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Horoscope –16April. Future Zodiac Signs (ENG/HINDI) 2026 ; Tomorrow and monthly future— Mystical Protection for a Better Day


 
Horoscope –16April. Future Zodiac Signs (ENG/HINDI) 2026 ; 

Hidden Set back Control — Mystical Protection for a Better Day

https://ptvktiwari.blogspot.com/2026/03/2026-month-dates-unexpected-events.html

29.03.20262026-युद्ध-विराम - गोचर -समर्थित नहीं ?)

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⭐ लेख का उपयोग —  कैसे (How to Use)• 

1-कोई भी नई वस्तु (वस्त्र,आभूषणचूड़ीमेहंदी आदि) का प्रथम प्रयोग 
(Use any new item—clothes, broom, jewellery, bangles, mehndi etc.—only on an auspicious day for positive results.)

2 • नाम अक्षर FUTURE — (Act according to your name initial — problems will reduce.)

3.MUST-• दानभोजनमंत्र— दोष शमन / सफलता वृद्धि हेतु दैनिक आवश्यक Today’s Remedies Food ,Gift &Mantra — To control unexpected problems stress-Essential daily for reducing dosha and increasing success.)

1• मंगलनाड़ीKundli match - समस्या समाधान -Contact invited for problem resolution.) शास्त्रीय नियम अनुसार लगभग 90% दोष अपवाद नियम से शमन/निरस्त होते हैं।2Mangal, Nadi, Bhakoot dosha — as per scriptures, about 90% doshas get neutralized through exception rules.

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🌘 Vaishakh Krishna Paksha | वैशाख कृष्ण पक्ष (Surya Puja as आर्यम्णे नमः
“Om Āryamṇe Namaḥ”…) 🌘 | Day – guruvarmeen राशि | Tithi – chaturdashi तिथिchaturdashi Nakshatra – urfrabhdra13.56tak ,pashchat revti

🔹 15 अप्रैल – 16 मई प्रभाव-

जिनके नाम इन अक्षरों से शुरू |

१.       Names starting with  First

२.     LArea(Country,City,Things,Company,) renowned Person;-
स (S), श (Sh), र (R) त, न (N), य (Y), ग (G), ह (H), द (D), V.क (K), घ (Gh), छ (Chh),
उत्तम माहसफलता, यश, सिद्धि,Power& Post
Excellent period – success, recognition, achievement

. जिनके नाम इन अक्षरों से शुरू | Names starting with:
(Kh) (A), (I), (J), (Th), (L), (Ch), (U), (Ea), (V), (B),N, (P), (O),
ईश्वर कृपा आवश्यकसुख, शांति, धन हेतु प्रयास करें
Need divine support – effort needed for peace & wealth

. अन्य सभी अक्षर | All other letters
मिश्रित फलअंत में सफलता संभव
Mixed results – eventual success likely

Up to 14:00pm

  • भविष्य - व्यवहारिक ( अल्पकालीन कार्य के लिए )नाम का प्रयोग करें:
  •  नाम के प्रथम अक्षर से: 🌸 नाम अक्षर और अल्पकालीन कार्य प्रभाव /
  • Name Initial & Short-Term Effect
  • अशुभ अक्षर / Caution Letters:
    ये, यो, , भी, भू, , , , भे, मा, मी, मू, मे, मो, टा, टी, टू, टे, चू, चे, चो, ला, ली, लू, ले, लो, यात्रा, गृहप्रवेश, ज्वाइनिंग, आवेदन, परामर्श, जोखिम, विवाद, मुकद्दमा, चुनाव, मित्रता, प्रेम आदि कार्य विरोधी, खर्चीले, विवादास्पद / Obstructive, costly, controversia

14:00pm se-

🌟 निम्न अक्षरों से जिनका नाम प्रारम्भ होता है

Chu, Che, Cho, La, Li, Lu, Le, Lo, O, Va, Vi, Vu, Ku, Gha, Na, Cha, Hu, He, Ho, Da, Ma, Mi, Mu, Me, Mo, Ta, Ti, Tu, Pu, Sha, Na, Tha, Ru, Re, Ro, Ta, Na, Ni, Nu, Ne, Ye, Yo, Bha, Bhi, Bu, Dha, Bha, Da, Khi, Khu, Khe, Kho, Go, Sa, Si, Su, Du, Tha, Jha, Na आज इन अक्षरों वाले नामधारी व्यक्तियों को दैनिक कार्यों में सफलता, मित्रों से सहयोग, मनोनुकूल परिणाम शुभ अवसर प्राप्त होंगे।

