सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

Horoscope –20April. Future Zodiac Signs (ENG/HINDI) ; Hidden Set back Control — Mystical Protection for a Better Day

 

Horoscope –20April. Future Zodiac Signs (ENG/HINDI) ; Hidden Set back Control — Mystical Protection for a Better Day

(By-V.k.Tiwari,(Astro-Palmist& Vastu)-9424446706;

.Dr.S.Tiwari (Vedik jyotish)& Dr.R.Dixit(Vastu)   & 

Jayesh Shastri (Jyotish evm Karmkand Viseheshya)-9638810101)

*********************************************************

1-   https://ptvktiwari.blogspot.com/2026/03/horoscope-all-zodiac-signs-bilingual_13.html    (published 13.3.2026)

- - मार्च 2026 से मार्च 2027 तक - आपको दैनिक घटनाओं पर दृष्टिपात करना चाहिए।

March 2026 to March 2027 - you should observe daily events.

भारत या विश्व में होने वाली अधिकांश घटनाएँ-

 उन व्यक्तियों, स्थानों (देश, नगर, कंपनियाँ, केंद्र, वस्तुएँ) को प्रभावित करेंगी जिनका शुभ-अशुभ प्रभाव इस लेख में उल्लेख है।
Most events occurring in India or the world will affect those individuals, places (countries, cities, companies, centers, objects) whose auspicious or inauspicious influence is mentioned in this article.

 (Defame-T, A,M../ fame-S.R.V)

(नामों का प्रभाव - (जन्म राशि का नाम होना आवश्यक नहीं)
The influence of names is due to planets (it is not necessary for the name to match the birth zodiac sign).

********************************************************

🌘 VAISHAKH SHUKLA PAKSHA — SURYA PUJA MANTRA

आर्यम्णे नमः

📅 BASIC DETAILS
Vaishakh Krishna Paksha | Day – Monday
वैशाख कृष्ण पक्ष | दिनसोमवार

📍 TITHI
Till 07:33 – Tritiya (Akshaya Tritiya Festival)
07:33
तकतृतीया (अक्षय तृतीया पर्व)

Akshaya Daan; From Sunrise to 14:14 – Special Punya Kaal, Success in All Works
अक्षय दान; सूर्योदय से 14:14 तकविशेष पुण्य काल, सभी कार्यों में सफलता

Shubh Time Slots (Auspicious Timings):
09:40–11:00
11:40–13:10
16:40–17:40
20:40–22:10

After 07:33 – Chaturthi Begins | Shri Vinayak Ganesh Chaturthi Vrat
07:33
के बादचतुर्थी प्रारंभ | श्री विनायक गणेश चतुर्थी व्रत-Avoidable for all new work

Samaya – Shubh Safalta ka Lagn Muhurt (Auspicious Time for Success)
समयशुभ सफलता का लग्न मुहूर्त

For Long-Term Stability Works:
20:40–22:10
02:40–03:40
दीर्घकालीन स्थिरता के कार्य हेतु:
20:40–22:10
02:40–03:40

For Short-Term Works (Auspicious Time):
22:55–02:10
अल्पकालीन कार्य हेतु शुभ समय:
22:55–02:10

NAKSHATRA
Rohini
रोहिणी

For Makar Rashi – Avoid Travel & New Works; Daan, Puja, Chandra Puja, Ganesh Puja are Auspicious
Till 07:27A.M.-New Dress / Items Today (Clothes, Mehndi, Bangles, Ornaments) – Auspicious
नए वस्त्र / सामग्री (कपड़े, मेहंदी, चूड़ी, आभूषण) – शुभ-07:27AM tak ; 👗 आज नए वस्त्र और आभूषण धारण करने के प्रभाव (Effect of Wearing New Clothes & Jewelry Today):

जब भी आप भविष्य में इस वस्त्र या आभूषण को धारण करेंगे, तो व्यापार में लाभ, धन संचय, आय में वृद्धि, संपत्ति और वाहन से संबंधित सुख प्राप्त होंगे। (Whenever you wear this attire or jewelry in the future, you will gain profits in business, financial growth, increased income, and happiness related to property and vehicles.)

रोहिण्यां वस्त्रधारणं धनसमृद्धिकरं स्मृतम्।
* रोहिणी में नए वस्त्र पहनने से धन और समृद्धि की वृद्धि होती है।

 Fav colour today-(if suits)

Work auspicious time –MICRO TITHI

शुभसफेद, क्रीम, हल्का नीला
अशुभकाला, गहरा लाल

त्याज्य 07:27 – 09:12 ❌ Durga puja best ;

पूजा -09:10 – 12:25 ✅→ लगभग 18:45 – 20:00 ✅

दान 11:20 – 12:25 ✅→ 20:00 – 21:15 ✅

शुभ कार्य (भाग 7–10)13:30 – 17:30 ⭐ सबसे उपयुक्त

------------------------------------------------------------------------------

 

राशिफल (Horoscope)

तुला, कुम्भ, मिथुन: सुख में बाधा हो सकती है।

Libra, Aquarius, Gemini: There may be obstacles to happiness.

