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Horoscope –15April. Future Zodiac Signs (ENG/HINDI) 2026 ; Hidden Set back Control — Mystical Protection for a Better Day

 

Horoscope –15April. Future Zodiac Signs (ENG/HINDI) 2026 ; 

Hidden Set back Control — Mystical Protection for a Better Day

⭐ लेख का उपयोग —  कैसे (How to Use)• 

1-कोई भी नई वस्तु (वस्त्र,आभूषणचूड़ीमेहंदी आदि) का प्रथम प्रयोग 
(Use any new item—clothes, broom, jewellery, bangles, mehndi etc.—only on an auspicious day for positive results.)

2 • नाम अक्षर FUTURE — (Act according to your name initial — problems will reduce.)

3.MUST-• दानभोजनमंत्र— दोष शमन / सफलता वृद्धि हेतु दैनिक आवश्यक Today’s Remedies Food ,Gift &Mantra — To control unexpected problems stress-Essential daily for reducing dosha and increasing success.)

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⭐ • मंगलनाड़ीभकूट दोष - समस्या समाधान -(Contact invited for problem resolution.) शास्त्रीय नियम अनुसार लगभग 90% दोष अपवाद नियम से शमन/निरस्त होते हैं।

Mangal, Nadi, Bhakoot dosha — as per scriptures, about 90% doshas get neutralized through exception rules.

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🌘 Vaishakh Krishna Paksha | वैशाख कृष्ण पक्ष (Surya Puja as आर्यम्णे नमः
“Om Āryamṇe Namaḥ”…) 🌘 | Day – Wednesday | दिनबुधवार

Kumbh Rashi (Aquarius) | कुम्भ राशि | Tithi – Trayodashi | तिथित्रयोदशी | Nakshatra – Shatabhisha till 15:17, then Purvabhadra | नक्षत्रशतभिषा 15:17 तक, पश्चात पूर्वाभाद्र

Pradosh Vrat — During Pradosh Kaal, Lord Shiva performs divine dance with Devi Parvati and Devas in the evening twilight; time is up to 48 minutes after sunset (Bangalore till 19:20 PM). Night food is restricted — eat within 1 hr 12 min after sunset, then do Shiva remembrance. Also observed: Masik Shivratri.
प्रदोष व्रतप्रदोष काल में भगवान शिव, देवी पार्वती एवं देवताओं के साथ संध्या में नृत्य करते हैं; समय सूर्यास्त के 48 मिनट पश्चात तक (बेंगलुरु में 19:20 PM तक) रात्रि भोजन वर्जितसूर्यास्त के 1 घंटा 12 मिनट के भीतर भोजन करें, तत्पश्चात शिव स्मरण करें। साथ ही मासिक शिवरात्रि।

🔹 Today’s Indication (till 15:17)
The day remains similar to yesterday — suitable for routine work with stable results. For Cancer, Sagittarius, Leo, and Aquarius, only essential tasks should be done; avoid unnecessary activities.
आज का संकेत (15:17 तक) — दिन लगभग कल जैसा रहेगा; सामान्य कार्य एवं स्थिर परिणाम। कर्क, धनु, सिंह एवं कुम्भ राशि के लिए बाधा संभावित; केवल आवश्यक कार्य ही करें।

🔹 15 अप्रैल – 16 मई प्रभाव-13:56tak  |

१.      जिनके नाम इन अक्षरों से शुरू |

२.      Names starting with  First

३.     LArea(Country,City,Things,Company,) renowned Person;-
स (S), श (Sh), र (R) त, न (N), य (Y), ग (G), ह (H), द (D), V.क (K), घ (Gh), छ (Chh),
उत्तम माहसफलता, यश, सिद्धि,Power& Post
Excellent period – success, recognition, achievement

. जिनके नाम इन अक्षरों से शुरू | Names starting with:
(Kh) (A), (I), (J), (Th), (L), (Ch), (U), (Ea), (V), (B),N, (P), (O),
ईश्वर कृपा आवश्यकसुख, शांति, धन हेतु प्रयास करें
Need divine support – effort needed for peace & wealth

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📅 माह (Month): वैशाख | Maah: Vaishakh🌑 पक्ष (Paksha): कृष्ण पक्ष | Krushna paksha