13:56 tak-उत्तरभाद्रपद नक्षत्र
Deity – देवता: Ahirbudhnya Deva | अहीर्बुध्न्य देव
Offer – पूजन: Milk or lamp | दूध या दीप
Charity – दान: Milk or white cloth | दूध या सफेद वस्त्र
Eat before leaving – भोजन: Milk rice | दूध चावल
Mantra – मन्त्र: अहीर्बुध्न्याय नमः
Effect – फल: Peace-related work, contentment, inner beauty | धैर्य आत्म-संतोष
Gents: Favorable; white colors best | शुभ, शांति परोपकार हेतु
Ladies: Very auspicious | अत्यंत शुभ, आत्म-संतोष सौंदर्य

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मेष (Aries) 🔹

सकारात्मक: व्यापार और नौकरी में उन्नति के योग हैं, आर्थिक लाभ मिलेगा। 🔹 Positive: There are chances of progress in business and job, financial gains are likely. 🔹 नकारात्मक: गुस्से पर नियंत्रण रखें, पारिवारिक विवाद संभव हैं। 🔹 Negative: Control your anger, family disputes are possible. 🔹 उपाय: शनि देव को प्रणाम करें और काले तिल दान करें।

🔹 Remedy: Worship Shani Dev and donate black sesame seeds. ________________________________________ वृषभ (Taurus) 🔹 सकारात्मक: भौतिक सुख-सुविधाओं में वृद्धि होगी, धन लाभ संभव है। 🔹 Positive: Increase in material comforts, financial gains are possible. 🔹 नकारात्मक: स्वास्थ्य पर ध्यान दें, अनावश्यक खर्च बढ़ सकता है।

 🔹 Negative: Take care of your health, unnecessary expenses may rise. 🔹 उपाय: सफेद वस्त्र धारण करें और माता लक्ष्मी की पूजा करें। 🔹 Remedy: Wear white clothes and worship Goddess Lakshmi. ________________________________________ मिथुन (Gemini) 🔹 सकारात्मक: आत्मविश्वास बढ़ेगा, नए अवसर मिलेंगे। 🔹 Positive: Confidence will increase, new opportunities will arise. 🔹 नकारात्मक: भावनाओं में बहकर निर्णय लें। 🔹 Negative: Do not make decisions driven by emotions. 🔹 उपाय: हरी वस्त्र धारण करें और गणेश जी की पूजा करें।

🔹 Remedy: Wear green clothes and worship Lord Ganesha. ________________________________________ कर्क (Cancer) 🔹 सकारात्मक: रुके हुए कार्य पूरे होंगे, आर्थिक स्थिति में सुधार होगा। 🔹 Positive: Pending work will be completed, financial condition will improve. 🔹 नकारात्मक: थकान और मानसिक तनाव हो सकता है। 🔹 Negative: Fatigue and mental stress may occur. 🔹 उपाय: चावल और दूध का दान करें। 🔹 Remedy: Donate rice and milk. ________________________________________ सिंह (Leo) 🔹 सकारात्मक: यात्रा के योग हैं, भाग्य का साथ मिलेगा। 🔹 Positive: Travel is likely, luck will favor you. 🔹 नकारात्मक: परिवार में मतभेद हो सकते हैं, वाणी पर संयम रखें। 🔹 Negative: Family disputes may arise, control your speech. 🔹 उपाय: पीले वस्त्र धारण करें और भगवान विष्णु की पूजा करें।

🔹 Remedy: Wear yellow clothes and worship Lord Vishnu. ________________________________________ कन्या (Virgo) 🔹 सकारात्मक: व्यापार में लाभ होगा, निर्णय लेने की क्षमता बढ़ेगी। 🔹 Positive: Business will be profitable, decision-making ability will improve. 🔹 नकारात्मक: स्वास्थ्य को लेकर लापरवाही करें। 🔹 Negative: Do not neglect your health. 🔹 उपाय: हरी मूंग का दान करें और गणेश जी की पूजा करें। 🔹 Remedy: Donate green gram and worship Lord Ganesha. ________________________________________ तुला (Libra) 🔹 सकारात्मक: सौंदर्य और कला से जुड़े लोगों के लिए दिन शुभ रहेगा। 🔹 Positive: A good day for those in beauty and arts-related fields. 🔹 नकारात्मक: जल्दबाजी में कोई बड़ा निर्णय लें।