कर्क और सिंह: श्रेष्ठ दिन रहेगा।

Cancer and Leo: It will be an excellent day. नाम 📕 निम्न नक्षत्र में जन्म लेने वालों का दिन सुखद और अनुकूल होगा (People born under the following Nakshatras will have a favorable and pleasant day):

  • (भविष्य-यात्रा, नए कार्य, पूजा, शपथ, निर्माण, आवेदन, नीति निर्धारण, योजना निर्माण, उच्च अधिकारी से मिलना, दान, सभी मंगल शुभ कार्य, देव - देवी दर्शन, संधि, विवाह, बैंक सम्बंधित-नया लेखा, आदि दीर्घकालिक परिणाम वाले कार्य के उद्देश्य सफल होंगे।)
    (Future journeys, new ventures, worship, oaths, construction, applications, policy-making, planning, meeting high officials, donations, all auspicious works, deity visits, agreements, marriage, banking-related new accounts, and other long-term goal-oriented tasks will be successful.)

अनुकूल होगा (Favorable Nakshatras):

  • अश्विनी, कृत्तिका, मृगशिरा, आर्द्रा, पुष्य, मघा, उत्तराफाल्गुनी, चित्रा, स्वाती, अनुराधा, मूल, उत्तराषाढ़ा, धनिष्ठा, शतभिषा, उत्तर भाद्रपद
    (Ashwini, Krittika, Mrigashira, Ardra, Pushya, Magha, Uttaraphalguni, Chitra, Swati, Anuradha, Moola, Uttarashada, Dhanishta, Shatabhisha, Uttarabhadrapada.)


राशिफल (Horoscope) - विस्तृत विवरण

1. मेष राशि (Aries) – चु, चे, चो, ला, ली, लू, ले, लो,

सामान्य दृष्टिकोण: यह समय अत्यंत शुभकारी है। सफलता और इच्छाओं की पूर्ति होगी।
General Outlook: This period is highly auspicious. Success and fulfillment of desires are assured.

आर्थिक पक्ष: धन लाभ होगा। निवेश के अच्छे परिणाम मिलेंगे।
Financial Aspect: There will be financial gains. Investments will yield good results.

सामाजिक जीवन: संबंध मजबूत होंगे। सम्मान और प्रशंसा मिलेगी।
Social Life: Relationships will strengthen. Respect and appreciation will be received.

स्वास्थ्य: स्वास्थ्य अच्छा रहेगा। छोटी समस्याएं हल हो जाएंगी।
Health: Health will be good. Minor issues will be resolved easily.


2. वृष राशि (Taurus) – , , , , वा, वी, वू, वे, वो

सामान्य दृष्टिकोण: विलासिता और आनंद का समय।
General Outlook: A period of luxury and enjoyment.

आर्थिक पक्ष: आर्थिक स्थिरता बनी रहेगी। छोटे लाभ मिल सकते हैं।
Financial Aspect: Financial stability will be maintained. Small profits are likely.

सामाजिक जीवन: पुराने मित्रों से मुलाकात होगी। प्रेम जीवन सुखद रहेगा।
Social Life: Meetings with old friends. Love life will be pleasant.

स्वास्थ्य: अच्छा रहेगा। ऊर्जावान महसूस करेंगे।
Health: Good health. You will feel energetic.


3. मिथुन राशि (Gemini) – का, की, कु, , , , के, को, हा

सामान्य दृष्टिकोण: वित्तीय चुनौतियां हो सकती हैं। खर्चों पर नियंत्रण रखें।
General Outlook: Financial challenges may arise. Control expenses.

आर्थिक पक्ष: अप्रत्याशित खर्चे हो सकते हैं। जोखिम से बचें।
Financial Aspect: Unexpected expenses may arise. Avoid risks.

सामाजिक जीवन: विवादों से बचें।
Social Life: Avoid conflicts.

स्वास्थ्य: तनाव से बचें।
Health: Avoid stress.


4. कर्क राशि (Cancer) – ही, हू, हे, हो, डा, डी, डू, डे, डो

सामान्य दृष्टिकोण: सफलता का समय। मेहनत का फल मिलेगा।
General Outlook: A time for success. Hard work will be rewarded.

आर्थिक पक्ष: निवेश लाभकारी रहेंगे।
Financial Aspect: Investments will be profitable.

सामाजिक जीवन: पारिवारिक संबंध मजबूत होंगे।
Social Life: Family relationships will strengthen.

