles in important work.)
🔹 यात्रा करने से बचें, स्वास्थ्य का ध्यान रखें। (Avoid travel, take care of health.)

सिंह (Leo) – (मा, मी, मू, मे, मो, टा, टी, टू, टे)

🔹 विरोधियों पर विजय मिलेगी, लेकिन पेट संबंधी समस्याएं हो सकती हैं। (Victory over opponents, but stomach issues possible.)
🔹 किसी नई योजना की शुरुआत कर सकते हैं। (Can start a new plan.)
🔹 आर्थिक स्थिति सामान्य रहेगी। (Financial condition will be stable.)

कन्या (Virgo) – (टो, , पी, पू, , , , पे, पो)

🔹 धन प्राप्ति के प्रबल योग हैं, रुका हुआ पैसा मिल सकता है। (Strong chances of money gain, pending payments may be received.)
🔹 प्रेम और दाम्पत्य जीवन सुखद रहेगा। (Love & married life will be pleasant.)
🔹 मानसिक शांति और संतोष की अनुभूति होगी। (Peace of mind and satisfaction.)

तुला (Libra) – (रा, री, रू, रे, रो, ता, ती, तू, ते)

🔹 पारिवारिक जीवन में तनाव रह सकता है, दांपत्य जीवन में वाद-विवाद से बचें।
(Family life may be stressful, avoid arguments in married life.)
🔹 रोजगार में जोखिम लेने से बचें, महत्वपूर्ण दस्तावेजों को ध्यान से पढ़ें।
(Avoid taking risks in employment, read important documents carefully.)
🔹 संतान को लेकर चिंता बढ़ सकती है, लेकिन धैर्य बनाए रखें।
(Concerns about children may increase, but stay patient.)

वृश्चिक (Scorpio) – (तो, ना, नी, नू, ने, नो, या, यी, यू)

🔹 स्वास्थ्य का ध्यान रखें, मानसिक तनाव हो सकता है।
(Take care of your health, mental stress is possible.)
🔹 विवादों से बचें, अहंकार को चोट लग सकती है।
(Avoid conflicts, your ego may get hurt.)
🔹 नई योजनाओं की शुरुआत करने से बचें, यात्रा स्थगित करना बेहतर रहेगा।
(Avoid starting new plans, postponing travel is advisable.)

धनु (Sagittarius) – (ये, यो, , भी, भू, , , , भे)

🔹 कार्य में सफलता मिलेगी, प्रतिष्ठा बढ़ेगी।
(Success in work, increase in reputation.)
🔹 भाइयों, सहकर्मियों और कनिष्ठ वर्ग से सहयोग मिलेगा।
(Support from brothers, colleagues, and juniors.)
🔹 कार्य सिद्ध होंगे, लेकिन आज का काम आज ही निपटाना उचित रहेगा।
(Tasks will be completed, but it's best to finish today's work today.)

मकर (Capricorn) – (भो, जा, जी, खी, खू, खे, खो, , गी)

🔹 खर्च बढ़ सकते हैं, धन निवेश करने से पहले सोच-विचार करें।
(Expenses may increase, think before investing money.)
🔹 परिवार से जुड़े दायित्व बढ़ सकते हैं, संतान की ओर से चिंता रहेगी।
(Family responsibilities may increase, concerns regarding children.)
🔹 विवादों से दूर रहें, अधिकारी वर्ग से संबंध अच्छे बनाए रखें।
(Stay away from disputes, maintain good relations with superiors.)

कुंभ (Aquarius) – (गू, गे, गो, सा, सी, सू, से, सो, दा)

🔹 जीवन में सकारात्मक परिवर्तन आएंगे, मनपसंद भोजन का आनंद मिलेगा।
(Positive changes in life, enjoy your favorite food.)
🔹 उत्तम वस्त्र और भौतिक सुख-सुविधाएं प्राप्त होंगी।
(Receive fine clothing and material comforts.)
🔹 परिवार और दाम्पत्य जीवन में खुशहाली रहेगी, सौभाग्य और सम्मान मिलेगा।
(Happiness in family and married life, good fortune, and respect.)