- नए वस्त्र, गहने, और चूड़ियों का प्रयोग शुभ और लाभकारी होता है। वस्त्रों और गहनों का पहनना आध्यात्मिक शुद्धि, धन-संपत्ति, और सुख-समृद्धि की प्राप्ति का कारण बनता है। चूड़ियों का पहनना विशेष रूप से महिलाओं के लिए सौभाग्य और शांति का संकेत है।

 

जिन जन्म नक्षत्रों के लिए दिन रहेगा सुखद, शनिप्रसाद से युक्त व सफलता दायक

Auspicious Time: From 11:00 AM till the end of the night

🌸 जिन जन्म नक्षत्रों वालों का दिन रहेगा विशेष शुभ:
The following Janma Nakshatra-born individuals will experience a fortunate day:


1. भरणी (Bharani)
🔸 आज कार्यों में सफलता मिलेगी, धनलाभ के योग हैं।
-Success in tasks and chances of financial gain today.

2. रोहिणी (Rohini)
🔸 सम्मान प्राप्त होगा, परिवार में सुखद वातावरण रहेगा।
-You will receive respect and experience harmony in the family.

3. आर्द्रा (Ardra)
🔸 नई योजना फलेगी, प्रयासों में सफलता मिलेगी।
-New plans will bear fruit, and efforts will be successful.

4. पुष्य (Pushya)
🔸 व्यापार में लाभ, शनि कृपा से उन्नति संभव।
-Profits in business, progress possible due to Saturn’s blessings.

5. अश्लेषा (Ashlesha)
🔸 शत्रु पक्ष पर विजय, मनोबल में वृद्धि होगी।
-Victory over adversaries, enhanced morale.

6. पूर्वा फाल्गुनी (Purva Phalguni)
🔸 दाम्पत्य में सुख, सृजनात्मक कार्य में लाभ।
-Marital bliss and gains in creative pursuits.

7. हस्त (Hasta)
🔸 शनि कृपा से रुके कार्य पूर्ण होंगे।
-Stalled works will be completed with Saturn’s grace.

8. स्वाती (Swati)
🔸 यात्रा में सफलता, सामाजिक मान बढ़ेगा।
-Success in travel, rise in social standing.

9. अनुराधा (Anuradha)
🔸 गुरु व शनि अनुकूल, शिक्षा व करियर में उन्नति।
-Jupiter and Saturn are favorable; growth in education and career.

10. ज्येष्ठा (Jyeshtha)
🔸 परिश्रम का फल मिलेगा, वरिष्ठों से सहयोग।
-Hard work will pay off, support from seniors.

11. पूर्वाषाढा (Purva Ashadha)
🔸 साझेदारी में लाभ, प्रतिष्ठा में वृद्धि।
-Profits in partnerships, increase in reputation.

12. श्रवण (Shravana)
🔸 धार्मिक कार्यों में मन, नई जिम्मेदारियाँ मिलेंगी।
-Inclination toward religious work; new responsibilities ahead.

13. शतभिषा (Shatabhisha)
🔸 मानसिक शांति मिलेगी, स्वास्थ्य सुधरेगा।
-Mental peace and health improvement.

14. उत्तर भाद्रपद (Uttara Bhadrapada)
🔸 शनि कृपा से अचल संपत्ति में लाभ।
-Gains in immovable property due to Saturn’s grace.

15. रेवती (Revati)
🔸 संतान संबंधी सुख, कार्य में प्रशंसा।
-Joy from children and praise in professional work.

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🔮 आज का राशिफल | Today's Horoscope

मेष (Aries) – (चू, चे, चो, ला, ली, लू, ले, लो, अ)

🔹 आज का दिन विशेष शुभ रहेगा। (Today will be especially auspicious.)
🔹 व्यापारिक लाभ उत्तम रहेगा, जनसंपर्क में वृद्धि होगी। (Business profits will be good, networking will increase.)
🔹 रोजगार में अनुकूल स्थिति बनेगी, सफलता के योग हैं। (Favorable conditions in employment, chances of success.)

