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Horoscope – 12 Zodiac Signs (Bilingual / द्विभाषी) 01/02-03.2026 नए वस्त्र +अशुभ . संकट --निवारण -भाग्य वृद्धि REMEDY।


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 Horoscope – 12 Zodiac Signs (Bilingual / द्विभाषी) 01/02-03.2026

नए वस्त्र +अशुभ . संकट --निवारण -भाग्य वृद्धि REMEDY

"This includes today's auspicious for Wearing new bangles, ornaments, and clothes; Food and donation guidelinesPriority tasks; Festivals and fasts; ; Mantras Remedies- Vedik Jain; and more—

covering daily

- Do's and don'ts to overcome obstacles and achieve greater success

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🔶 Panchang Details — पंचांग विवरण (Bilingual)

🌼 Date — 01 March
🌼 Month (माह) — Phalguna, Shukla Paksha
फाल्गुन मास, शुक्ल पक्ष

🪐 Day (दिन) — Sunday (रविवार)

🌙 Tithi (तिथि) — Nanda Trayodashi (नन्द त्रयोदशी)
⏰ Mool till 20:41
मूल योग रात्रि 20:41 तक

Auspicious Work Timing — शुभ कार्यारम्भ समय
08:41 AM onwards till end of night
प्रातः 08:41 से रात्रि अंत तक शुभ

🌟 Nakshatra (नक्षत्र)
Pushya till 08:41 AM (
पुष्य 08:41 तक)
08:42 AM onwards Ashlesha Nakshatra
08:42
से आश्लेषा नक्षत्र प्रारम्भ

🌙 Moon Sign (चन्द्र राशि) — Cancer (कर्क)

🕉 Pradosh Vrat Special — प्रदोष व्रत विशेष
Damptya Sukh-karak (
दाम्पत्य सुखदायक)
Sandhya Kaal Shiva Puja Recommended
संध्याकाल शिव पूजा विशेष फलदायक

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👕 New Clothes Wearing — नए वस्त्र धारण

Till 08:41 AM
⚠ Not suitable for Shri Varg (Women)
श्री वर्ग (महिलाओं) हेतु वर्जित

❌ Avoid new clothes & ornaments (especially luxury use)
नए वस्त्र-आभूषण धारण वर्जित (विशेषतः विलास हेतु)

🌟 For Men (पुरुष वर्ग) — Till 08:41 AM
Success in works
Financial growth
Progress in pending matters
सभी कार्यों में सफलता, धन वृद्धि एवं लंबित कार्यों में प्रगति

After 08:41 AM (Men & Women both)
❌ Wearing new clothes, ornaments, mehendi, or ceremonial adornment may cause mental disturbance
❌ 08:41
के पश्चात नए वस्त्र, आभूषण, मेहंदी आदि का प्रयोग मानसिक कष्टकारक माना गया है

📖 मंत्र (Mantras to Chant):

  • " नमः शिवाय"
  • " विष्णवे नमः। देव देवेश्वराय नमः। वाम देवाय नमः। अघोराय नमः। तत्पुरुषाय नमः। ईशानाय नमः।"

🔥 विशेष उपाय (Special Remedies):

  • आरती के दीपक में लौंग जलाएं।
  • Light cloves in the Aarti lamp.
  • भोजन में भात (rice) शामिल करें।Include rice in meals

🌑 अशुभ समय -

  • 08:24–09:12  – 
  • आत्मसम्मान में आघातमानहानि। :
  •  Ego hurt, loss of respect.
  • 10:00–10:48   
  • व्यवसायिक निर्णययात्रा और नए कार्य अशुभ।
  •  : Business, travel, and new tasks inauspicious.
  • 11:36–12:24  
  •  – बौद्धिकआध्यात्मिक और धन-संबंधी कार्य बाधित।
  •  : Obstacle in intellectual, spiritual, and financial tasks.
  • 13:12–14:00  
  • – प्रेमसौंदर्यधन संबंधी कार्य बाधित। 
  • : Obstruction in love, beauty, financial matters.
  • 14:48–15:36  
  • – हानिभ्रमबंधन। :
  • Loss, confusion, bondage.
  • 16:24–17:12  
  • – संघर्षतनावशारीरिक थकान। 
  • : Conflicts, stress, physical fatigue.
  • 18:00–18:48  
  • – चोटदुर्घटना। : Injury, accidents.
  • 16:30–18:00  
  • – शिक्षाव्यवसाययात्रा और नए कार्य अशुभ।
  •  : Inauspicious for education, business, travel, and new tasks. 🌟 जन्म नक्षत्र वालों का दिन शुभ एवं सफलता से व्यतीत होगा।
    🌟 Those born under today’s Nakshatras will experience an auspicious and successful day.
  • जिन जातकों का जन्म निम्न नक्षत्रों में हुआ है
    भरणी (Bharani), कृत्तिका (Krittika), मृगशिरा (Mrigashira), पुनर्वसु (Punarvasu), अश्लेषा (Ashlesha), पूर्वाफाल्गुनी (Purva Phalguni), उत्तराफाल्गुनी (Uttara Phalguni), चित्रा (Chitra), विशाखा (Vishakha), ज्येष्ठा (Jyeshtha), पूर्वाषाढ़ा (Purva Ashadha), उत्तराषाढ़ा (Uttara Ashadha), धनिष्ठा (Dhanishtha), पूर्वभाद्रपद (Purva Bhadrapada), रेवती (Revati)
  • उनके लिए आज का दिन प्रगति, सौभाग्य और कार्यसिद्धि से भरा रहेगा।
    People born under these Nakshatras will find today highly favorable for growth, prosperity, and accomplishment — especially in personal efforts, business ventures, and family harmony.