 Negative: Avoid making hasty decisions. 🔹 उपाय: गाय को आटा खिलाएं और तुलसी का पौधा लगाएं। 🔹 Remedy: Feed flour to cows and plant a Tulsi tree. ________________________________________ वृश्चिक (Scorpio) 🔹 सकारात्मक: विरोधी परास्त होंगे, कार्यों में सफलता मिलेगी। 🔹 Positive: Enemies will be defeated, success in work is likely. 🔹 नकारात्मक: क्रोध और अहंकार से बचें। 🔹 Negative: Avoid anger and arrogance. 🔹 उपाय: शिवलिंग पर जल अर्पित करें। 🔹 Remedy: Offer water on Shivling. ________________________________________ धनु (Sagittarius) 🔹 सकारात्मक: प्रेम संबंधों में मधुरता आएगी, भाग्य साथ देगा। 🔹 Positive: Love relationships will improve, luck will favor you. 🔹 नकारात्मक: मानसिक तनाव हो सकता है। 🔹 Negative: Mental stress may increase. 🔹 उपाय: केसर का तिलक लगाएं और भगवान विष्णु की पूजा करें।

 🔹 Remedy: Apply saffron tilak and worship Lord Vishnu. ________________________________________ मकर (Capricorn) 🔹 सकारात्मक: कार्यक्षेत्र में सफलता मिलेगी, आत्मविश्वास बढ़ेगा। 🔹 Positive: Success in the workplace, confidence will increase. 🔹 नकारात्मक: पुराने मामलों को लेकर चिंता बढ़ सकती है। 🔹 Negative: Worries regarding past issues may increase. 🔹 उपाय: काले तिल का दान करें और हनुमान चालीसा का पाठ करें।

🔹 Remedy: Donate black sesame seeds and recite Hanuman Chalisa. ________________________________________ कुंभ (Aquarius) 🔹 सकारात्मक: नई योजनाएं फलीभूत होंगी, आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। 🔹 Positive: New plans will succeed, financial stability will improve. 🔹 नकारात्मक: स्वास्थ्य पर ध्यान दें, खानपान संतुलित रखें। 🔹 Negative: Focus on health, maintain a balanced diet. 🔹 उपाय: शनिदेव की पूजा करें और जरूरतमंदों को दान करें।

🔹 Remedy: Worship Shani Dev and donate to the needy. ________________________________________ मीन (Pisces) 🔹 सकारात्मक: पारिवारिक जीवन सुखद रहेगा, नए अवसर मिलेंगे। 🔹 Positive: Family life will be pleasant, new opportunities will arise. 🔹 नकारात्मक: खर्चों पर नियंत्रण रखें, भावनाओं में बहकर निर्णय लें। 🔹 Negative: Control expenses, avoid emotional decisions. 🔹 उपाय: केले के पेड़ की पूजा करें और पीले वस्त्र धारण करें।

🔹 Remedy: Worship the banana tree and wear yellow clothes-is lekh me jode

 

🌟 अप्रत्याशित समस्याओं से मुक्ति के रहस्यमय उपाय

Mystic Remedies for Unexpected Life Challenges

 

आज के उपाय:

  • घर में लकड़ी का कार्य या लकड़ी इकट्ठा करना नहीं करें।
  • महुआ वृक्ष की पूजा करें।
  • =========================================================
  • 🌸 शुभ वेद मंत्र, पौराणिक मंत्र और नक्षत्र साधना 🌸

  • 🔱 वेद मंत्र (Vedic Mantra) 🔱

🌿 पूषन तव व्रते वय नरिषेभ्य कदाचन।
🌿 स्तोतारस्तेइहस्मसि। पूषणे नमः।

  • 🔆 Oṁ Pūṣan Tava Vrate Vaya Nariṣebhya Kadācana 🔆 Stotāras Te Ihasmasi Oṁ Pūṣaṇe Namaḥ
  • 📜 भावार्थ: इस मंत्र से पूषन देवता का आह्वान किया जाता है, जो समृद्धि और कल्याण के देवता माने जाते हैं।

  • 📖 पौराणिक मंत्र (Puranic Mantra) 📖
  • 💠 पूषणं सततं वंदे रेवतीशं समृद्धये।💠 वराभयोज्वलकरं रत्न सिंहासने स्थितम्।
  • Pūṣaṇaṁ Satataṁ Vande Revatiīśaṁ Samṛddhaye Varābhayojvalakaraṁ Ratna Siṁhāsane Sthitam
  • 📜 भावार्थ: इस मंत्र के माध्यम से समृद्धि और सुरक्षा प्रदान करने वाले पूषन देवता की स्तुति की जाती है।

  • 🌟 नक्षत्र देवता मंत्र (Nakshatra Devata Mantra) 🌟
  • 🪷 पूष्णे नमः।🪷 Pūṣṇe Namaḥ
  • 📜 भावार्थ: इस मंत्र के जाप से नक्षत्र देवता पूषन की कृपा प्राप्त होती है।

  • 🌙 नक्षत्र मंत्र (Nakshatra Mantra) 🌙
  • 🔱 रेवत्यै नमः।🔱 Oṁ Revatyai Namaḥ
  • 📜 भावार्थ: इस मंत्र से रेवती नक्षत्र की शुभता प्राप्त होती है।

  • 💐 इष्ट देवी-देवता को अर्पण (Offerings to Deity) 💐
  • 🌼 श्वेत पुष्प (White Flowers) White flowers should be offered to the deity.