वृषभ (Taurus) – (, , , , वा, वी, वू, वे, वो)

🔹 समाजसेवा व प्रशासनिक कार्यों में सफलता मिलेगी। (Success in social service & administrative work.)
🔹 आज नए कार्यों की शुरुआत से बचें। (Avoid starting new tasks today.)
🔹 आर्थिक स्थिति अच्छी रहेगी, राजनीति में सफलता मिलेगी। (Financial stability & political success are indicated.)

मिथुन (Gemini) – (का, की, कू, , , , के, को, ह)

🔹 कार्यक्षेत्र में अनुकूलता रहेगी, लेकिन पारिवारिक तनाव हो सकता है। (Favorable work conditions, but family stress.)
🔹 मित्र अपने वचन को पूरा नहीं कर पाएंगे। (Friends may not keep their promises.)
🔹 धन का निवेश संभव है, लेकिन यात्रा टालना बेहतर रहेगा। (Investment possible, but avoid travel.)

कर्क (Cancer) – (ही, हू, हे, हो, डा, डी, डू, डे, डो)

🔹 कार्य की अधिकता के कारण थकान महसूस कर सकते हैं। (Work overload may cause fatigue.)
🔹 महत्वपूर्ण कार्यों में रुकावटें आ सकती हैं। (Obstacles in important work.)
🔹 यात्रा करने से बचें, स्वास्थ्य का ध्यान रखें। (Avoid travel, take care of health.)

सिंह (Leo) – (मा, मी, मू, मे, मो, टा, टी, टू, टे)

🔹 विरोधियों पर विजय मिलेगी, लेकिन पेट संबंधी समस्याएं हो सकती हैं। (Victory over opponents, but stomach issues possible.)
🔹 किसी नई योजना की शुरुआत कर सकते हैं। (Can start a new plan.)
🔹 आर्थिक स्थिति सामान्य रहेगी। (Financial condition will be stable.)

कन्या (Virgo) – (टो, , पी, पू, , , , पे, पो)

🔹 धन प्राप्ति के प्रबल योग हैं, रुका हुआ पैसा मिल सकता है। (Strong chances of money gain, pending payments may be received.)
🔹 प्रेम और दाम्पत्य जीवन सुखद रहेगा। (Love & married life will be pleasant.)
🔹 मानसिक शांति और संतोष की अनुभूति होगी। (Peace of mind and satisfaction.)

तुला (Libra) – (रा, री, रू, रे, रो, ता, ती, तू, ते)

🔹 पारिवारिक जीवन में तनाव रह सकता है, दांपत्य जीवन में वाद-विवाद से बचें।
(Family life may be stressful, avoid arguments in married life.)
🔹 रोजगार में जोखिम लेने से बचें, महत्वपूर्ण दस्तावेजों को ध्यान से पढ़ें।
(Avoid taking risks in employment, read important documents carefully.)
🔹 संतान को लेकर चिंता बढ़ सकती है, लेकिन धैर्य बनाए रखें।
(Concerns about children may increase, but stay patient.)

वृश्चिक (Scorpio) – (तो, ना, नी, नू, ने, नो, या, यी, यू)

🔹 स्वास्थ्य का ध्यान रखें, मानसिक तनाव हो सकता है।
(Take care of your health, mental stress is possible.)
🔹 विवादों से बचें, अहंकार को चोट लग सकती है।
(Avoid conflicts, your ego may get hurt.)
🔹 नई योजनाओं की शुरुआत करने से बचें, यात्रा स्थगित करना बेहतर रहेगा।
(Avoid starting new plans, postponing travel is advisable.)

धनु (Sagittarius) – (ये, यो, , भी, भू, , , , भे)

🔹 कार्य में सफलता मिलेगी, प्रतिष्ठा बढ़ेगी।
(Success in work, increase in reputation.)
🔹 भाइयों, सहकर्मियों और कनिष्ठ वर्ग से सहयोग मिलेगा।
(Support from brothers, colleagues, and juniors.)
🔹 कार्य सिद्ध होंगे, लेकिन आज का काम आज ही निपटाना उचित रहेगा।
(Tasks will be completed, but it's best to finish today's work today.)