स्वास्थ्य: स्वास्थ्य अच्छा रहेगा।
Health: Good health.


5. सिंह राशि (Leo) – मा, मी, मू, मे, मो, टा, टी, टू, टे

सामान्य दृष्टिकोण: आत्मविश्वास बढ़ेगा। कार्यों में सफलता मिलेगी।
General Outlook: Confidence will increase. Success in tasks is assured.

आर्थिक पक्ष: आय के नए स्रोत बनेंगे।
Financial Aspect: New sources of income will emerge.

सामाजिक जीवन: सामाजिक प्रतिष्ठा बढ़ेगी।
Social Life: Social reputation will enhance.

स्वास्थ्य: मानसिक शांति बनी रहेगी।
Health: Mental peace will prevail.


6. कन्या राशि (Virgo) – ढो, पा, पी, पू, , , , पे, पो

सामान्य दृष्टिकोण: कार्यक्षेत्र में सफलता मिलेगी।
General Outlook: Success in the workplace.

आर्थिक पक्ष: निवेश करने से पहले सोच-विचार करें।
Financial Aspect: Think carefully before investing.

सामाजिक जीवन: मित्रों के साथ समय बिताएंगे।
Social Life: You will spend time with friends.

स्वास्थ्य: पेट संबंधी समस्याओं से बचें।
Health: Avoid digestive issues.


7. तुला राशि (Libra) – रा, री, रू, रे, रो, ता, ती, तू, ते

सामान्य दृष्टिकोण: नए अवसर मिलेंगे। आत्मविश्वास बढ़ेगा।
General Outlook: New opportunities will arise. Confidence will increase.

आर्थिक पक्ष: आय के स्रोत बढ़ सकते हैं।
Financial Aspect: Sources of income may increase.

सामाजिक जीवन: नए लोगों से संपर्क होगा।
Social Life: You will connect with new people.

स्वास्थ्य: ऊर्जा बनी रहेगी।
Health: Energy levels will be good.


8. वृश्चिक राशि (Scorpio) – तो, ना, नी, नू, ने, नो, या, यी, यू

सामान्य दृष्टिकोण: महत्वपूर्ण निर्णय लेने का समय।
General Outlook: A time to make important decisions.

आर्थिक पक्ष: खर्चों पर ध्यान दें।
Financial Aspect: Keep an eye on expenses.

सामाजिक जीवन: पारिवारिक विवादों से बचें।
Social Life: Avoid family disputes.

स्वास्थ्य: सतर्क रहें।
Health: Be cautious.


9. धनु राशि (Sagittarius) – ये, यो, भा, भी, भू, धा, फा, ढा, भे

सामान्य दृष्टिकोण: यात्रा के योग हैं।
General Outlook: Travel is on the cards.

आर्थिक पक्ष: लाभकारी समय रहेगा।
Financial Aspect: Profitable time ahead.

सामाजिक जीवन: परिवार के साथ समय बिताएं।
Social Life: Spend time with family.

स्वास्थ्य: संतुलित आहार लें।
Health: Maintain a balanced diet.


10. मकर राशि (Capricorn) – भो, जा, जी, खी, खू, खे, खो, गा, गी

सामान्य दृष्टिकोण: मेहनत का फल मिलेगा।
General Outlook: Hard work will pay off.

आर्थिक पक्ष: निवेश के अवसर मिलेंगे।
Financial Aspect: Investment opportunities will arise.

सामाजिक जीवन: पुराने दोस्त मिल सकते हैं।
Social Life: You may meet old friends.

स्वास्थ्य: तनाव से बचें।
Health: Avoid stress.


11. कुम्भ राशि (Aquarius) – गू, गे, गो, सा, सी, सू, से, सो, दा

सामान्य दृष्टिकोण: नवीन विचार आएंगे।
General Outlook: New ideas will come.

आर्थिक पक्ष: व्यय नियंत्रण में रखें।
Financial Aspect: Keep expenses under control.

सामाजिक जीवन: मित्रों का सहयोग मिलेगा।
Social Life: Friends will be supportive.

स्वास्थ्य: स्वास्थ्य पर ध्यान दें।
Health: Pay attention to health.


12. मीन राशि (Pisces) – दी, दू, , , , दे, दो, चा, ची

सामान्य दृष्टिकोण: शुभ समय रहेगा।
General Outlook: Auspicious time ahead.

आर्थिक पक्ष: लाभकारी दिन रहेगा।
Financial Aspect: Profitable day.

सामाजिक जीवन: परिवार का सहयोग मिलेगा।
Social Life: Family support will be there.

स्वास्थ्य: शरीर को आराम दें।
Health: Give rest to your body.