मीन (Pisces) – (दी, दू, , , , दे, दो, चा, ची)

🔹 आर्थिक स्थिति कमजोर रह सकती है, खर्चों पर नियंत्रण रखें।
(Financial situation may be weak, control expenses.)
🔹 ध्यान रखें, कोई बहुमूल्य वस्तु खो सकती है।
(Be careful, you may lose something valuable.)
🔹 स्वास्थ्य पर ध्यान दें, मानसिक अशांति हो सकती है।
(Take care of your health, mental unrest possible.)

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🔹 ज्योतिषीय उपाय (Astrological Remedies)16pm tak

🔴. यात्रा, कार्यारम्भ, निर्णय, विवाह आदि के लिए अशुभ प्रभाव (Inauspicious Nakshatra Influences):
यदि किसी व्यक्ति का जन्म निम्न नक्षत्रों में है, तो आज यात्रा, नया कार्य, निर्णय, यंत्र प्रयोग आदि वर्जित एवं बाधायुक्त होंगे पुनर्वसु (Punarvasu) के अंतिम चरण पुष्य (Pushya)  अश्लेषा (Ashlesha);आज विघ्न-बाधा, मानसिक चिंता व कार्य रुकावटों का संकेत है।
If a person is born in the following Nakshatras, today is considered inauspicious for travel, decision-making, new beginnings, or rituals Last quarter of PunarvasuPushyaAshlesha
Indicates obstacles, worries, and unsuccessful results.

Mantra):
🔸 "ॐ नमो भगवते वासुदेवाय"
🔸 "शान्ताकारं भुजगशयनं पद्मनाभं सुरेशं।
विश्वाधारं गगनसदृशं मेघवर्णं शुभाङ्गम्॥"

🔸 "त्वमेव प्रत्यक्षं तत्त्वमसि" (शुक्ल यजुर्वेद से)
Today is Varuthini Ekadashi, a highly auspicious day for worshipping Lord Vishnu.
The Ekadashi tithi ends at 2:32 PM, and the Moon is in Aquarius (Kumbha) with Purva Bhadrapada Nakshatra.
Day: Thursday – this combination is very meritorious for Vishnu worship.Vishnu Mantras for the day:
🔸 Om Namo Bhagavate Vasudevaya
🔸 Shantakaram Bhujagashayanam Padmanabham Suresham...
🔸 Tvameva Pratyakam Tattvamasi (from Shukla Yajurveda)

         शुभ मंत्र | Auspicious Mantras
📿 ॐ सदाशिवाय नम: (Om Sadashivaya Namah)
📿 ॐ साम्ब सदाशिवाय नम: (Om Samba Sadashivaya Namah)
📿 ॐ ऐं ह्रीं शिव गौरीमय ह्रीं ऐं ॐ: (Om Aim Hreem Shiva Gaurimay Hreem Aim Om)

        अनुकूल कार्य (Auspicious Activities)
लेखन, वास्तु, शिल्प कार्य, आमोद-प्रमोद, अस्त्र-शस्त्र धारण। (Writing, architecture, crafts, entertainment, weapons handling.)
🔥 युद्ध, प्रतियोगिता, निर्माण कार्य के लिए अनुकूल दिन। (Good day for battle, competitions, construction *+*+*+*+*+*+*+*+*+*+*+*+*+*+*+*+*+*+*+*+*+*+*+*+*+*+*+*+*+*+*+*+*+*+*+*+*+

सौभाग्य वृद्धि और ग्रह दोष शांति के उपाय

(Enhancing Fortune and Remedies for Planetary Doshas)

🍚 दान (Donations)

🧂 नमक दान करें।
Donate salt.


🥗 लाभकारी आहार (Beneficial Foods)

  • कस्तूरी (Musk)इलायची (Cardamom)मूंग (Mung Beans)चावल (Rice)
  • करैला (Bitter Gourd)मूल वाली सब्जियाँ (Root Vegetables)शकरकंद (Sweet Potatoes)

🚫 परहेज करें (Avoid Foods)

  • हरी सब्जियाँ (Green Vegetables)
  • मूंग दाल (Mung Dal)
  • खीर (Kheer - Sweet Rice Pudding)

📿 धनिष्ठा मंत्र (Dhanishta Mantra)
ॐ वसो:पवित्रम असि शतधारं वसो: पवित्रम असि सहत्रधारम।
देवस्त्वा सविता पुनातु वसो: पवित्रेण शतधारेण सुप्वाकामधुक्षः।
Om Vaso: Pavitram Asi Shatadhaaram Vaso: Pavitram Asi Sahasradharam.
Devastva Savita Punaatu Vaso: Pavitrena Shatadhaarena Supvaakaamadhukshah.