  • 🍚 दान और उपाय (Donation & Remedies) 🍚
  • 🔹 नाश्ते में या घर से निकलते समय खिचड़ी खाएं।
    🔹 Eat Khichdi before leaving home or as breakfast.
    🔹 मंत्र पढ़ें पूष्णे नमः।🔹 Chant the mantra – "Oṁ Pūṣṇe Namaḥ".

  • 🏆 प्रभाव (Effects) 🏆🔥 सफलता और विजय।🔥 Success and Victory.

  • 🔮 बीज मंत्र (Beej Mantra) 🔮

🔵 "ओम लं" (ऊं लं)🔵 "Oṁ Laṁ"
🟢 "
ओम क्षण" (ऊं क्षं)🟢 "Oṁ Kṣaṇ"
🟣 "
ओम ऐं" (ऊं ऎं)🟣 "Oṁ Aiṁ"
🔴 "ओम आं" (ऊं आं)🔴 "Oṁ Āṁ"

  • 📜 भावार्थ: इन बीज मंत्रों का जाप करने से आध्यात्मिक शक्ति, बुद्धि, और सफलता प्राप्त होती है।

·         Day remedy

·          Some remedies: that provides positive energy and
·         confidence in facilitating success.
·         Bath water

·         River or pilgrimage water mixed in bathing water, - Jasmine flower, white or

·         Mix yellow mustard, sycamore, liquorice and take bath.

·         2-- Donation-

·         Yellow grains, gram, sugar, yellow flowers, turmeric, saffron.

·         Donate yellow clothes, yellow fruits, papaya, banana etc.

·         3. Donate to whom?

·         Donation should be made to Guru, knowledgeable person, Brahmin or someone doing knowledge, education or educational institution, teacher, Vishnu, Krishna, Ram temple.

·         ––Curd curd, cumin.

·         Or the mythological mantra - 108 times 'ॐ ग्रां ग्रीं ग्रौन सः गुरुवे नमः ॥

·         Jain mantra-

·         Om Hreem Namo Ayriyanam. Om Hreem Guru Graharishta Nivarak Shri Mahavir Jinendray Namah - Devmantri Vishalaksh: Sada Lokhite Ratah. Many disciples Sampoorna: Peedaan Haratu Me Guru: .. Sarvashanti Kuru Kuru Swaha.Mam (.own name) evil planet, disease, suffering. Nivaranam sarvasantin kuru kuru hOm phat svaha.

·         Brahmandpuran Mantra-

·         -Devmantri Vishalaksh: Always in the interest of the people.

·         Many disciples complete: Guru in suffering pain.

·         Minister of Gods, always engaged in public welfare, with huge eyesAnd may Jupiter with many disciples relieve my pain.

·         **********************************************

·         गुरुवार के  बृहस्पतिगुरुवारको

·         Day remedy

·          

·         अनिष्ट नाशक एवं सफलता के ग्रह गुरु के दोष शांति के लिए-

·         ग्रह उपाय- पूजा मन्त्र ,दान शीघ्र सफलता देगा –

·         हेमंत ऋतु में गुरुवार के दिन गुरु की होरा में पूजा मन्त्र ,दान शीघ्र सफलता देगा .

·         उपाय-

·         1--सौभाग्य सफलता वृद्धिके लिए

·         ग्रह गुरु के दोष शांति के लिए-

·         स्नान जल मे मिला नदी या तीर्थ जल,-चमेली पुष्प ,सफेद के अभाव मे

·         पीली सरसों ,गूलर ,मुलेठी ,मिला कर स्नान करे |

·         2-बाधा मुक्ति के लिए दान-

·         पीला अनाज ,चना,शकरपीले पुष्प .हल्दी,केसर|

·         पीला वस्त्र पीला फल पपीता केला आदि दान करे|

·         3-दान किसको दे - मंदिर या नदी या समुद्र के क्षेत्र अथवा उच्च शिखरस्थ क्षेत्र में गुरु संबंधित दान

·         गुरु,ज्ञानी पुरुष,ब्राह्मण या ज्ञान,शिक्षा कर्म करने वाले को या

·         शिक्षण संस्था,शिक्षक,विष्णु,कृष्ण,राम मंदिर मे दान करना चाहिए |

·         3- दिन दोष आपत्ति निराकरण के लिए घर से प्रस्थान पूर्व क्या खाएं

·         (What to take Before Departure from Home for

·         Redressal of Day Blame Objection -)