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02march

🌼 Month — Phalguna (Shukla Paksha)

🌼 माहफाल्गुन (शुक्ल पक्ष)

• ❌ Auspicious works avoided till 05:33 A.M.
05:33
प्रातः तक शुभ कार्य वर्जित

🔥 Holika Dahan: 05:34–06:35 A.M. (before sunrise)
🔥 होलिका दहन: 05:34–06:35 प्रातः (सूर्योदय पूर्व)


🪐 Day — Monday

🪐 दिनसोमवार

🌙 Tithi — Chaturdashi
🌙 तिथिचतुर्दशी

Purnima begins from 18:04 (Pradosh onward)
पूर्णिमा प्रारंभ — 18:04 सायं (प्रदोष काल से)

🌟 Nakshatra — Ashlesha till 07:57 A.M., then Magha begins
🌟 नक्षत्रआश्लेषा 07:57 तक, तत्पश्चात मघा प्रारंभ

Pradosh Vrat — Enhances marital harmony
प्रदोष व्रतदाम्पत्य सुखकारक

• Evening Shiv Puja
• Sandhya Kaal worship
• Vrish (Bull) symbolic donation

🌺 Mahesh Vrat

📿 Significance (2 Lines)
Mahesh Vrat removes obstacles, grants peace, and stabilizes married life.
महेश व्रत विघ्न नाशक, मनःशांति दायक तथा दाम्पत्य स्थिरता प्रदान करता है।

Duration: 16 Mondays (ideal) or minimum 11 Mondays.
🪔 Deepak: Cow ghee lamp, white cotton wick, Bilva leaves offering.

🕉 Mantra:
नमः शिवाय

🌑 अशुभ समय -

•06:35–07:51 A.M.

 08:04–09:33 A.M.
• 11:03 A.M.–12:32 P.M.
• 02:01–03:30 P.M.
• 12:56–01:43 P.M.

• 03:18–04:06 P.M.
• 19:41–21:16 P.M.

• •


- Rare Lagna-Based Muhurat -अन्यत्र - दुर्लभ मुहूर्त

This is a supreme, unique (rarely found else where) Auspicious time . 🌙 Lagna Muhurat
13:45-02:00;
21:35 PM 23:21 PM
02:19 AM 03:450 AM

 कार्य इन्हीं समयों में प्रारम्भ करें।
सही समय चुनना सफलता सुनिश्चित करता है।

  • देशे ग्रामे ग्रहे युद्धे सेवायां व्यवहारके।
  • नाम राशेः प्रधानत्वं जन्म राशिं चिन्तयेत्।।
  • 🔴. - देश , ग्राम में निवास, भूमि या भवन की रजिस्ट्री, नौकर रखते समय,
  • (कोर्ट कचहरी)न्यायालयीन मामलों, व्यवहार ( व्यवसायिक या मित्रता ) नियुक्ति, निवेश, अनुबंध, मित्रता,सेवा, नौकरी,नौकर व्यवसायिक और सामाजिक व्यवहार में नाम प्रधान है। ·  In matters of residence, village/town, property or building registration, military/service matters, employment, or business dealings, the name sign (Nama Rashi) is primary. The birth sign (Janma Rashi) should not be considered.
  • - व्यवहारिक ( अल्पकालीन कार्य के लिए )नाम का प्रयोग करें:

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🔮 आज का राशिफल | Today's Horoscope

विद्यारम्भे विवाहे सर्व संस्कार कर्मषु।

जन्म राशिः प्रधानत्वं, नाम राशि चिन्तयेत्

विवाहे सर्व मांगल्ये यात्रादौ ग्रहगोचरे।

जन्मराशेः प्रधानत्वं नाम राशिं चिंतयेत् ।।

(विवाह, यात्रा,शिक्षा प्रारंभ, विवाह और संस्कार कर्मों में नए कार्य, मांगलिक कार्य, यात्रा, ग्रह-गोचर - जन्म राशि से विचार करना चाहिये जन्म राशि प्रधान )For initiation of education, marriage, and all ritualistic ceremonies, the birth sign is primary. The name sign is secondary.