********************************************************************

REMEDY TO CONTRIL THE PROBLEMS_

प्रजापतीश्वतुर्बाहुः कमंडल्वक्षसूत्रधृत्। वराभयकरः शुध्दौ रोहिणी देवतास्तु मे॥
Prajāpatiśvaturbāhuḥ kamaṇḍalvakṣasūtradhṛt
varābhayakaraḥ śuddhau rohiṇī devatāstu me


ब्रम्हणे नमः। प्रजापतये नमः॥
Om Brahmaṇe Namaḥ
Om Prajāpataye Namaḥ

 


ब्रहमजज्ञानं प्रथमं पुरस्ताद्विसीमत: सूरुचोवेन आव:
Om Brahmajñānaṁ Prathamaṁ Purastādvisīmataḥ Sūruco Vena Āvaḥ

 

 

आज सुरक्षा और सफलता का उपाय

कार्य: जल कार्य, यज्ञ, संगीत, कृषि
वर्जित: होटल/रेस्टोरेंट आरम्भ
स्नान: तीर्थ जल + दूध + सफेद चंदन
दान: चावल, सफेद पुष्प
प्रस्थान पूर्व: खीर / दूध-चावल


Suitable Activities:
Conch, pearls, silver, water-related work, singing, yajna, agriculture, food service activities.
किये जाने वाले कार्य: शंख, मोती, चांदी, जल से संबंधित कार्य, गीत-संगीत, यज्ञ, कृषि, भोजन सेवा कार्य।

Avoid:
Opening hotel, restaurant or dhaba, starting a new recipe.
वर्जित कार्य: होटल, रेस्टोरेंट, ढाबा खोलना या नई रेसिपी शुरू करना।

Useful For:
Cancer sign or names starting with Ha, Da
विशेष उपयोगी: कर्क राशि या जिनका नाम , से शुरू होता है।

Remedy:
Bathe with holy water, panchagavya, milk, white sandalwood and cow urine mixed in water.
उपाय: स्नान जल में तीर्थ जल, पंचगव्य, दूध, सफेद चंदन और गोमूत्र मिलाकर स्नान करें।

Donation:
Rice, white flowers; donate water to a girl child, white cow or Shiva temple.
दान: चावल, सफेद पुष्प; जल दान कन्या, सफेद गाय या शिव मंदिर में करें।

Before Leaving:
Take kheer or milk-rice; see your face in a mirror.
प्रस्थान पूर्व: खीर या दूध-चावल लें; दर्पण में मुख देखकर निकलें।

TO DO – TO PREVENT UNEXPECTED PROBLEMSकरने योग्य – अनपेक्षित

समस्याओं का नियंत्रण

Touch: Head; Avoid: Knee

स्पर्श: शिर; वर्जित: घुटना

Direction: North; Avoid: West

दिशा: उत्तर; अशुभ: पश्चिम

Work: Obstacle removal

कार्य: विघ्न निवारण

Donation: Jaggery; Avoid: Alcohol

दान: गुड़; वर्जित: मदिरा

Food: Modak; Avoid: Sour food

भोजन: मोदक; वर्जित: खट्टा

Flower: Durva

पुष्प: दूर्वा

Color: Yellow

रंग: पीला

Mantra: Om Gam Ganapataye Namah

मंत्र: गं गणपतये नमः

Remedy: Ganesh worship

उपाय: गणेश पूजन

वृक्ष | Sacred Tree:
जामुन वृक्ष — Jamun Tree

तत्व स्पर्श | Element Touch:
पृथ्वी स्पर्श करें — Touch earth/soil

मंत्र | Mantra:
प्रजापतये नमः
Om Prajapataye Namah

पशु भोजन | Animal Feeding:
गाय को हरा चारा — Feed green grass to cow

देवता | Presiding Deity:
प्रजापति ब्रह्मा — Prajapati Brahma

🌿 जामुन वृक्ष पूजा मंत्र

वनस्पतये नमः
Om Vanaspataye Namah

क्या करें | What To Do
जल अर्पण करें — Offer water
कच्चा दूध अर्पित करें — Offer raw milk (थोड़ी मात्रा)
✅ 3
या 7 प्रदक्षिणा — Circumambulation
समृद्धि हेतु प्रार्थना — Pray for prosperity



🔹 15 अप्रैल – 16 मई प्रभाव-Month FUTURE

जिनके नाम इन अक्षरों से शुरू | Names starting with  First

१.      LArea(Country,City,Things,Company,) renowned Person;-
स (S), श (Sh), र (R) त, न (N), य (Y), ग (G), ह (H), द (D), V.क (K), घ (Gh), छ (Chh), उत्तम best 30daysसफलता, यश, सिद्धि,Power& Post
Excellent period – success, recognition, achievement