📿 नक्षत्र देवता मंत्र (Nakshatra Devata Mantra)
ॐ वसुभ्यो नमः।
Om Vasubhyo Namah.

📿 पौराणिक मंत्र (Pauranik Mantra)
श्राविष्ठा देवतांम वंदे वसुन्वरधर आश्रिताम्।
शंख चक्रांम अकितरां किरीटांम अकित मस्तकाम्।
Shravishta Devataam Vande Vasunvaradhara Aashritaam.
Shankha Chakram Akitaram Kiritam Akita Mastakam.


📿 नक्षत्र मंत्र (Nakshatra Mantra)
ॐ धनिष्ठायै नमः।
Om Dhanishtayai Namah.


🕉 विशेष सुझाव (Special Suggestions)

नए कार्यों की शुरुआत के लिए उत्तम समय।
An excellent time to start new ventures.
दान-पुण्य से नकारात्मक प्रभाव कम होंगे।
Donations will help reduce negative influences.
ब्राह्मणों का सम्मान और सेवा करें।
Respect and serve Brahmins for better planetary harmony.


14april -Evening time and 15april 15:17pm tak

यह उपाय और मंत्र आपको सौभाग्य वृद्धि एवं ग्रह दोष शांति में सहायता करेंगे। 🙏

🔷 शुभ स्पर्श: गला – “अं अमृतेश्वराय नमः कण्ठे” (Throat)
🔷 वर्जनीय स्पर्श: नेत्र (Eyes)
🔷 वर्जित फल/फूल: कांटे वाले, रक्त पुष्प (Thorny or Red Flowers)
🔷 वर्जित अन्न/सब्जी: तामसिक भोजन (Heavy/Tamasic food)
🔷 वर्जित कार्य: क्रोध, व्यभिचार (Anger, Adultery)
🔷 देवता: रुद्र (Rudra)
🔷 मंत्र: नमः शिवाय
🔷 व्रत/हवन: शुद्धि सुरक्षा हेतु (For Purification & Protection)
🔷 वस्त्र रंग: 🟤 भूरा यासफेद (Brown or White)

जैन धर्म मंत्र-

1.नवग्रह मंत्र -"ओम आसिया उसाय नमः" ।

नवग्रह अरिष्ट निवाकर विधान ।।

जल गंध सुमन अखण्ड तन्दुल, चरू सुदीप सुधूपकं।
फल द्रव्य दुध दही सुमिश्रित, अर्घ देय अनूपकं।।
रवि सोम भूमिज सैम्य गुरू कवि, शनि नमो पूतके तवै।
पूजिये चैंविस जिन राज ग्रहारिष्ट नाशन हेतवै।।

ऊँ ह्मीं सर्वग्रह अनिष्टनिवारक श्रीचतुर्विंशति तीर्थंकर जिनेन्द्राय अर्घं निः स्वाहा।

-ऊँ ह्रीं णमो अरिहंताणं।.

-वासु पूज्यस्य नाम्ना शांति जयश्रियम,

रंक्षा कुरु धरासूनों अशुभोपि शुभो भव: ।

3।ऊँ ह्रीं णमो सिद्धाणं ।

4।शांति मंत्र- ऊँ ह्रीं श्रीं अर्हम

5।श्री वासुपूज्य स्वामिने नमः मम मंगल ग्रह शांति कुरु कुरु स्वाहा।

ऊँ नमोर्हते भवते श्रीमते वासुपूज्यर्तीािंकराय षण्मुख्यक्ष गांधारी यक्षी सहिताय ऊँ आं क्रौं ह्रीं ह्यः कुज महाग्रह! मम  (...................) दुष्ट ग्रह रोग कष्ट निवारणं सर्व शांतिं कुरू कुरू हूँ फट् स्वाहा। (10000 जाप्य)