Daily Horoscope | दैनिक राशिफल

🌟 इन नक्षत्रों से संबंधित नाम के प्रथम अक्षर वालों का दिन अत्यंत शुभ और सिद्धि प्रदान करने वाला रहेगा।
🌟 Those whose names begin with the first syllables related to these Nakshatras will have an auspicious and successful day. शुभ अक्षर / Auspicious Syllables (Bilingual):
ली (Li), लू (Loo), ले (Le), लो (Lo); (A), (Ee), (Oo), (E); वे (Ve), वो (Vo), का (Ka), की (Ki); के (Ke), को (Ko), हा (Ha), ही (Hee); डी (Dee), डू (Doo), डे (De), डो (Do); मो (Mo), टा (Ta), टी (Tee), टू (Too); ते (Te), टो (To), पा (Paa), पी (Pee); पे (Pe), पो (Po), रा (Ra), री (Ree); ती (Tee), तू (Too), ते (Te), तो (To); नो (No), या (Ya), यी (Yee), यू (Yoo); भू (Bhoo), धा (Dha), फा (Pha), ढा (Dha); भे (Bhe), भो (Bho), जा (Jaa), जी (Jee); गा (Ga), गी (Gee), गु (Gu), गे (Ge); से (Se), सो (So), दा (Da), दी (Dee); दे (De), दो (Do), चा (Cha), ची (Chee)

🪔 इन अक्षरों से नाम प्रारंभ करने वाले जातकों के लिए आज का दिन सफलता, सम्मान और सौभाग्य से परिपूर्ण रहेगा।
🪔 People whose names start with these syllables will experience a day filled with success, respect, and prosperity.

  •  

 

👗 नए वस्त्र और आभूषण प्रयोग के संभावित प्रभाव

Future Consequences of Using New Clothes/Jewelry

जब भी इस वस्त्र या आभूषण का भविष्य में प्रयोग करेंगे तो:

  • जीवन में सुख-शांति, स्वास्थ्य, और मनोबल में वृद्धि होगी।
  • In the future, using these clothes or jewelry will bring peace, health, and increased confidence.


राशि विशेष उपाय | Remedies for Specific Signs

कर्क, वृष, कन्या, मकर राशि वालों को तिथि दोष के उपाय करने चाहिए।
People with Cancer, Taurus, Virgo, and Capricorn signs should perform remedies for date-related obstacles.
🌟 नक्षत्र प्रभाव | Nakshatra Influence-

इन नक्षत्रों में जन्म लेने वालों के लिए दिन अनुकूल होगा:
Ashwini, Krittika, Rohini, Ardra, Pushya, Magha, Uttaraphalguni, Hasta, Swati, Anuradha, Moola, Uttarashada, Shravan, Shatabhisha, Uttarabhadrapada.

People born under these Nakshatras will have a favorable day.


🔤 भविष्यफल नाम के प्रथम अक्षर से | Prediction Based on First Letter of Name

  • यदि नाम (व्यक्ति, वस्तु, कंपनी, स्थान) अशुभ हो तो यात्रा, गृह प्रवेश, व्यवहारिक कार्य, जॉइनिंग, आवेदन, परामर्श, जोखिम, विवाद आदि शुभ नहीं होंगे।
  • If the name (person, object, company, place) is inauspicious, then travel, house entry, practical work, joining, applications, consultations, risks, and disputes will not be favorable.
  • नाम के प्रथम अक्षर – "", "", "", "" वालों के लिए दिन बाधक रहेगा।
  • For names starting with 'B', 'P', 'J', 'Kh', the day will be challenging.
  • शेष सभी नाम अक्षर के लिए दिन उत्तम रहेगा।
  • For all other name initials, the day will be favorable.

 

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जन्म नक्षत्र निम्न हो तो आज  का दिन सुखद अनुकूल होगा

(Daily Horoscope - राशिफल

1. मेष (Aries) - Luck: Moderate (मध्यम)

  • Finance (वित्त): Control expenses (खर्च नियंत्रित करें)
  • Progress (प्रगति): Plan carefully (सोच-समझकर योजना बनाएं)
  • Health (स्वास्थ्य): Insomnia possible (अनिद्रा संभव)
  • Rest (विश्राम): Take breaks (आराम करें)

2. वृष (Taurus) - Luck: Favorable (अनुकूल)

  • Finance: Gains expected (लाभ की संभावना)
  • Progress: Opportunities ahead (अवसर मिलेंगे)
  • Health: Digestive care (पाचन का ध्यान रखें)
  • Rest: Family time (परिवार संग समय बिताएँ)

3. मिथुन (Gemini) - Luck: Excellent (उत्तम)