. जिनके नाम इन अक्षरों से शुरू | Names starting with: सुख, शांति, safteyहेतु प्रयास करें
(Kh) (A), T, (I), (J), (Th), (L), (Ch), (U), (Ea), (V), (B),N, (P), (O),
ईश्वर कृपा आवश्यकसुख, शांति, safteyहेतु प्रयास करें
Need divine support – effort needed for peace & Security

. अन्य सभी अक्षर | All other lettersमिश्रित फलअंत में सफलता संभवMixed results – eventual success likely

 

 

⭐ लेख का उपयोग —  कैसे (How to Use)• 

1-कोई भी नई वस्तु (वस्त्र,आभूषणचूड़ीमेहंदी आदि) का प्रथम प्रयोग 
(Use any new item—clothes, broom, jewellery, bangles, mehndi etc.—only on an auspicious day for positive results.)

2 • नाम अक्षर FUTURE — (Act according to your name initial — problems will reduce.)

3.MUST-• दानभोजनमंत्र— दोष शमन / सफलता वृद्धि हेतु दैनिक आवश्यक Today’s Remedies Food ,Gift &Mantra — To control unexpected problems stress-Essential daily for reducing dosha and increasing success.)

1• मंगलनाड़ीKundli match - समस्या समाधान -Contact invited for problem resolution.) शास्त्रीय नियम अनुसार लगभग 90% दोष अपवाद नियम से शमन/निरस्त होते हैं।2Mangal, Nadi, Bhakoot dosha — as per scriptures, about 90% doshas get neutralized through exception rules

टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

श्राद्ध की गूढ़ बाते ,किसकी श्राद्ध कब करे

श्राद्ध क्यों कैसे करे? पितृ दोष ,राहू ,सर्प दोष शांति ?तर्पण? विधि             श्राद्ध नामा - पंडित विजेंद्र कुमार तिवारी श्राद्ध कब नहीं करें :   १. मृत्यु के प्रथम वर्ष श्राद्ध नहीं करे ।   २. पूर्वान्ह में शुक्ल्पक्ष में रात्री में और अपने जन्मदिन में श्राद्ध नहीं करना चाहिए ।   ३. कुर्म पुराण के अनुसार जो व्यक्ति अग्नि विष आदि के द्वारा आत्महत्या करता है उसके निमित्त श्राद्ध नहीं तर्पण का विधान नहीं है । ४. चतुदर्शी तिथि की श्राद्ध नहीं करना चाहिए , इस तिथि को मृत्यु प्राप्त पितरों का श्राद्ध दूसरे दिन अमावस्या को करने का विधान है । ५. जिनके पितृ युद्ध में शस्त्र से मारे गए हों उनका श्राद्ध चतुर्दशी को करने से वे प्रसन्न होते हैं और परिवारजनों पर आशीर्वाद बनाए रखते हैं ।           श्राद्ध कब , क्या और कैसे करे जानने योग्य बाते           किस तिथि की श्राद्ध नहीं -  १. जिस तिथी को जिसकी मृत्यु हुई है , उस तिथि को ही श्राद्ध किया जाना चा...

रामचरितमानस की चौपाईयाँ-मनोकामना पूरक सरल मंत्रात्मक (ramayan)

*****मनोकामना पूरक सरल मंत्रात्मक रामचरितमानस की चौपाईयाँ-       रामचरितमानस के एक एक शब्द को मंत्रमय आशुतोष भगवान् शिव ने बना दिया |इसलिए किसी भी प्रकार की समस्या के लिए सुन्दरकाण्ड या कार्य उद्देश्य के लिए लिखित चौपाई का सम्पुट लगा कर रामचरितमानस का पाठ करने से मनोकामना पूर्ण होती हैं | -सोमवार,बुधवार,गुरूवार,शुक्रवार शुक्ल पक्ष अथवा शुक्ल पक्ष दशमी से कृष्ण पक्ष पंचमी तक के काल में (चतुर्थी, चतुर्दशी तिथि छोड़कर )प्रारंभ करे -   वाराणसी में भगवान् शंकरजी ने मानस की चौपाइयों को मन्त्र-शक्ति प्रदान की है-इसलिये वाराणसी की ओर मुख करके शंकरजी को स्मरण कर  इनका सम्पुट लगा कर पढ़े या जप १०८ प्रतिदिन करते हैं तो ११वे दिन १०८आहुति दे | अष्टांग हवन सामग्री १॰ चन्दन का बुरादा , २॰ तिल , ३॰ शुद्ध घी , ४॰ चीनी , ५॰ अगर , ६॰ तगर , ७॰ कपूर , ८॰ शुद्ध केसर , ९॰ नागरमोथा , १०॰ पञ्चमेवा , ११॰ जौ और १२॰ चावल। १॰ विपत्ति-नाश - “ राजिव नयन धरें धनु सायक। भगत बिपति भंजन सुखदायक।। ” २॰ संकट-नाश - “ जौं प्रभु दीन दयालु कहावा। आरति हरन बेद जसु गावा।। जपहिं ना...