)ऊँ ह्रीं अर्हं मंगल ग्रहा अरिष्ट निवारक-श्री पद्मप्रभ जिनेन्द्राय नमः सर्व शांतिं कुरू कुरू स्वाहा।

या  -ऊँ ह्रीं णमो सिद्धाणं।

केतु-pratah केतु ग्रह

कुमकुम व लाल फूलों से –puja

केतु -

1 जैन धर्म मंत्र-

नवग्रह मंत्र -"ओम आसिया उसाय नमः" ।

अनार के फूल या पत्तों से -

2सप्त राशिश्च केतो श्री मल्लिप आचयों नाम्ना शांति

च तुष्टि च रक्षां कुरु जयश्रियम,

3“ऊं ह्रीं णमो सव्‍वसाहूणं

4.शांति -मंत्र ऊं ह्रीं पार्श्‍वनाथ प्रभो नमस्‍तुभ्‍यं मम शांति: शांति:

5।अरिहंत सिद्धाचार्य पाठक, साधु त्रिभुवन-वंद्य हैं |

जिनधर्म जिन-आगम जिनेश्वर, मूर्ति जिनगृह वंद्य हैं ||

5-ऊँ ह्रीं अर्हं केतु ग्रहा अरिष्ट निवारक

-श्री पद्मप्रभ जिनेन्द्राय नमः सर्व शांतिं कुरू कुरू स्वाहा।

-ऊँ ह्रीं णमो सव्वसाहूणं (

ऊँ नमोऽर्हते भवते श्रीमते पाश्र्वनाथ तीर्थंकराय धरणेन्द्र यक्ष पद्मावती-यक्षी सहिताय ऊँ आं क्रौं ह्रीं ह्यः केतु महाग्रह! मम (...................) दुष्ट ग्रह रोग कष्ट निवारणं सर्व शांतिं कुरू कुरू हूँ फट् स्वाहा। (

******************************************************

मंगल ग्रह गायत्री मंत्र पंचपाद-

(गायत्री मन्त्र पश्चात् गृहस्थ को आवश्यक है बोलना  -)

आपो ज्योति रस अमृतम |परो रजसे सावदोम  |

1 अङ्गारक, भौम, मङ्गल, कुज ॐ वीरध्वजाय विद्महे विघ्नहस्ताय धीमहि तन्नो भौमः प्रचोदयात् ॥

2 ॐ अङ्गारकाय विद्महे भूमिपालाय धीमहि तन्नः कुजः प्रचोदयात् ॥

आपो ज्योति रसोंमृतम ,परो रजसे सावदोम |

केतु

ॐ अश्वध्वजाय विद्महे शूलहस्ताय धीमहि तन्नः केतुः प्रचोदयात् ॥

ॐ क्रां क्रीं क्रौं सः भौमाय नमः|

जैन धर्म मंत्र-

ॐ ह्रीं णमो सिद्धाणं ।

ॐ ह्रीं मंगल ग्रहारिष्ट निवारक श्री वासु पूज्यजिनेन्द्राय नम।

सर्व शांतिं कुरु कुरु स्वाहा।

मम (..अपना नाम ) दुष्ट ग्रह रोग कष्ट निवारणं सर्व शांतिं कुरू कुरू हूँ फट् स्वाहा।

मंगल–शीघ्र फलदायी

भूमिपुत्रो महातेजा जगतां भयकृत् सदा।

वृष्टि कृद् वृष्टि हर्ता च पीडां हरतु में कुज: ।।

अर्थ-भूमि के पुत्र महान् तेजस्वी ,जगत् को भय प्रदान करने वाले, वृष्टि करने वाले

तथा वृष्टि का हरण करने वाले मंगल (ग्रहजन्य) मेरी पीड़ा का हरण करें ।। ब्रह्माण्डपुराण

वेद मन्त्र भौम-

ॐ अग्निमूर्धा दिव: ककुत्पति: पृथिव्या अयम्।

अपां रेतां सि जिन्वति।। (यजु. 312)