मकर (Capricorn) – (भो, जा, जी, खी, खू, खे, खो, , गी)

🔹 खर्च बढ़ सकते हैं, धन निवेश करने से पहले सोच-विचार करें।
(Expenses may increase, think before investing money.)
🔹 परिवार से जुड़े दायित्व बढ़ सकते हैं, संतान की ओर से चिंता रहेगी।
(Family responsibilities may increase, concerns regarding children.)
🔹 विवादों से दूर रहें, अधिकारी वर्ग से संबंध अच्छे बनाए रखें।
(Stay away from disputes, maintain good relations with superiors.)

कुंभ (Aquarius) – (गू, गे, गो, सा, सी, सू, से, सो, दा)

🔹 जीवन में सकारात्मक परिवर्तन आएंगे, मनपसंद भोजन का आनंद मिलेगा।
(Positive changes in life, enjoy your favorite food.)
🔹 उत्तम वस्त्र और भौतिक सुख-सुविधाएं प्राप्त होंगी।
(Receive fine clothing and material comforts.)
🔹 परिवार और दाम्पत्य जीवन में खुशहाली रहेगी, सौभाग्य और सम्मान मिलेगा।
(Happiness in family and married life, good fortune, and respect.)

मीन (Pisces) – (दी, दू, , , , दे, दो, चा, ची)

🔹 आर्थिक स्थिति कमजोर रह सकती है, खर्चों पर नियंत्रण रखें।
(Financial situation may be weak, control expenses.)
🔹 ध्यान रखें, कोई बहुमूल्य वस्तु खो सकती है।
(Be careful, you may lose something valuable.)
🔹 स्वास्थ्य पर ध्यान दें, मानसिक अशांति हो सकती है।
(Take care of your health, mental unrest possible.)

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🔹 ज्योतिषीय उपाय (Astrological Remedies)

🔴. यात्रा, कार्यारम्भ, निर्णय, विवाह आदि के लिए अशुभ प्रभाव (Inauspicious Nakshatra Influences):
यदि किसी व्यक्ति का जन्म निम्न नक्षत्रों में है
, तो आज यात्रा, नया कार्य, निर्णय, यंत्र प्रयोग आदि वर्जित एवं बाधायुक्त होंगे पुनर्वसु (Punarvasu) के अंतिम चरण पुष्य (Pushya)  अश्लेषा (Ashlesha);आज विघ्न-बाधा, मानसिक चिंता व कार्य रुकावटों का संकेत है।
If a person is born in the following Nakshatras, today is considered inauspicious for travel, decision-making, new beginnings, or rituals Last quarter of PunarvasuPushyaAshlesha
Indicates obstacles, worries, and unsuccessful results.

         शुभ मंत्र | Auspicious Mantras
📿 ॐ सदाशिवाय नम: (Om Sadashivaya Namah)
📿 ॐ साम्ब सदाशिवाय नम: (Om Samba Sadashivaya Namah)
📿 ॐ ऐं ह्रीं शिव गौरीमय ह्रीं ऐं ॐ: (Om Aim Hreem Shiva Gaurimay Hreem Aim Om)

सौभाग्यकारी, देवता Deity कामदेव, तत्व Element वायु,

 शुभ स्पर्श Auspicious Touch मुख, वर्जित स्पर्श Inauspicious Touch चरण,

 शुभ दिशा Auspicious Direction पश्चिम, अशुभ दिशा Inauspicious Direction पूर्व,

 शुभ कार्य Auspicious Work दाम्पत्य कार्य, निषिद्ध Prohibited कलह,

शुभ दान Auspicious Donation सुगंध, वर्जित दान Forbidden Donation लोहा,

शुभ भोजन Auspicious Food मिठाई, वर्जित भोजन Avoid Food कड़वा,

शुभ फल फूल Auspicious Flowers गुलाब, वर्जित फल फूल Inauspicious Flowers सूखे,

शुभ रंग Auspicious Color गुलाबी, अशुभ रंग Inauspicious Color काला,

मंत्र Mantra कामदेवाय नमः,

उपाय Remedy सुगंध अर्पण,

बुधवार

Day remedy

Some remedies: that provides positive energy and
confidence in facilitating success.