·         ––दही curd,जीरा |

·         गुरु ग्रह का गायत्री मंत्र-

·         (गायत्री मन्त्र पश्चात् गृहस्थ को आवश्यक है बोलना  -)

·         आपो ज्योति रस अमृतम |परो रजसे सावदोम  |

·         1 गुरु ॐ वृषभध्वजाय विद्महे क्रुनिहस्ताय धीमहि तन्नो गुरुः प्रचोदयात् ॥

·         2 ॐ सुराचार्याय विद्महे सुरश्रेष्ठाय धीमहि तन्नो गुरुः प्रचोदयात् ॥

·         ओम अंगिरसाय विद्महे दिव्यदेवताय धीमहि

·         तन्नो जीवः प्रचोदयात ।|आपो ज्योति रस अमृतम |परो रजसे साव दोम |

·         पौराणिक मंत्र -108 बारॐ ग्रां ग्रीं ग्रौं सः गुरूवे नमः ॥

·         शीघ्र फलदायी

·         देवमन्त्री विशालाक्ष: सदा लोकहिते रत:।

·         अनेकशिष्यसम्पूर्ण: पीडां हरतु मे गुरु: ।।
सर्वदा लोक कल्याण में निरत रहने वालेदेवताओं के मंत्रीविशाल नेत्रों वाले

·         तथा अनेक शिष्यों से युक्त बृहस्पति मेरी पीड़ा को दूर करें ।। ब्रह्माण्डपुराण

·         गुरु- ॐ बृहस्पते अति यदर्यो अर्हाद् द्युमद्विभाति क्रतुमज्जनेषु। यद्दीदयच्छवस ऋतुप्रजात तदस्मासु द्रविणं धेहि चित्रम्।। (यजु. 263)

·         शाबर मन्त्र –
ll ओम गुरूजी बृहस्पतिवार मनमें बसे।पांचो इन्द्रिय बस मे करे।

·         सो निशि घर उग्या भाण। ध्यावो बृहस्पतिवार गंगा का है सिनान।

·         बृहस्पतिवार अंगिरा गोत्र,पीत वरण उन्नीस हजार जाप सिन्धुदेश उत्तरस्थानचतुर्थ मंडल ६ अंगुल।धनु मीन राशि केगुरू को नमस्कार।सत फिरे तो वाचा फिरे।

·         पान फूल वासना सिहासन धरे तो इतरो काम बृहस्पतिवारजी महाराज करे।

·         ओम फट् स्वाहा ll

·         ---------------------------------------------------------------------------
जैन मंत्र-

·         गुरु ग्रह

·         1.नवग्रह मंत्र –

·         "ओम आसिया उसाय नमः" ।

·         चंदन से विलेपन, फूल, दही, चावंल - नैवेद्य करना चाहिए।

·         2-ऋषभाजित सुपावा श्रीभिपंदन शीतलों सुमति: संभव: स्वामी,

·         श्रेयासंश्च जिनोत्तम एततीर्थ कृतां नाम्ना,

·         पूज्योशुभ: शुभ भव, शांति तुष्टि च पुष्टि च गुरुदेव गणर्चित:

·         3 ऊँ ह्रीं णमो आयरियाणं।

·         4शांति मंत्र=

·         ऊँ ह्रीं श्रीं अर्हम श्री ऋषभ नाथाय नमः

·         मम गुरु ग्रह शांति कुरु कुरु स्वाहा।

·         (श्री ऋषभदेव स्वामी, श्री अजितनाथ स्वामी, श्री संभवनाथ स्वामी, श्री अभिपंदन स्वामी, श्री सुमतिनाथ स्वामी, श्री सुपाश्र्वनाथ स्वामी, श्री शीतलनाथ स्वामी, श्री श्रयांसनाथ स्वामी-की पुजा स्मरण उपयोगी )

·         (श्री ऋषभदेव स्वामी, श्री अजितनाथ स्वामी, श्री संभवनाथ स्वामी, श्री अभिपंदन स्वामी, श्री सुमतिनाथ स्वामी, श्री सुपाश्र्वनाथ स्वामी, श्री शीतलनाथ स्वामी, श्री श्रयांसनाथ स्वामी-की पुजा स्मरण उपयोगी )