  • Finance: Financial growth (धन वृद्धि)
  • Progress: Career boost (करियर में बढ़त)
  • Health: Mental peace (मानसिक शांति)
  • Rest: Travel possible (यात्रा संभव)

4. कर्क (Cancer) - Luck: Strong (मजबूत)

  • Finance: Money flow (धन आगमन)
  • Progress: Workplace success (कार्यस्थल सफलता)
  • Health: High energy (ऊर्जा बनी रहेगी)
  • Rest: Self-reflection (आत्मविश्लेषण करें)

5. सिंह (Leo) - Luck: Very Good (बहुत अच्छा)

  • Finance: Wealthy gains (धन लाभ)
  • Progress: Career peak (करियर में ऊँचाई)
  • Health: Good stamina (अच्छी सहनशक्ति)
  • Rest: Enjoyment (आनंद लें)

6. कन्या (Virgo) - Luck: Challenging (चुनौतीपूर्ण)

  • Finance: Spend wisely (सोच-समझकर खर्च करें)
  • Progress: Proceed with caution (सावधानी से बढ़ें)
  • Health: Stomach issues (पेट की समस्या)
  • Rest: Stay calm (शांत रहें)

7. तुला (Libra) - Luck: Bright (उज्ज्वल)

  • Finance: Pending payments clear (बकाया राशि मिलेगी)
  • Progress: Growth in work (काम में प्रगति)
  • Health: Mild fatigue (थोड़ी थकान)
  • Rest: Socialize (सामाजिक रहें)

8. वृश्चिक (Scorpio) - Luck: Excellent (उत्तम)

  • Finance: Profits ahead (लाभ के अवसर)
  • Progress: Full success (पूर्ण सफलता)
  • Health: Strong vitality (शक्तिशाली ऊर्जा)
  • Rest: Travel plans (यात्रा की योजना)

9. धनु (Sagittarius) - Luck: Mixed (मिश्रित)

  • Finance: Gains & losses (लाभ हानि दोनों)
  • Progress: Slow but steady (धीमा पर स्थिर)
  • Health: Mental stress (मानसिक तनाव)
  • Rest: Meditate (ध्यान करें)

10. मकर (Capricorn) - Luck: Struggling (संघर्षशील)

  • Finance: Major expenses (बड़े खर्च संभव)
  • Progress: Hurdles ahead (रुकावटें सकती हैं)
  • Health: Digestion issues (पाचन समस्या)
  • Rest: Family bonding (परिवार संग समय)

11. कुंभ (Aquarius) - Luck: Strong (मजबूत)

  • Finance: Money inflow (धन आगमन)
  • Progress: New opportunities (नए अवसर)
  • Health: Energetic day (ऊर्जावान दिन)
  • Rest: Relax & enjoy (आराम करें और आनंद लें)

12. मीन (Pisces) - Luck: Supreme (श्रेष्ठ)

  • Finance: Great wealth (अच्छा धन लाभ)
  • Progress: Success assured (सफलता निश्चित)
  • Health: Excellent health (उत्तम स्वास्थ्य)
  • Rest: Spiritual growth (आध्यात्मिक प्रगति)

Lucky Word: Prosperity (समृद्धि) 🌟

 

. Today’s Remedy

·           All-in-One Divine Remedy to Remove Obstacles, Hidden Dangers, Negative Energy , Mental Distress& Mental Peace

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·         पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र मंत्र | Purva Phalguni Nakshatra Mantra

·         📖 बृहत संहिता, तैत्तिरीय ब्राह्मण
🔹 मंत्र:
"
भगाय विद्महे महाधनाय धीमहि तन्नो भगः प्रचोदयात्॥"
"Om Bhagay Vidmahe Mahadhanaya Dhimahi Tanno Bhagah Prachodayat
"
📜 अर्थ: हम भग देव को जानते हैं, जो महान ऐश्वर्य के दाता हैं। वे हमें धन, समृद्धि और भाग्य प्रदान करें।

·        

📖 नारद संहिता, जातक पारिजात
🔹 वैकल्पिक मंत्र:
" ऐं क्लीं श्री भगाय नमः॥"
"Om Aim Kleem Shree Bhagay Namah"
📜 अर्थ: भग देव की कृपा से ऐश्वर्य, प्रेम, और सफलता की प्राप्ति हो।                                               श्री जिनसागरसूरि रचित नवग्रह शांति -

अर्के पद्मप्रभु श्चै, सोमे चन्द्रप्रभु स्तथा। मंगले वासु पूज्यश्च बुधे मल्लि जिनेश्वरः।।1।।
गुरौ तु वर्धमानश्च शुक्रे पुष्प जिनेश्रः। राहौ नेमिजिनेंद्र स्याच्छनौ च मुनि सुव्रतः।।2।।
केतौ तु पाश्र्वनाथश्चेत्येते नवग्रहाधिपाः। कल्याणं संततं कुर्युः भु व्यं भु व्यैकसंहतेः।।3।।