Evil destroyers and solutions for success-

to increase good luck

Bathing water-

should include river or pilgrimage water, rice, pearls, honey,

Mix nutmeg, piparamul, river or pilgrimage water and take bath.

Donation

for removal of obstacles –

Moong, green clothes, green bangles, spinach, camphor fruit.

Donate - give to the girl or businessman.

What to eat before leaving home to remove the defects and objections –

(What to take Before Departure from Home for

Redressal of Day Blame Objection -)

Any substance from moong, sesame, coriander, milk. Those whose Mercury is favorable can definitely take curd.

Mantra to stop stress, problems and success-

Gayatri Mantra of planet Mercury-

(After Gayatri Mantra the householder is required to say -)

Apo Jyoti Ras Amritam | Paro Rajase Savadom |

Om Soumyarupaya Vidmahe Baneshay Dhimahi

Tanno Budh Prachodayat |Apo Jyoti Ras Amritam |Paro Rajse Sav Dom |

1 Budh Om Gajadhvajay Vidmahe Sukhhastaya Dhimahi Tanno Budh Prachodayat

2 Om Chandraputray Vidmahe Rohini Priyaya Dhimahi Tanno Budh Prachodayat

3 Om Saumyarupaya Vidmahe Vaneshay Dhimahi Tanno Budhha Prachodayat

अनिष्ट नाशक एवं सफलता के उपाय-

ग्रह उपाय- -शरद ऋतु में ,बुधवार के दिन, बुध की होरा में पूजा मन्त्र ,दान शीघ्र सफलता देगा

सौभाग्य वृद्धिके लिए

1-स्नान जल मे नदी या तीर्थ जल,चावल,मोती  शहद,

जायफल ,पिपरामुल ,नदी या तीर्थ जल;मिलाकर स्नान करे ||

2- बाधा मुक्ति के लिए दान- मूंग ,हरा वस्त्र ,हरीचूड़ी,पालक ,फल कपूर|

दान - पशु पक्षी वृक्ष कीड़े मकोड़े अथवा नारकीय जीवन जीने वाले व्यक्तियों को बुध ग्रह का दान करना चाहिए कन्या,व्यापारी किन्नर को दे   |

दिन दोष आपत्ति निराककरण के लिएघर से प्रस्थान पूर्व क्या खाएं–

(What to take Before Departure from Home for

Redressal of Day Blame Objection -)

मूंग ,तिल,धनिया ,दूध मे से कोई पदार्थ || जिनका बुध अनुकूल हो वे दही Curd अवश्य ले सकते हैं |

तनाव ,परेशानी रोकने एवं सफलता के लिए मंत्र-

बुध ग्रह का गायत्री मंत्र-

(गायत्री मन्त्र पश्चात् गृहस्थ को आवश्यक है बोलना  -)

आपो ज्योति रस अमृतम | परो रजसे सावदोम  |

ओम सौम्यरूपाय विद्महे बाणेशाय धीमहि

तन्नो बुध प्रचोदयात् ।|आपो ज्योति रस अमृतम |परो रजसे साव दोम |

1 बुध ॐ गजध्वजाय विद्महे सुखहस्ताय धीमहि तन्नो बुधः प्रचोदयात् ॥

2 ॐ चन्द्रपुत्राय विद्महे रोहिणी प्रियाय धीमहि तन्नो बुधः प्रचोदयात् ॥

3 ॐ सौम्यरूपाय विद्महे वाणेशाय धीमहि तन्नो बुधः प्रचोदयात्

ॐ ब्रां ब्रीं ब्रौं सः बुधाय नमः ॥

जैन धर्म मंत्र-

1नवग्रह मंत्र -"ओम आसिया उसाय नमः" ।

श्री जिनसागरसूरि रचित नवग्रह शांति

अर्के पद्म प्रभश्चैव, सोमे चन्द्र प्रभस्तथा।
मंगले वासुपूज्यश्च बुधे मल्लि जिनेश्वरः।।1।।
गुरौ तु वर्धमानश्च शुक्रे पुष्प जिनेश्रः।
राहौ नेमिजिनेंद्र स्याच्छनौ च मुनि सुव्रतः।।2।।
केतौ तु पाश्र्वनाथश्चेत्येते नव ग्रहाधिपाः।
कल्याणं संततं कुर्युः भव्यं भव्यैकसंहतेः।।3।।