·         ----------------------------------------

. Deity: Rudra
देवता: रुद्र
4. Element: Fire
तत्व: अग्नि
5. Auspicious Touch: Head
शुभ स्पर्श: शिर
6. Inauspicious Touch: Stomach
वर्जित स्पर्श: उदर
7. Auspicious Direction: South
शुभ दिशा: दक्षिण
8. Inauspicious Direction: North
अशुभ दिशा: उत्तर
9. Auspicious Work: Rudrabhishek, Tantra
शुभ कार्य: रुद्राभिषेक, तंत्र साधना
10. Prohibited: Marriage
निषिद्ध: विवाह
11. Auspicious Donation: Sesame, lamp
शुभ दान: तिल, दीपदान
12. Prohibited Donation: Meat
वर्जित दान: मांस
13. Auspicious Food: Fruits
शुभ भोजन: फलाहार
14. Prohibited Food: Tamasic
वर्जित भोजन: तामसिक अन्न
15. Auspicious Fruits/Flowers: Belpatra
शुभ फल-फूल: बेलपत्र
16. Prohibited: Ketaki
वर्जित: केतकी
17. Auspicious Color: Ash color
शुभ रंग: भस्म वर्ण
18. Inauspicious Color: Dark green
अशुभ रंग: हरा गहरा
19. Mantra: Om Namo Bhagavate Rudraya
After 13:56 Revati Nakshatra | रेवती नक्षत्र
Deity – देवता: Pushan Deva | पूषण देव
Offer – पूजन: Milk or ghee lamp | घी दीप
Charity – दान: Curd rice or footwear | दही चावल या जूते
Eat before leaving – भोजन: Sweet curd or rice pudding | मीठा दही या खीर
Mantra – मन्त्र: पूष्णे नमः
Effect – फल: Completion, contentment, divine protection | कार्य-सिद्धि ईश्वरीय कृपा
Gents: Very auspicious; brings joy, travel luck, prosperity | अत्यंत शुभ, सुख यात्रा-सफलता
Ladies: Excellent; enhances charm, purity & divine grace | अत्यंत शुभ, सौंदर्य दैवी कृपा

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श्राद्ध क्या है ? “ श्रद्धया यत कृतं तात श्राद्धं | “ अर्थात श्रद्धा से किया जाने वाला कर्म श्राद्ध है | अपने माता पिता एवं पूर्वजो की प्रसन्नता के लिए एवं उनके ऋण से मुक्ति की विधि है | श्राद्ध क्यों करना चाहिए   ? पितृ ऋण से मुक्ति के लिए श्राद्ध किया जाना अति आवश्यक है | श्राद्ध नहीं करने के कुपरिणाम ? यदि मानव योनी में समर्थ होते हुए भी हम अपने जन्मदाता के लिए कुछ नहीं करते हैं या जिन पूर्वज के हम अंश ( रक्त , जींस ) है , यदि उनका स्मरण या उनके निमित्त दान आदि नहीं करते हैं , तो उनकी आत्मा   को कष्ट होता है , वे रुष्ट होकर , अपने अंश्जो वंशजों को श्राप देते हैं | जो पीढ़ी दर पीढ़ी संतान में मंद बुद्धि से लेकर सभी प्रकार की प्रगति अवरुद्ध कर देते हैं | ज्योतिष में इस प्रकार के अनेक शाप योग हैं |   कब , क्यों श्राद्ध किया जाना आवश्यक होता है   ? यदि हम   96  अवसर पर   श्राद्ध   नहीं कर सकते हैं तो कम से कम मित्रों के लिए पिता माता की वार्षिक तिथि पर यह अश्वनी मास जिसे क्वांर का माह    भी कहा ज...

श्राद्ध रहस्य प्रश्न शंका समाधान ,श्राद्ध : जानने योग्य महत्वपूर्ण तथ्य -कब,क्यों श्राद्ध करे?

संतान को विकलांगता, अल्पायु से बचाइए श्राद्ध - पितरों से वरदान लीजिये पंडित विजेंद्र कुमार तिवारी jyotish9999@gmail.com , 9424446706   श्राद्ध : जानने  योग्य   महत्वपूर्ण तथ्य -कब,क्यों श्राद्ध करे?  श्राद्ध से जुड़े हर सवाल का जवाब | पितृ दोष शांति? राहू, सर्प दोष शांति? श्रद्धा से श्राद्ध करिए  श्राद्ध कब करे? किसको भोजन हेतु बुलाएँ? पितृ दोष, राहू, सर्प दोष शांति? तर्पण? श्राद्ध क्या है? श्राद्ध नहीं करने के कुपरिणाम क्या संभावित है? श्राद्ध नहीं करने के कुपरिणाम क्या संभावित है? श्राद्ध की प्रक्रिया जटिल एवं सबके सामर्थ्य की नहीं है, कोई उपाय ? श्राद्ध कब से प्रारंभ होता है ? प्रथम श्राद्ध किसका होता है ? श्राद्ध, कृष्ण पक्ष में ही क्यों किया जाता है श्राद्ध किन२ शहरों में  किया जा सकता है ? क्या गया श्राद्ध सर्वोपरि है ? तिथि अमावस्या क्या है ?श्राद्द कार्य ,में इसका महत्व क्यों? कितने प्रकार के   श्राद्ध होते   हैं वर्ष में   कितने अवसर श्राद्ध के होते हैं? कब  श्राद्ध किया जाना...