चंद्र ग्रह चंद्रप्रभु भगवान की प्रार्थना जाप्य

ॐ ह्रीं सोम ग्रहारिष्ट निवारक-श्री चन्द्रप्रभुजिनेन्द्राय नम: सर्वशांतिं कुरुकुरु स्वाहा। चंद्र ग्रह - मन में श्वेत रंग की धारणा करते हुए- ॐ ह्रीं णमो अरिहंताणं ऊँ नमोऽर्हते भु वते श्रीमतेन्द्रप्रभु तीर्थंकराय विजय यक्ष ज्वाला-मालिनी यक्षीसहिताय ऊँ आं क्रौं ह्रीं ह्यः सोम महाग्रह! मम (...................) दुष्ट ग्रह रोग कष्ट निवारणं सर्वशांतिं कुरू कुरू हूँ फट् स्वाहा। (11000 जाप्य)


·          

 

🔴 MARS TRANIT / मंगल गोचर 02 अप्रैल तक कुंभ राशि में 🔴 MARS TRANSIT EFFECT till 02 April; 🔴 10 मार्च तक प्रबल शुभ-अशुभ परिणाम प्राप्त होंगे)

(Strong positive and negative results will be experienced until 10 March)

  1. FAVOURABLE SIGNS — अनुकूल राशियाँ
    Safalta aur sukhad prabhav milengeसफलता सुखद प्रभाव मिलेंगे
    Aries
    मेष Virgoकन्या   Sagittariusधनु
  2. 2 ⚖  SUCCESS AFTER EFFORTप्रयास के बाद सफलता
    Gemini
    मिथुन  Libraतुला Taurusवृषभ Leoसिंह Capricornमकर
  3. 3 🔧 MARS REMEDY REQUIRED — मंगल उपाय आवश्यक
    Cancer
    कर्क  Scorpioवृश्चिक Piscesमीन  Aquariusकुंभ

शुक्र (Venus) मीन राशि में रहेगा:
2
मार्च 2026 से 26 मार्च 2026 (approx early morning) तक।

4.     प्रतिकूल प्रभाव (Challenging Signs)

मेष (Aries)स्वभाव टकराव, अधीरता
सिंह (Leo)अहं टकराव, अपेक्षाएँ अधिक
मिथुन (Gemini)अस्थिरता, भावनात्मक असंतुलन
कन्या (Virgo)अधिक विश्लेषण, भावनात्मक दूरी
तुला (Libra)निर्णयहीनता, संतुलन चुनौती

इन राशियों के साथ प्रेम, मित्रता या दाम्पत्य में अतिरिक्त समझ और धैर्य आवश्यक है।

शुक मीन राशि में होने के कारण, निम्न राशियों के लिए यह समय विशेषतः सकारात्मक और मिलन-योग्य रहता है:🪩 मकर वृषभ (Taurus)स्थिर प्रेम, आर्थिक सुख
कर्क (Cancer)भावनात्मक संतुलन, घरेलू सुख
वृश्चिक (Scorpio)गहरा आकर्षण, समझदारी
कन्या (Virgo)संतुलित संबंध, स्थिर समर्थन
मीन (Pisces)आत्मिक प्रेम, भावनात्मक सामंजस्य

इन राशियों में मित्रता, प्रेम, दाम्पत्य तथा सहकार्य के विषयों में शुक्र का प्रभाव शुभ, सौहार्दपूर्ण और आनंददायक रह सकता है।

🏏 T20 World Cup Cricket — Planetary Transit Based Prediction

🏏 T20 विश्वकप क्रिकेट — ग्रह गोचर आधारित पूर्व आकलन

Astrological Analysis & Planetary Blessings Forecast
ज्योतिषीय विश्लेषण एवं ग्रह कृपा का पूर्वानुमान

V. K. Tiwari, Jyotish Shiromani
वि. की. तिवारी, ज्योतिष शिरोमणि


🌼 Key Astrological Indicators | मुख्य ज्योतिषीय संकेत

• The activation of fire and air element zodiac signs during current planetary transits indicates decisive influence in competitive sports.
• वर्तमान ग्रह गोचर में अग्नि एवं वायु तत्व राशियों की सक्रियता प्रतियोगी खेलों में निर्णायक भूमिका दर्शाती है।

• The Moon’s position will strongly affect team morale and match momentum.
• चन्द्रमा की स्थिति टीमों के मनोबल एवं मैच के प्रवाह को प्रभावित करने वाली प्रमुख कारक रहेगी।

• Mars and Jupiter together create combinations supporting aggressive performance and ultimate victory.
• मंगल एवं गुरु का प्रभाव आक्रामक प्रदर्शन तथा अंतिम विजय योग निर्मित कर रहा है।