2ॐ ऐँ ह्रीं श्रीं लक्ष्मीधारणी हंसः ह्रीं पद्मावती स्वाहा ।

तीर्थकर -श्रीशांतिनाथ स्वामी की पूजा करनी चाहिए।

(श्री विमलनाथ स्वामी, अनंतनाथ स्वामी धर्मनाथ स्वामी,

शांतिनाथ स्वामी, कुंथुनाथ स्वामी, अरनाथ स्वामी, नमिनाथ स्वामी व महावीर स्वामी,की पूजा स्मरण )

दूध से स्नान कराना, नैवेद्य, फल, फूल से पूजन –

4।विमलानंत धर्मारा: शांति कुंथुर्नमिस्तथा, महावीरश्च तन्नान्मा,

शुभो भूया: सदा बुध:

5ऊँ ह्रीं णमो उवज्झायाणं।

शांति मंत्र

6 ऊँ ह्रीं श्रीं अर्हम श्री शांतिनाथाय नमः

मम बुध ग्रह शांति कुरु कुरु स्वाहा।

बुध ग्रह

1-ऊँ ह्रीं अर्हं बुध ग्रहा अरिष्ट निवारक-श्री पद्मप्रभ जिनेन्द्राय नमः सर्व शांतिं कुरू कुरू स्वाहा।

ऊँ ह्रीं णमो उवज्झायाणं।

श्री विमलनाथ या श्री मल्लिनाथ भगवान का स्मरण करे-

ॐ ह्रीं णमो उवज्झायाणं |

ॐ ह्रीं बुधग्रह अरिष्टनिवारक-श्री मल्लिनाथजिनेन्द्राय नम:

सर्वशांतिं कुरुकुरु स्वाहा।

मम (.अपना नाम.) दुष्टग्रहरोगकष्टनिवारणं सर्वशांतिं कुरू कुरू हूँ फट् स्वाहा।

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संतान को विकलांगता, अल्पायु से बचाइए श्राद्ध - पितरों से वरदान लीजिये पंडित विजेंद्र कुमार तिवारी jyotish9999@gmail.com , 9424446706   श्राद्ध : जानने  योग्य   महत्वपूर्ण तथ्य -कब,क्यों श्राद्ध करे?  श्राद्ध से जुड़े हर सवाल का जवाब | पितृ दोष शांति? राहू, सर्प दोष शांति? श्रद्धा से श्राद्ध करिए  श्राद्ध कब करे? किसको भोजन हेतु बुलाएँ? पितृ दोष, राहू, सर्प दोष शांति? तर्पण? श्राद्ध क्या है? श्राद्ध नहीं करने के कुपरिणाम क्या संभावित है? श्राद्ध नहीं करने के कुपरिणाम क्या संभावित है? श्राद्ध की प्रक्रिया जटिल एवं सबके सामर्थ्य की नहीं है, कोई उपाय ? श्राद्ध कब से प्रारंभ होता है ? प्रथम श्राद्ध किसका होता है ? श्राद्ध, कृष्ण पक्ष में ही क्यों किया जाता है श्राद्ध किन२ शहरों में  किया जा सकता है ? क्या गया श्राद्ध सर्वोपरि है ? तिथि अमावस्या क्या है ?श्राद्द कार्य ,में इसका महत्व क्यों? कितने प्रकार के   श्राद्ध होते   हैं वर्ष में   कितने अवसर श्राद्ध के होते हैं? कब  श्राद्ध किया जाना...