दुर्गा जी के अभिषेक पदार्थ विपत्तियों के विनाशक एक रहस्य | दुर्गा जी को अपनी समस्या समाधान केलिए क्या अर्पण करना चाहिए?

दुर्गा जी   के अभिषेक पदार्थ विपत्तियों   के विनाशक एक रहस्य | दुर्गा जी को अपनी समस्या समाधान केलिए क्या अर्पण करना चाहिए ? अभिषेक किस पदार्थ से करने पर हम किस मनोकामना को पूर्ण कर सकते हैं एवं आपत्ति विपत्ति से सुरक्षा कवच निर्माण कर सकते हैं | दुर्गा जी को अर्पित सामग्री का विशेष महत्व होता है | दुर्गा जी का अभिषेक या दुर्गा की मूर्ति पर किस पदार्थ को अर्पण करने के क्या लाभ होते हैं | दुर्गा जी शक्ति की देवी हैं शीघ्र पूजा या पूजा सामग्री अर्पण करने के शुभ अशुभ फल प्रदान करती हैं | 1- दुर्गा जी को सुगंधित द्रव्य अर्थात ऐसे पदार्थ ऐसे पुष्प जिनमें सुगंध हो उनको अर्पित करने से पारिवारिक सुख शांति एवं मनोबल में वृद्धि होती है | 2- दूध से दुर्गा जी का अभिषेक करने पर कार्यों में सफलता एवं मन में प्रसन्नता बढ़ती है | 3- दही से दुर्गा जी की पूजा करने पर विघ्नों का नाश होता है | परेशानियों में कमी होती है | संभावित आपत्तियों का अवरोध होता है | संकट से व्यक्ति बाहर निकल पाता है | 4- घी के द्वारा अभिषेक करने पर सर्वसामान्य सुख एवं दांपत्य सुख में वृद्धि होती...

श्राद्ध:जानने योग्य महत्वपूर्ण बातें |

श्राद्ध क्या है ? “ श्रद्धया यत कृतं तात श्राद्धं | “ अर्थात श्रद्धा से किया जाने वाला कर्म श्राद्ध है | अपने माता पिता एवं पूर्वजो की प्रसन्नता के लिए एवं उनके ऋण से मुक्ति की विधि है | श्राद्ध क्यों करना चाहिए   ? पितृ ऋण से मुक्ति के लिए श्राद्ध किया जाना अति आवश्यक है | श्राद्ध नहीं करने के कुपरिणाम ? यदि मानव योनी में समर्थ होते हुए भी हम अपने जन्मदाता के लिए कुछ नहीं करते हैं या जिन पूर्वज के हम अंश ( रक्त , जींस ) है , यदि उनका स्मरण या उनके निमित्त दान आदि नहीं करते हैं , तो उनकी आत्मा   को कष्ट होता है , वे रुष्ट होकर , अपने अंश्जो वंशजों को श्राप देते हैं | जो पीढ़ी दर पीढ़ी संतान में मंद बुद्धि से लेकर सभी प्रकार की प्रगति अवरुद्ध कर देते हैं | ज्योतिष में इस प्रकार के अनेक शाप योग हैं |   कब , क्यों श्राद्ध किया जाना आवश्यक होता है   ? यदि हम   96  अवसर पर   श्राद्ध   नहीं कर सकते हैं तो कम से कम मित्रों के लिए पिता माता की वार्षिक तिथि पर यह अश्वनी मास जिसे क्वांर का माह    भी कहा ज...

श्राद्ध रहस्य प्रश्न शंका समाधान ,श्राद्ध : जानने योग्य महत्वपूर्ण तथ्य -कब,क्यों श्राद्ध करे?

संतान को विकलांगता, अल्पायु से बचाइए श्राद्ध - पितरों से वरदान लीजिये पंडित विजेंद्र कुमार तिवारी jyotish9999@gmail.com , 9424446706   श्राद्ध : जानने  योग्य   महत्वपूर्ण तथ्य -कब,क्यों श्राद्ध करे?  श्राद्ध से जुड़े हर सवाल का जवाब | पितृ दोष शांति? राहू, सर्प दोष शांति? श्रद्धा से श्राद्ध करिए  श्राद्ध कब करे? किसको भोजन हेतु बुलाएँ? पितृ दोष, राहू, सर्प दोष शांति? तर्पण? श्राद्ध क्या है? श्राद्ध नहीं करने के कुपरिणाम क्या संभावित है? श्राद्ध नहीं करने के कुपरिणाम क्या संभावित है? श्राद्ध की प्रक्रिया जटिल एवं सबके सामर्थ्य की नहीं है, कोई उपाय ? श्राद्ध कब से प्रारंभ होता है ? प्रथम श्राद्ध किसका होता है ? श्राद्ध, कृष्ण पक्ष में ही क्यों किया जाता है श्राद्ध किन२ शहरों में  किया जा सकता है ? क्या गया श्राद्ध सर्वोपरि है ? तिथि अमावस्या क्या है ?श्राद्द कार्य ,में इसका महत्व क्यों? कितने प्रकार के   श्राद्ध होते   हैं वर्ष में   कितने अवसर श्राद्ध के होते हैं? कब  श्राद्ध किया जाना...