शाबर मन्त्र – (श्रद्धा आवश्यकशुद्धता सामान्य)
ll ओम गुरूजी मंगलवार मन कर बन्दा,जन्ममरण का कट जावे फन्दा।

जन्म मरण का भागे कार,तो गुरू पावूं मंगलवार। मंगलवार भारद्वाज गोत्र,रक्त वर्ण दस हजार जाप अवन्तिदेश।दक्षिण स्थान त्रिकोण मंडल तीन अंगुल,वृश्चिक मेष राशि के गुरू को नमस्कार।सत फिरे तो वाचा फिरे।पान फूल वासना सिंहासन धरै।तो इतरो काम मंगलवार जी महाराज करे। ओम फट् स्वाहा ll
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*****मनोकामना पूरक सरल मंत्रात्मक रामचरितमानस की चौपाईयाँ-       रामचरितमानस के एक एक शब्द को मंत्रमय आशुतोष भगवान् शिव ने बना दिया |इसलिए किसी भी प्रकार की समस्या के लिए सुन्दरकाण्ड या कार्य उद्देश्य के लिए लिखित चौपाई का सम्पुट लगा कर रामचरितमानस का पाठ करने से मनोकामना पूर्ण होती हैं | -सोमवार,बुधवार,गुरूवार,शुक्रवार शुक्ल पक्ष अथवा शुक्ल पक्ष दशमी से कृष्ण पक्ष पंचमी तक के काल में (चतुर्थी, चतुर्दशी तिथि छोड़कर )प्रारंभ करे -   वाराणसी में भगवान् शंकरजी ने मानस की चौपाइयों को मन्त्र-शक्ति प्रदान की है-इसलिये वाराणसी की ओर मुख करके शंकरजी को स्मरण कर  इनका सम्पुट लगा कर पढ़े या जप १०८ प्रतिदिन करते हैं तो ११वे दिन १०८आहुति दे | अष्टांग हवन सामग्री १॰ चन्दन का बुरादा , २॰ तिल , ३॰ शुद्ध घी , ४॰ चीनी , ५॰ अगर , ६॰ तगर , ७॰ कपूर , ८॰ शुद्ध केसर , ९॰ नागरमोथा , १०॰ पञ्चमेवा , ११॰ जौ और १२॰ चावल। १॰ विपत्ति-नाश - “ राजिव नयन धरें धनु सायक। भगत बिपति भंजन सुखदायक।। ” २॰ संकट-नाश - “ जौं प्रभु दीन दयालु कहावा। आरति हरन बेद जसु गावा।। जपहिं ना...

दुर्गा जी के अभिषेक पदार्थ विपत्तियों के विनाशक एक रहस्य | दुर्गा जी को अपनी समस्या समाधान केलिए क्या अर्पण करना चाहिए?

दुर्गा जी   के अभिषेक पदार्थ विपत्तियों   के विनाशक एक रहस्य | दुर्गा जी को अपनी समस्या समाधान केलिए क्या अर्पण करना चाहिए ? अभिषेक किस पदार्थ से करने पर हम किस मनोकामना को पूर्ण कर सकते हैं एवं आपत्ति विपत्ति से सुरक्षा कवच निर्माण कर सकते हैं | दुर्गा जी को अर्पित सामग्री का विशेष महत्व होता है | दुर्गा जी का अभिषेक या दुर्गा की मूर्ति पर किस पदार्थ को अर्पण करने के क्या लाभ होते हैं | दुर्गा जी शक्ति की देवी हैं शीघ्र पूजा या पूजा सामग्री अर्पण करने के शुभ अशुभ फल प्रदान करती हैं | 1- दुर्गा जी को सुगंधित द्रव्य अर्थात ऐसे पदार्थ ऐसे पुष्प जिनमें सुगंध हो उनको अर्पित करने से पारिवारिक सुख शांति एवं मनोबल में वृद्धि होती है | 2- दूध से दुर्गा जी का अभिषेक करने पर कार्यों में सफलता एवं मन में प्रसन्नता बढ़ती है | 3- दही से दुर्गा जी की पूजा करने पर विघ्नों का नाश होता है | परेशानियों में कमी होती है | संभावित आपत्तियों का अवरोध होता है | संकट से व्यक्ति बाहर निकल पाता है | 4- घी के द्वारा अभिषेक करने पर सर्वसामान्य सुख एवं दांपत्य सुख में वृद्धि होती...