गणेश विसृजन मुहूर्त आवश्यक मन्त्र एवं विधि

28 सितंबर गणेश विसर्जन मुहूर्त आवश्यक मन्त्र एवं विधि किसी भी कार्य को पूर्णता प्रदान करने के लिए जिस प्रकार उसका प्रारंभ किया जाता है समापन भी किया जाना उद्देश्य होता है। गणेश जी की स्थापना पार्थिव पार्थिव (मिटटीएवं जल   तत्व निर्मित)     स्वरूप में करने के पश्चात दिनांक 23 को उस पार्थिव स्वरूप का विसर्जन किया जाना ज्योतिष के आधार पर सुयोग है। किसी कार्य करने के पश्चात उसके परिणाम शुभ , सुखद , हर्षद एवं सफलता प्रदायक हो यह एक सामान्य उद्देश्य होता है।किसी भी प्रकार की बाधा व्यवधान या अनिश्ट ना हो। ज्योतिष के आधार पर लग्न को श्रेष्ठता प्रदान की गई है | होरा मुहूर्त सर्वश्रेष्ठ माना गया है।     गणेश जी का संबंध बुधवार दिन अथवा बुद्धि से ज्ञान से जुड़ा हुआ है। विद्यार्थियों प्रतियोगियों एवं बुद्धि एवं ज्ञान में रूचि है , ऐसे लोगों के लिए बुध की होरा श्रेष्ठ होगी तथा उच्च पद , गरिमा , गुरुता , बड़प्पन , ज्ञान , निर्णय दक्षता में वृद्धि के लिए गुरु की हो रहा श्रेष्ठ होगी | इसके साथ ही जल में विसर्जन कार्य होता है अतः चंद्र की होरा सामा...

श्राद्ध रहस्य - श्राद्ध क्यों करे ? कब श्राद्ध नहीं करे ? पिंड रहित श्राद्ध ?

श्राद्ध रहस्य - क्यों करे , न करे ? पिंड रहित , महालय ? किसी भी कर्म का पूर्ण फल विधि सहित करने पर ही मिलता है | * श्राद्ध में गाय का ही दूध प्रयोग करे |( विष्णु पुराण ) | श्राद्ध भोजन में तिल अवश्य प्रयोग करे | श्राद्ध अपरिहार्य है क्योकि - श्राद्ध अपरिहार्य - अश्वनी माह के कृष्ण पक्ष तक पितर अत्यंत अपेक्षा से कष्ट की   स्थिति में जल , तिल की अपनी संतान से , प्रतिदिन आशा रखते है | अन्यथा दुखी होकर श्राप देकर चले जाते हैं | श्राद्ध अपरिहार्य है क्योकि इसको नहीं करने से पीढ़ी दर पीढ़ी संतान मंद बुद्धि , दिव्यांगता .मानसिक रोग होते है | हेमाद्रि ग्रन्थ - आषाढ़ माह पूर्णिमा से /कन्या के सूर्य के समय एक दिन भी श्राद्ध कोई करता है तो , पितर एक वर्ष तक संतुष्ट/तृप्त रहते हैं | ( भद्र कृष्ण दूज को भरणी नक्षत्र , तृतीया को कृत्तिका नक्षत्र   या षष्ठी को रोहणी नक्षत्र या व्यतिपात मंगलवार को हो ये पिता को प्रिय योग है इस दिन व्रत , सूर्य पूजा , गौ दान गौ -दान श्रेष्ठ | - श्राद्ध का गया तुल्य फल- पितृपक्ष में मघा सूर्य की अष्टमी य त्रयोदशी को मघा नक्षत्र पर चंद्र ...

गणेश भगवान - पूजा मंत्र, आरती एवं विधि

सिद्धिविनायक विघ्नेश्वर गणेश भगवान की आरती। आरती  जय गणेश जय गणेश जय गणेश देवा।  माता जा की पार्वती ,पिता महादेवा । एकदंत दयावंत चार भुजा धारी।   मस्तक सिंदूर सोहे मूसे की सवारी | जय गणेश जय गणेश देवा।  अंधन को आँख  देत, कोढ़िन को काया । बांझन को पुत्र देत, निर्धन को माया । जय गणेश जय गणेश देवा।   हार चढ़े फूल चढ़े ओर चढ़े मेवा । लड्डूअन का  भोग लगे संत करें सेवा।   जय गणेश जय गणेश देवा।   दीनन की लाज रखो ,शम्भू पत्र वारो।   मनोरथ को पूरा करो।  जाए बलिहारी।   जय गणेश जय गणेश देवा। आहुति मंत्र -  ॐ अंगारकाय नमः श्री 108 आहूतियां देना विशेष शुभ होता है इसमें शुद्ध घी ही दुर्वा एवं काले तिल का विशेष महत्व है। अग्नि पुराण के अनुसार गायत्री-      मंत्र ओम महोत काय विद्महे वक्रतुंडाय धीमहि तन्नो दंती प्रचोदयात्। गणेश पूजन की सामग्री एक चौकिया पाटे  का प्रयोग करें । लाल वस्त्र या नारंगी वस्त्र उसपर बिछाएं। चावलों से 8पत्ती वाला कमल पुष्प स्वरूप बनाएं। गणेश पूजा में नार...