गणेश विसृजन मुहूर्त आवश्यक मन्त्र एवं विधि

28 सितंबर गणेश विसर्जन मुहूर्त आवश्यक मन्त्र एवं विधि किसी भी कार्य को पूर्णता प्रदान करने के लिए जिस प्रकार उसका प्रारंभ किया जाता है समापन भी किया जाना उद्देश्य होता है। गणेश जी की स्थापना पार्थिव पार्थिव (मिटटीएवं जल   तत्व निर्मित)     स्वरूप में करने के पश्चात दिनांक 23 को उस पार्थिव स्वरूप का विसर्जन किया जाना ज्योतिष के आधार पर सुयोग है। किसी कार्य करने के पश्चात उसके परिणाम शुभ , सुखद , हर्षद एवं सफलता प्रदायक हो यह एक सामान्य उद्देश्य होता है।किसी भी प्रकार की बाधा व्यवधान या अनिश्ट ना हो। ज्योतिष के आधार पर लग्न को श्रेष्ठता प्रदान की गई है | होरा मुहूर्त सर्वश्रेष्ठ माना गया है।     गणेश जी का संबंध बुधवार दिन अथवा बुद्धि से ज्ञान से जुड़ा हुआ है। विद्यार्थियों प्रतियोगियों एवं बुद्धि एवं ज्ञान में रूचि है , ऐसे लोगों के लिए बुध की होरा श्रेष्ठ होगी तथा उच्च पद , गरिमा , गुरुता , बड़प्पन , ज्ञान , निर्णय दक्षता में वृद्धि के लिए गुरु की हो रहा श्रेष्ठ होगी | इसके साथ ही जल में विसर्जन कार्य होता है अतः चंद्र की होरा सामा...

श्राद्ध रहस्य - श्राद्ध क्यों करे ? कब श्राद्ध नहीं करे ? पिंड रहित श्राद्ध ?

श्राद्ध रहस्य - क्यों करे , न करे ? पिंड रहित , महालय ? किसी भी कर्म का पूर्ण फल विधि सहित करने पर ही मिलता है | * श्राद्ध में गाय का ही दूध प्रयोग करे |( विष्णु पुराण ) | श्राद्ध भोजन में तिल अवश्य प्रयोग करे | श्राद्ध अपरिहार्य है क्योकि - श्राद्ध अपरिहार्य - अश्वनी माह के कृष्ण पक्ष तक पितर अत्यंत अपेक्षा से कष्ट की   स्थिति में जल , तिल की अपनी संतान से , प्रतिदिन आशा रखते है | अन्यथा दुखी होकर श्राप देकर चले जाते हैं | श्राद्ध अपरिहार्य है क्योकि इसको नहीं करने से पीढ़ी दर पीढ़ी संतान मंद बुद्धि , दिव्यांगता .मानसिक रोग होते है | हेमाद्रि ग्रन्थ - आषाढ़ माह पूर्णिमा से /कन्या के सूर्य के समय एक दिन भी श्राद्ध कोई करता है तो , पितर एक वर्ष तक संतुष्ट/तृप्त रहते हैं | ( भद्र कृष्ण दूज को भरणी नक्षत्र , तृतीया को कृत्तिका नक्षत्र   या षष्ठी को रोहणी नक्षत्र या व्यतिपात मंगलवार को हो ये पिता को प्रिय योग है इस दिन व्रत , सूर्य पूजा , गौ दान गौ -दान श्रेष्ठ | - श्राद्ध का गया तुल्य फल- पितृपक्ष में मघा सूर्य की अष्टमी य त्रयोदशी को मघा नक्षत्र पर चंद्र ...