श्राद्ध:जानने योग्य महत्वपूर्ण बातें |

श्राद्ध क्या है ? “ श्रद्धया यत कृतं तात श्राद्धं | “ अर्थात श्रद्धा से किया जाने वाला कर्म श्राद्ध है | अपने माता पिता एवं पूर्वजो की प्रसन्नता के लिए एवं उनके ऋण से मुक्ति की विधि है | श्राद्ध क्यों करना चाहिए   ? पितृ ऋण से मुक्ति के लिए श्राद्ध किया जाना अति आवश्यक है | श्राद्ध नहीं करने के कुपरिणाम ? यदि मानव योनी में समर्थ होते हुए भी हम अपने जन्मदाता के लिए कुछ नहीं करते हैं या जिन पूर्वज के हम अंश ( रक्त , जींस ) है , यदि उनका स्मरण या उनके निमित्त दान आदि नहीं करते हैं , तो उनकी आत्मा   को कष्ट होता है , वे रुष्ट होकर , अपने अंश्जो वंशजों को श्राप देते हैं | जो पीढ़ी दर पीढ़ी संतान में मंद बुद्धि से लेकर सभी प्रकार की प्रगति अवरुद्ध कर देते हैं | ज्योतिष में इस प्रकार के अनेक शाप योग हैं |   कब , क्यों श्राद्ध किया जाना आवश्यक होता है   ? यदि हम   96  अवसर पर   श्राद्ध   नहीं कर सकते हैं तो कम से कम मित्रों के लिए पिता माता की वार्षिक तिथि पर यह अश्वनी मास जिसे क्वांर का माह    भी कहा ज...

श्राद्ध रहस्य प्रश्न शंका समाधान ,श्राद्ध : जानने योग्य महत्वपूर्ण तथ्य -कब,क्यों श्राद्ध करे?

संतान को विकलांगता, अल्पायु से बचाइए श्राद्ध - पितरों से वरदान लीजिये पंडित विजेंद्र कुमार तिवारी jyotish9999@gmail.com , 9424446706   श्राद्ध : जानने  योग्य   महत्वपूर्ण तथ्य -कब,क्यों श्राद्ध करे?  श्राद्ध से जुड़े हर सवाल का जवाब | पितृ दोष शांति? राहू, सर्प दोष शांति? श्रद्धा से श्राद्ध करिए  श्राद्ध कब करे? किसको भोजन हेतु बुलाएँ? पितृ दोष, राहू, सर्प दोष शांति? तर्पण? श्राद्ध क्या है? श्राद्ध नहीं करने के कुपरिणाम क्या संभावित है? श्राद्ध नहीं करने के कुपरिणाम क्या संभावित है? श्राद्ध की प्रक्रिया जटिल एवं सबके सामर्थ्य की नहीं है, कोई उपाय ? श्राद्ध कब से प्रारंभ होता है ? प्रथम श्राद्ध किसका होता है ? श्राद्ध, कृष्ण पक्ष में ही क्यों किया जाता है श्राद्ध किन२ शहरों में  किया जा सकता है ? क्या गया श्राद्ध सर्वोपरि है ? तिथि अमावस्या क्या है ?श्राद्द कार्य ,में इसका महत्व क्यों? कितने प्रकार के   श्राद्ध होते   हैं वर्ष में   कितने अवसर श्राद्ध के होते हैं? कब  श्राद्ध किया जाना...