🌼 New Zealand vs South Africa — Planetary Analysis

🌼 न्यूज़ीलैंड vs दक्षिण अफ्रीका — ग्रह स्थिति विश्लेषण

• Favorable planetary aspects strengthen New Zealand’s zodiac influence.
• गोचर अनुसार न्यूज़ीलैंड की राशि पर शुभ ग्रह दृष्टि बल प्रदान करती है।

• Moon–Mars harmony supports strategic balance and patience.
• चन्द्र-मंगल समन्वय से रणनीतिक संतुलन एवं धैर्य की स्थिति मजबूत।

• Saturn’s influence on South Africa may create pressure during decisive moments.
• दक्षिण अफ्रीका पर शनि प्रभाव से मैच के निर्णायक क्षणों में दबाव की संभावना।

Conclusion: New Zealand is astrologically likely to remain in a stronger position.
निष्कर्ष: इस मुकाबले में न्यूज़ीलैंड की स्थिति अपेक्षाकृत अधिक सशक्त रहने की संभावना।


🌼 India vs England — Astrological Signals

🌼 भारत vs इंग्लैंड — ज्योतिषीय संकेत

• Jupiter’s favorable aspect forms a victory combination for India.
• भारत की राशि पर गुरु की अनुकूल दृष्टि विजय योग का निर्माण करती है।

• Support of Sun and Mars enhances leadership, confidence, and attacking gameplay.
• सूर्य एवं मंगल का सहयोग नेतृत्व, आत्मविश्वास एवं आक्रामक खेल को बल देगा।

• Lunar instability indicates fluctuations in England’s performance.
• इंग्लैंड पक्ष में चन्द्र अस्थिरता से प्रदर्शन में उतार-चढ़ाव संकेतित।

Conclusion: Planetary transits strongly indicate India’s victory probability.
निष्कर्ष: ग्रह गोचर स्पष्ट रूप से भारत की विजय प्रबलता की ओर संकेत करता है।


🌼 Overall Planetary Blessings | समग्र ग्रह कृपा संकेत

• Matches played on auspicious lunar dates favor India and allied zodiac teams.
• शुभ तिथियों में खेले गए मैच भारत एवं मित्र राशियों वाली टीमों के पक्ष में झुकाव दर्शाते हैं।

• Balance of destiny and effort is indicated during knockout stages.
• निर्णायक चरणों में भाग्य एवं प्रयास दोनों का संतुलित फल प्राप्त होने के योग।

• Success becomes stronger after initial obstacles.
• अंतिम परिणामों में प्रारम्भिक बाधाओं के बाद सफलता योग प्रबल।


Astrological Summary | ज्योतिषीय सार

According to favorable planetary positions —
ग्रहों की अनुकूल स्थिति के अनुसार —

✔ Strategic advantage for New Zealand over South Africa
✔ न्यूज़ीलैंड को दक्षिण अफ्रीका पर सामरिक बढ़त

✔ India holds very strong victory chances against England
✔ भारत की इंग्लैंड पर विजय संभावना अत्यंत प्रबल

✔ Planetary blessings may change results at decisive moments
✔ प्रतियोगिता में ग्रह कृपा निर्णायक क्षणों में परिणाम पलट सकती है।

 

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*****मनोकामना पूरक सरल मंत्रात्मक रामचरितमानस की चौपाईयाँ-       रामचरितमानस के एक एक शब्द को मंत्रमय आशुतोष भगवान् शिव ने बना दिया |इसलिए किसी भी प्रकार की समस्या के लिए सुन्दरकाण्ड या कार्य उद्देश्य के लिए लिखित चौपाई का सम्पुट लगा कर रामचरितमानस का पाठ करने से मनोकामना पूर्ण होती हैं | -सोमवार,बुधवार,गुरूवार,शुक्रवार शुक्ल पक्ष अथवा शुक्ल पक्ष दशमी से कृष्ण पक्ष पंचमी तक के काल में (चतुर्थी, चतुर्दशी तिथि छोड़कर )प्रारंभ करे -   वाराणसी में भगवान् शंकरजी ने मानस की चौपाइयों को मन्त्र-शक्ति प्रदान की है-इसलिये वाराणसी की ओर मुख करके शंकरजी को स्मरण कर  इनका सम्पुट लगा कर पढ़े या जप १०८ प्रतिदिन करते हैं तो ११वे दिन १०८आहुति दे | अष्टांग हवन सामग्री १॰ चन्दन का बुरादा , २॰ तिल , ३॰ शुद्ध घी , ४॰ चीनी , ५॰ अगर , ६॰ तगर , ७॰ कपूर , ८॰ शुद्ध केसर , ९॰ नागरमोथा , १०॰ पञ्चमेवा , ११॰ जौ और १२॰ चावल। १॰ विपत्ति-नाश - “ राजिव नयन धरें धनु सायक। भगत बिपति भंजन सुखदायक।। ” २॰ संकट-नाश - “ जौं प्रभु दीन दयालु कहावा। आरति हरन बेद जसु गावा।। जपहिं ना...