गणेश भगवान - पूजा मंत्र, आरती एवं विधि

सिद्धिविनायक विघ्नेश्वर गणेश भगवान की आरती। आरती  जय गणेश जय गणेश जय गणेश देवा।  माता जा की पार्वती ,पिता महादेवा । एकदंत दयावंत चार भुजा धारी।   मस्तक सिंदूर सोहे मूसे की सवारी | जय गणेश जय गणेश देवा।  अंधन को आँख  देत, कोढ़िन को काया । बांझन को पुत्र देत, निर्धन को माया । जय गणेश जय गणेश देवा।   हार चढ़े फूल चढ़े ओर चढ़े मेवा । लड्डूअन का  भोग लगे संत करें सेवा।   जय गणेश जय गणेश देवा।   दीनन की लाज रखो ,शम्भू पत्र वारो।   मनोरथ को पूरा करो।  जाए बलिहारी।   जय गणेश जय गणेश देवा। आहुति मंत्र -  ॐ अंगारकाय नमः श्री 108 आहूतियां देना विशेष शुभ होता है इसमें शुद्ध घी ही दुर्वा एवं काले तिल का विशेष महत्व है। अग्नि पुराण के अनुसार गायत्री-      मंत्र ओम महोत काय विद्महे वक्रतुंडाय धीमहि तन्नो दंती प्रचोदयात्। गणेश पूजन की सामग्री एक चौकिया पाटे  का प्रयोग करें । लाल वस्त्र या नारंगी वस्त्र उसपर बिछाएं। चावलों से 8पत्ती वाला कमल पुष्प स्वरूप बनाएं। गणेश पूजा में नार...

विवाह बाधा और परीक्षा में सफलता के लिए दुर्गा पूजा

विवाह में विलंब विवाह के लिए कात्यायनी पूजन । 10 oct - 18 oct विवाह में विलंब - षष्ठी - कात्यायनी पूजन । वैवाहिक सुखद जीवन अथवा विवाह बिलम्ब   या बाधा को समाप्त करने के लिए - दुर्गतिहारणी मां कात्यायनी की शरण लीजिये | प्रतिपदा के दिन कलश स्थापना के समय , संकल्प में अपना नाम गोत्र स्थान बोलने के पश्चात् अपने विवाह की याचना , प्रार्थना कीजिये | वैवाहिक सुखद जीवन अथवा विवाह बिलम्ब   या बाधा को समाप्त करने के लिए प्रति दिन प्रातः सूर्योदय से प्रथम घंटे में या दोपहर ११ . ४० से १२ . ४० बजे के मध्य , कात्ययानी देवी का मन्त्र जाप करिये | १०८बार | उत्तर दिशा में मुँह हो , लाल वस्त्र हो जाप के समय | दीपक मौली या कलावे की वर्तिका हो | वर्तिका उत्तर दिशा की और हो | गाय का शुद्ध घी श्रेष्ठ अथवा तिल ( बाधा नाशक + महुआ ( सौभाग्य ) तैल मिला कर प्रयोग करे मां भागवती की कृपा से पूर्वजन्म जनितआपके दुर्योग एवं   व्यवधान समाप्त हो एवं   आपकी मनोकामना पूरी हो ऐसी शुभ कामना सहित || षष्ठी के दिन विशेष रूप से कात्यायनी के मन्त्र का २८ आहुति / १०८ आहुति हवन कर...

कलश पर नारियल रखने की शास्त्रोक्त विधि क्या है जानिए

हमे श्रद्धा विश्वास समर्पित प्रयास करने के बाद भी वांछित परिणाम नहीं मिलते हैं , क्योकि हिन्दू धर्म श्रेष्ठ कोटी का विज्ञान सम्मत है ।इसकी प्रक्रिया , विधि या तकनीक का पालन अनुसरण परमावश्यक है । नारियल का अधिकाधिक प्रयोग पुजा अर्चना मे होता है।नारियल रखने की विधि सुविधा की दृष्टि से प्रचलित होगई॥ मेरे ज्ञान  मे कलश मे उल्टा सीधा नारियल फसाकर रखने की विधि का प्रमाण अब तक नहीं आया | यदि कोई सुविज्ञ जानकारी रखते हो तो स्वागत है । नारियल को मोटा भाग पूजा करने वाले की ओर होना चाहिए। कलश पर नारियल रखने की प्रमाणिक विधि क्या है ? अधोमुखम शत्रु विवर्धनाए , उर्ध्वस्य वक्त्रं बहुरोग वृद्ध्यै प्राची मुखं वित्त्नाश्नाय , तस्माच्छुभम सम्मुख नारिकेलम अधोमुखम शत्रु विवर्धनाए कलश पर - नारियल का बड़ा हिस्सा नीचे मुख कर रखा जाए ( पतला हिस्सा पूछ वाला कलश के उपरी भाग पर रखा जाए ) तो उसे शत्रुओं की वृद्धि होती है * ( कार्य सफलता में बाधाएं आती है संघर्ष , अपयश , चिंता , हानि , सहज हैशत्रु या विरोधी तन , मन धन सर्व दृष्टि से घातक होते है ) उर्ध्वस्य वक्त्रं बहुरोग वृद्ध्यै कलश ...