गणेश विसृजन मुहूर्त आवश्यक मन्त्र एवं विधि

28 सितंबर गणेश विसर्जन मुहूर्त आवश्यक मन्त्र एवं विधि किसी भी कार्य को पूर्णता प्रदान करने के लिए जिस प्रकार उसका प्रारंभ किया जाता है समापन भी किया जाना उद्देश्य होता है। गणेश जी की स्थापना पार्थिव पार्थिव (मिटटीएवं जल   तत्व निर्मित)     स्वरूप में करने के पश्चात दिनांक 23 को उस पार्थिव स्वरूप का विसर्जन किया जाना ज्योतिष के आधार पर सुयोग है। किसी कार्य करने के पश्चात उसके परिणाम शुभ , सुखद , हर्षद एवं सफलता प्रदायक हो यह एक सामान्य उद्देश्य होता है।किसी भी प्रकार की बाधा व्यवधान या अनिश्ट ना हो। ज्योतिष के आधार पर लग्न को श्रेष्ठता प्रदान की गई है | होरा मुहूर्त सर्वश्रेष्ठ माना गया है।     गणेश जी का संबंध बुधवार दिन अथवा बुद्धि से ज्ञान से जुड़ा हुआ है। विद्यार्थियों प्रतियोगियों एवं बुद्धि एवं ज्ञान में रूचि है , ऐसे लोगों के लिए बुध की होरा श्रेष्ठ होगी तथा उच्च पद , गरिमा , गुरुता , बड़प्पन , ज्ञान , निर्णय दक्षता में वृद्धि के लिए गुरु की हो रहा श्रेष्ठ होगी | इसके साथ ही जल में विसर्जन कार्य होता है अतः चंद्र की होरा सामा...

श्राद्ध रहस्य - श्राद्ध क्यों करे ? कब श्राद्ध नहीं करे ? पिंड रहित श्राद्ध ?

श्राद्ध रहस्य - क्यों करे , न करे ? पिंड रहित , महालय ? किसी भी कर्म का पूर्ण फल विधि सहित करने पर ही मिलता है | * श्राद्ध में गाय का ही दूध प्रयोग करे |( विष्णु पुराण ) | श्राद्ध भोजन में तिल अवश्य प्रयोग करे | श्राद्ध अपरिहार्य है क्योकि - श्राद्ध अपरिहार्य - अश्वनी माह के कृष्ण पक्ष तक पितर अत्यंत अपेक्षा से कष्ट की   स्थिति में जल , तिल की अपनी संतान से , प्रतिदिन आशा रखते है | अन्यथा दुखी होकर श्राप देकर चले जाते हैं | श्राद्ध अपरिहार्य है क्योकि इसको नहीं करने से पीढ़ी दर पीढ़ी संतान मंद बुद्धि , दिव्यांगता .मानसिक रोग होते है | हेमाद्रि ग्रन्थ - आषाढ़ माह पूर्णिमा से /कन्या के सूर्य के समय एक दिन भी श्राद्ध कोई करता है तो , पितर एक वर्ष तक संतुष्ट/तृप्त रहते हैं | ( भद्र कृष्ण दूज को भरणी नक्षत्र , तृतीया को कृत्तिका नक्षत्र   या षष्ठी को रोहणी नक्षत्र या व्यतिपात मंगलवार को हो ये पिता को प्रिय योग है इस दिन व्रत , सूर्य पूजा , गौ दान गौ -दान श्रेष्ठ | - श्राद्ध का गया तुल्य फल- पितृपक्ष में मघा सूर्य की अष्टमी य त्रयोदशी को मघा नक्षत्र पर चंद्र ...

गणेश भगवान - पूजा मंत्र, आरती एवं विधि

सिद्धिविनायक विघ्नेश्वर गणेश भगवान की आरती। आरती  जय गणेश जय गणेश जय गणेश देवा।  माता जा की पार्वती ,पिता महादेवा । एकदंत दयावंत चार भुजा धारी।   मस्तक सिंदूर सोहे मूसे की सवारी | जय गणेश जय गणेश देवा।  अंधन को आँख  देत, कोढ़िन को काया । बांझन को पुत्र देत, निर्धन को माया । जय गणेश जय गणेश देवा।   हार चढ़े फूल चढ़े ओर चढ़े मेवा । लड्डूअन का  भोग लगे संत करें सेवा।   जय गणेश जय गणेश देवा।   दीनन की लाज रखो ,शम्भू पत्र वारो।   मनोरथ को पूरा करो।  जाए बलिहारी।   जय गणेश जय गणेश देवा। आहुति मंत्र -  ॐ अंगारकाय नमः श्री 108 आहूतियां देना विशेष शुभ होता है इसमें शुद्ध घी ही दुर्वा एवं काले तिल का विशेष महत्व है। अग्नि पुराण के अनुसार गायत्री-      मंत्र ओम महोत काय विद्महे वक्रतुंडाय धीमहि तन्नो दंती प्रचोदयात्। गणेश पूजन की सामग्री एक चौकिया पाटे  का प्रयोग करें । लाल वस्त्र या नारंगी वस्त्र उसपर बिछाएं। चावलों से 8पत्ती वाला कमल पुष्प स्वरूप बनाएं। गणेश पूजा में नार...