विवाह बाधा और परीक्षा में सफलता के लिए दुर्गा पूजा

विवाह में विलंब विवाह के लिए कात्यायनी पूजन । 10 oct - 18 oct विवाह में विलंब - षष्ठी - कात्यायनी पूजन । वैवाहिक सुखद जीवन अथवा विवाह बिलम्ब   या बाधा को समाप्त करने के लिए - दुर्गतिहारणी मां कात्यायनी की शरण लीजिये | प्रतिपदा के दिन कलश स्थापना के समय , संकल्प में अपना नाम गोत्र स्थान बोलने के पश्चात् अपने विवाह की याचना , प्रार्थना कीजिये | वैवाहिक सुखद जीवन अथवा विवाह बिलम्ब   या बाधा को समाप्त करने के लिए प्रति दिन प्रातः सूर्योदय से प्रथम घंटे में या दोपहर ११ . ४० से १२ . ४० बजे के मध्य , कात्ययानी देवी का मन्त्र जाप करिये | १०८बार | उत्तर दिशा में मुँह हो , लाल वस्त्र हो जाप के समय | दीपक मौली या कलावे की वर्तिका हो | वर्तिका उत्तर दिशा की और हो | गाय का शुद्ध घी श्रेष्ठ अथवा तिल ( बाधा नाशक + महुआ ( सौभाग्य ) तैल मिला कर प्रयोग करे मां भागवती की कृपा से पूर्वजन्म जनितआपके दुर्योग एवं   व्यवधान समाप्त हो एवं   आपकी मनोकामना पूरी हो ऐसी शुभ कामना सहित || षष्ठी के दिन विशेष रूप से कात्यायनी के मन्त्र का २८ आहुति / १०८ आहुति हवन कर...

कलश पर नारियल रखने की शास्त्रोक्त विधि क्या है जानिए

हमे श्रद्धा विश्वास समर्पित प्रयास करने के बाद भी वांछित परिणाम नहीं मिलते हैं , क्योकि हिन्दू धर्म श्रेष्ठ कोटी का विज्ञान सम्मत है ।इसकी प्रक्रिया , विधि या तकनीक का पालन अनुसरण परमावश्यक है । नारियल का अधिकाधिक प्रयोग पुजा अर्चना मे होता है।नारियल रखने की विधि सुविधा की दृष्टि से प्रचलित होगई॥ मेरे ज्ञान  मे कलश मे उल्टा सीधा नारियल फसाकर रखने की विधि का प्रमाण अब तक नहीं आया | यदि कोई सुविज्ञ जानकारी रखते हो तो स्वागत है । नारियल को मोटा भाग पूजा करने वाले की ओर होना चाहिए। कलश पर नारियल रखने की प्रमाणिक विधि क्या है ? अधोमुखम शत्रु विवर्धनाए , उर्ध्वस्य वक्त्रं बहुरोग वृद्ध्यै प्राची मुखं वित्त्नाश्नाय , तस्माच्छुभम सम्मुख नारिकेलम अधोमुखम शत्रु विवर्धनाए कलश पर - नारियल का बड़ा हिस्सा नीचे मुख कर रखा जाए ( पतला हिस्सा पूछ वाला कलश के उपरी भाग पर रखा जाए ) तो उसे शत्रुओं की वृद्धि होती है * ( कार्य सफलता में बाधाएं आती है संघर्ष , अपयश , चिंता , हानि , सहज हैशत्रु या विरोधी तन , मन धन सर्व दृष्टि से घातक होते है ) उर्ध्वस्य वक्त्रं बहुरोग वृद्ध्यै कलश ...