दुर्गा जी के अभिषेक पदार्थ विपत्तियों के विनाशक एक रहस्य | दुर्गा जी को अपनी समस्या समाधान केलिए क्या अर्पण करना चाहिए?

दुर्गा जी   के अभिषेक पदार्थ विपत्तियों   के विनाशक एक रहस्य | दुर्गा जी को अपनी समस्या समाधान केलिए क्या अर्पण करना चाहिए ? अभिषेक किस पदार्थ से करने पर हम किस मनोकामना को पूर्ण कर सकते हैं एवं आपत्ति विपत्ति से सुरक्षा कवच निर्माण कर सकते हैं | दुर्गा जी को अर्पित सामग्री का विशेष महत्व होता है | दुर्गा जी का अभिषेक या दुर्गा की मूर्ति पर किस पदार्थ को अर्पण करने के क्या लाभ होते हैं | दुर्गा जी शक्ति की देवी हैं शीघ्र पूजा या पूजा सामग्री अर्पण करने के शुभ अशुभ फल प्रदान करती हैं | 1- दुर्गा जी को सुगंधित द्रव्य अर्थात ऐसे पदार्थ ऐसे पुष्प जिनमें सुगंध हो उनको अर्पित करने से पारिवारिक सुख शांति एवं मनोबल में वृद्धि होती है | 2- दूध से दुर्गा जी का अभिषेक करने पर कार्यों में सफलता एवं मन में प्रसन्नता बढ़ती है | 3- दही से दुर्गा जी की पूजा करने पर विघ्नों का नाश होता है | परेशानियों में कमी होती है | संभावित आपत्तियों का अवरोध होता है | संकट से व्यक्ति बाहर निकल पाता है | 4- घी के द्वारा अभिषेक करने पर सर्वसामान्य सुख एवं दांपत्य सुख में वृद्धि होती...

श्राद्ध:जानने योग्य महत्वपूर्ण बातें |

श्राद्ध क्या है ? “ श्रद्धया यत कृतं तात श्राद्धं | “ अर्थात श्रद्धा से किया जाने वाला कर्म श्राद्ध है | अपने माता पिता एवं पूर्वजो की प्रसन्नता के लिए एवं उनके ऋण से मुक्ति की विधि है | श्राद्ध क्यों करना चाहिए   ? पितृ ऋण से मुक्ति के लिए श्राद्ध किया जाना अति आवश्यक है | श्राद्ध नहीं करने के कुपरिणाम ? यदि मानव योनी में समर्थ होते हुए भी हम अपने जन्मदाता के लिए कुछ नहीं करते हैं या जिन पूर्वज के हम अंश ( रक्त , जींस ) है , यदि उनका स्मरण या उनके निमित्त दान आदि नहीं करते हैं , तो उनकी आत्मा   को कष्ट होता है , वे रुष्ट होकर , अपने अंश्जो वंशजों को श्राप देते हैं | जो पीढ़ी दर पीढ़ी संतान में मंद बुद्धि से लेकर सभी प्रकार की प्रगति अवरुद्ध कर देते हैं | ज्योतिष में इस प्रकार के अनेक शाप योग हैं |   कब , क्यों श्राद्ध किया जाना आवश्यक होता है   ? यदि हम   96  अवसर पर   श्राद्ध   नहीं कर सकते हैं तो कम से कम मित्रों के लिए पिता माता की वार्षिक तिथि पर यह अश्वनी मास जिसे क्वांर का माह    भी कहा ज...

श्राद्ध रहस्य प्रश्न शंका समाधान ,श्राद्ध : जानने योग्य महत्वपूर्ण तथ्य -कब,क्यों श्राद्ध करे?

संतान को विकलांगता, अल्पायु से बचाइए श्राद्ध - पितरों से वरदान लीजिये पंडित विजेंद्र कुमार तिवारी jyotish9999@gmail.com , 9424446706   श्राद्ध : जानने  योग्य   महत्वपूर्ण तथ्य -कब,क्यों श्राद्ध करे?  श्राद्ध से जुड़े हर सवाल का जवाब | पितृ दोष शांति? राहू, सर्प दोष शांति? श्रद्धा से श्राद्ध करिए  श्राद्ध कब करे? किसको भोजन हेतु बुलाएँ? पितृ दोष, राहू, सर्प दोष शांति? तर्पण? श्राद्ध क्या है? श्राद्ध नहीं करने के कुपरिणाम क्या संभावित है? श्राद्ध नहीं करने के कुपरिणाम क्या संभावित है? श्राद्ध की प्रक्रिया जटिल एवं सबके सामर्थ्य की नहीं है, कोई उपाय ? श्राद्ध कब से प्रारंभ होता है ? प्रथम श्राद्ध किसका होता है ? श्राद्ध, कृष्ण पक्ष में ही क्यों किया जाता है श्राद्ध किन२ शहरों में  किया जा सकता है ? क्या गया श्राद्ध सर्वोपरि है ? तिथि अमावस्या क्या है ?श्राद्द कार्य ,में इसका महत्व क्यों? कितने प्रकार के   श्राद्ध होते   हैं वर्ष में   कितने अवसर श्राद्ध के होते हैं? कब  श्राद्ध किया जाना...