विवाह बाधा और परीक्षा में सफलता के लिए दुर्गा पूजा

विवाह में विलंब विवाह के लिए कात्यायनी पूजन । 10 oct - 18 oct विवाह में विलंब - षष्ठी - कात्यायनी पूजन । वैवाहिक सुखद जीवन अथवा विवाह बिलम्ब   या बाधा को समाप्त करने के लिए - दुर्गतिहारणी मां कात्यायनी की शरण लीजिये | प्रतिपदा के दिन कलश स्थापना के समय , संकल्प में अपना नाम गोत्र स्थान बोलने के पश्चात् अपने विवाह की याचना , प्रार्थना कीजिये | वैवाहिक सुखद जीवन अथवा विवाह बिलम्ब   या बाधा को समाप्त करने के लिए प्रति दिन प्रातः सूर्योदय से प्रथम घंटे में या दोपहर ११ . ४० से १२ . ४० बजे के मध्य , कात्ययानी देवी का मन्त्र जाप करिये | १०८बार | उत्तर दिशा में मुँह हो , लाल वस्त्र हो जाप के समय | दीपक मौली या कलावे की वर्तिका हो | वर्तिका उत्तर दिशा की और हो | गाय का शुद्ध घी श्रेष्ठ अथवा तिल ( बाधा नाशक + महुआ ( सौभाग्य ) तैल मिला कर प्रयोग करे मां भागवती की कृपा से पूर्वजन्म जनितआपके दुर्योग एवं   व्यवधान समाप्त हो एवं   आपकी मनोकामना पूरी हो ऐसी शुभ कामना सहित || षष्ठी के दिन विशेष रूप से कात्यायनी के मन्त्र का २८ आहुति / १०८ आहुति हवन कर...

कलश पर नारियल रखने की शास्त्रोक्त विधि क्या है जानिए

हमे श्रद्धा विश्वास समर्पित प्रयास करने के बाद भी वांछित परिणाम नहीं मिलते हैं , क्योकि हिन्दू धर्म श्रेष्ठ कोटी का विज्ञान सम्मत है ।इसकी प्रक्रिया , विधि या तकनीक का पालन अनुसरण परमावश्यक है । नारियल का अधिकाधिक प्रयोग पुजा अर्चना मे होता है।नारियल रखने की विधि सुविधा की दृष्टि से प्रचलित होगई॥ मेरे ज्ञान  मे कलश मे उल्टा सीधा नारियल फसाकर रखने की विधि का प्रमाण अब तक नहीं आया | यदि कोई सुविज्ञ जानकारी रखते हो तो स्वागत है । नारियल को मोटा भाग पूजा करने वाले की ओर होना चाहिए। कलश पर नारियल रखने की प्रमाणिक विधि क्या है ? अधोमुखम शत्रु विवर्धनाए , उर्ध्वस्य वक्त्रं बहुरोग वृद्ध्यै प्राची मुखं वित्त्नाश्नाय , तस्माच्छुभम सम्मुख नारिकेलम अधोमुखम शत्रु विवर्धनाए कलश पर - नारियल का बड़ा हिस्सा नीचे मुख कर रखा जाए ( पतला हिस्सा पूछ वाला कलश के उपरी भाग पर रखा जाए ) तो उसे शत्रुओं की वृद्धि होती है * ( कार्य सफलता में बाधाएं आती है संघर्ष , अपयश , चिंता , हानि , सहज हैशत्रु या विरोधी तन , मन धन सर्व दृष्टि से घातक होते है ) उर्ध्वस्य वक्त्रं बहुरोग वृद्ध्यै कलश ...