गणेश विसृजन मुहूर्त आवश्यक मन्त्र एवं विधि

28 सितंबर गणेश विसर्जन मुहूर्त आवश्यक मन्त्र एवं विधि किसी भी कार्य को पूर्णता प्रदान करने के लिए जिस प्रकार उसका प्रारंभ किया जाता है समापन भी किया जाना उद्देश्य होता है। गणेश जी की स्थापना पार्थिव पार्थिव (मिटटीएवं जल   तत्व निर्मित)     स्वरूप में करने के पश्चात दिनांक 23 को उस पार्थिव स्वरूप का विसर्जन किया जाना ज्योतिष के आधार पर सुयोग है। किसी कार्य करने के पश्चात उसके परिणाम शुभ , सुखद , हर्षद एवं सफलता प्रदायक हो यह एक सामान्य उद्देश्य होता है।किसी भी प्रकार की बाधा व्यवधान या अनिश्ट ना हो। ज्योतिष के आधार पर लग्न को श्रेष्ठता प्रदान की गई है | होरा मुहूर्त सर्वश्रेष्ठ माना गया है।     गणेश जी का संबंध बुधवार दिन अथवा बुद्धि से ज्ञान से जुड़ा हुआ है। विद्यार्थियों प्रतियोगियों एवं बुद्धि एवं ज्ञान में रूचि है , ऐसे लोगों के लिए बुध की होरा श्रेष्ठ होगी तथा उच्च पद , गरिमा , गुरुता , बड़प्पन , ज्ञान , निर्णय दक्षता में वृद्धि के लिए गुरु की हो रहा श्रेष्ठ होगी | इसके साथ ही जल में विसर्जन कार्य होता है अतः चंद्र की होरा सामा...

श्राद्ध रहस्य - श्राद्ध क्यों करे ? कब श्राद्ध नहीं करे ? पिंड रहित श्राद्ध ?

श्राद्ध रहस्य - क्यों करे , न करे ? पिंड रहित , महालय ? किसी भी कर्म का पूर्ण फल विधि सहित करने पर ही मिलता है | * श्राद्ध में गाय का ही दूध प्रयोग करे |( विष्णु पुराण ) | श्राद्ध भोजन में तिल अवश्य प्रयोग करे | श्राद्ध अपरिहार्य है क्योकि - श्राद्ध अपरिहार्य - अश्वनी माह के कृष्ण पक्ष तक पितर अत्यंत अपेक्षा से कष्ट की   स्थिति में जल , तिल की अपनी संतान से , प्रतिदिन आशा रखते है | अन्यथा दुखी होकर श्राप देकर चले जाते हैं | श्राद्ध अपरिहार्य है क्योकि इसको नहीं करने से पीढ़ी दर पीढ़ी संतान मंद बुद्धि , दिव्यांगता .मानसिक रोग होते है | हेमाद्रि ग्रन्थ - आषाढ़ माह पूर्णिमा से /कन्या के सूर्य के समय एक दिन भी श्राद्ध कोई करता है तो , पितर एक वर्ष तक संतुष्ट/तृप्त रहते हैं | ( भद्र कृष्ण दूज को भरणी नक्षत्र , तृतीया को कृत्तिका नक्षत्र   या षष्ठी को रोहणी नक्षत्र या व्यतिपात मंगलवार को हो ये पिता को प्रिय योग है इस दिन व्रत , सूर्य पूजा , गौ दान गौ -दान श्रेष्ठ | - श्राद्ध का गया तुल्य फल- पितृपक्ष में मघा सूर्य की अष्टमी य त्रयोदशी को मघा नक्षत्र पर चंद्र ...

गणेश भगवान - पूजा मंत्र, आरती एवं विधि

सिद्धिविनायक विघ्नेश्वर गणेश भगवान की आरती। आरती  जय गणेश जय गणेश जय गणेश देवा।  माता जा की पार्वती ,पिता महादेवा । एकदंत दयावंत चार भुजा धारी।   मस्तक सिंदूर सोहे मूसे की सवारी | जय गणेश जय गणेश देवा।  अंधन को आँख  देत, कोढ़िन को काया । बांझन को पुत्र देत, निर्धन को माया । जय गणेश जय गणेश देवा।   हार चढ़े फूल चढ़े ओर चढ़े मेवा । लड्डूअन का  भोग लगे संत करें सेवा।   जय गणेश जय गणेश देवा।   दीनन की लाज रखो ,शम्भू पत्र वारो।   मनोरथ को पूरा करो।  जाए बलिहारी।   जय गणेश जय गणेश देवा। आहुति मंत्र -  ॐ अंगारकाय नमः श्री 108 आहूतियां देना विशेष शुभ होता है इसमें शुद्ध घी ही दुर्वा एवं काले तिल का विशेष महत्व है। अग्नि पुराण के अनुसार गायत्री-      मंत्र ओम महोत काय विद्महे वक्रतुंडाय धीमहि तन्नो दंती प्रचोदयात्। गणेश पूजन की सामग्री एक चौकिया पाटे  का प्रयोग करें । लाल वस्त्र या नारंगी वस्त्र उसपर बिछाएं। चावलों से 8पत्ती वाला कमल पुष्प स्वरूप बनाएं। गणेश पूजा में नार...

विवाह बाधा और परीक्षा में सफलता के लिए दुर्गा पूजा

विवाह में विलंब विवाह के लिए कात्यायनी पूजन । 10 oct - 18 oct विवाह में विलंब - षष्ठी - कात्यायनी पूजन । वैवाहिक सुखद जीवन अथवा विवाह बिलम्ब   या बाधा को समाप्त करने के लिए - दुर्गतिहारणी मां कात्यायनी की शरण लीजिये | प्रतिपदा के दिन कलश स्थापना के समय , संकल्प में अपना नाम गोत्र स्थान बोलने के पश्चात् अपने विवाह की याचना , प्रार्थना कीजिये | वैवाहिक सुखद जीवन अथवा विवाह बिलम्ब   या बाधा को समाप्त करने के लिए प्रति दिन प्रातः सूर्योदय से प्रथम घंटे में या दोपहर ११ . ४० से १२ . ४० बजे के मध्य , कात्ययानी देवी का मन्त्र जाप करिये | १०८बार | उत्तर दिशा में मुँह हो , लाल वस्त्र हो जाप के समय | दीपक मौली या कलावे की वर्तिका हो | वर्तिका उत्तर दिशा की और हो | गाय का शुद्ध घी श्रेष्ठ अथवा तिल ( बाधा नाशक + महुआ ( सौभाग्य ) तैल मिला कर प्रयोग करे मां भागवती की कृपा से पूर्वजन्म जनितआपके दुर्योग एवं   व्यवधान समाप्त हो एवं   आपकी मनोकामना पूरी हो ऐसी शुभ कामना सहित || षष्ठी के दिन विशेष रूप से कात्यायनी के मन्त्र का २८ आहुति / १०८ आहुति हवन कर...

कलश पर नारियल रखने की शास्त्रोक्त विधि क्या है जानिए

हमे श्रद्धा विश्वास समर्पित प्रयास करने के बाद भी वांछित परिणाम नहीं मिलते हैं , क्योकि हिन्दू धर्म श्रेष्ठ कोटी का विज्ञान सम्मत है ।इसकी प्रक्रिया , विधि या तकनीक का पालन अनुसरण परमावश्यक है । नारियल का अधिकाधिक प्रयोग पुजा अर्चना मे होता है।नारियल रखने की विधि सुविधा की दृष्टि से प्रचलित होगई॥ मेरे ज्ञान  मे कलश मे उल्टा सीधा नारियल फसाकर रखने की विधि का प्रमाण अब तक नहीं आया | यदि कोई सुविज्ञ जानकारी रखते हो तो स्वागत है । नारियल को मोटा भाग पूजा करने वाले की ओर होना चाहिए। कलश पर नारियल रखने की प्रमाणिक विधि क्या है ? अधोमुखम शत्रु विवर्धनाए , उर्ध्वस्य वक्त्रं बहुरोग वृद्ध्यै प्राची मुखं वित्त्नाश्नाय , तस्माच्छुभम सम्मुख नारिकेलम अधोमुखम शत्रु विवर्धनाए कलश पर - नारियल का बड़ा हिस्सा नीचे मुख कर रखा जाए ( पतला हिस्सा पूछ वाला कलश के उपरी भाग पर रखा जाए ) तो उसे शत्रुओं की वृद्धि होती है * ( कार्य सफलता में बाधाएं आती है संघर्ष , अपयश , चिंता , हानि , सहज हैशत्रु या विरोधी तन , मन धन सर्व दृष्टि से घातक होते है ) उर्ध्वस्य वक्त्रं बहुरोग वृद्ध्यै कलश ...