गणेश विसृजन मुहूर्त आवश्यक मन्त्र एवं विधि

28 सितंबर गणेश विसर्जन मुहूर्त आवश्यक मन्त्र एवं विधि किसी भी कार्य को पूर्णता प्रदान करने के लिए जिस प्रकार उसका प्रारंभ किया जाता है समापन भी किया जाना उद्देश्य होता है। गणेश जी की स्थापना पार्थिव पार्थिव (मिटटीएवं जल   तत्व निर्मित)     स्वरूप में करने के पश्चात दिनांक 23 को उस पार्थिव स्वरूप का विसर्जन किया जाना ज्योतिष के आधार पर सुयोग है। किसी कार्य करने के पश्चात उसके परिणाम शुभ , सुखद , हर्षद एवं सफलता प्रदायक हो यह एक सामान्य उद्देश्य होता है।किसी भी प्रकार की बाधा व्यवधान या अनिश्ट ना हो। ज्योतिष के आधार पर लग्न को श्रेष्ठता प्रदान की गई है | होरा मुहूर्त सर्वश्रेष्ठ माना गया है।     गणेश जी का संबंध बुधवार दिन अथवा बुद्धि से ज्ञान से जुड़ा हुआ है। विद्यार्थियों प्रतियोगियों एवं बुद्धि एवं ज्ञान में रूचि है , ऐसे लोगों के लिए बुध की होरा श्रेष्ठ होगी तथा उच्च पद , गरिमा , गुरुता , बड़प्पन , ज्ञान , निर्णय दक्षता में वृद्धि के लिए गुरु की हो रहा श्रेष्ठ होगी | इसके साथ ही जल में विसर्जन कार्य होता है अतः चंद्र की होरा सामा...

श्राद्ध रहस्य - श्राद्ध क्यों करे ? कब श्राद्ध नहीं करे ? पिंड रहित श्राद्ध ?

श्राद्ध रहस्य - क्यों करे , न करे ? पिंड रहित , महालय ? किसी भी कर्म का पूर्ण फल विधि सहित करने पर ही मिलता है | * श्राद्ध में गाय का ही दूध प्रयोग करे |( विष्णु पुराण ) | श्राद्ध भोजन में तिल अवश्य प्रयोग करे | श्राद्ध अपरिहार्य है क्योकि - श्राद्ध अपरिहार्य - अश्वनी माह के कृष्ण पक्ष तक पितर अत्यंत अपेक्षा से कष्ट की   स्थिति में जल , तिल की अपनी संतान से , प्रतिदिन आशा रखते है | अन्यथा दुखी होकर श्राप देकर चले जाते हैं | श्राद्ध अपरिहार्य है क्योकि इसको नहीं करने से पीढ़ी दर पीढ़ी संतान मंद बुद्धि , दिव्यांगता .मानसिक रोग होते है | हेमाद्रि ग्रन्थ - आषाढ़ माह पूर्णिमा से /कन्या के सूर्य के समय एक दिन भी श्राद्ध कोई करता है तो , पितर एक वर्ष तक संतुष्ट/तृप्त रहते हैं | ( भद्र कृष्ण दूज को भरणी नक्षत्र , तृतीया को कृत्तिका नक्षत्र   या षष्ठी को रोहणी नक्षत्र या व्यतिपात मंगलवार को हो ये पिता को प्रिय योग है इस दिन व्रत , सूर्य पूजा , गौ दान गौ -दान श्रेष्ठ | - श्राद्ध का गया तुल्य फल- पितृपक्ष में मघा सूर्य की अष्टमी य त्रयोदशी को मघा नक्षत्र पर चंद्र ...

गणेश भगवान - पूजा मंत्र, आरती एवं विधि

सिद्धिविनायक विघ्नेश्वर गणेश भगवान की आरती। आरती  जय गणेश जय गणेश जय गणेश देवा।  माता जा की पार्वती ,पिता महादेवा । एकदंत दयावंत चार भुजा धारी।   मस्तक सिंदूर सोहे मूसे की सवारी | जय गणेश जय गणेश देवा।  अंधन को आँख  देत, कोढ़िन को काया । बांझन को पुत्र देत, निर्धन को माया । जय गणेश जय गणेश देवा।   हार चढ़े फूल चढ़े ओर चढ़े मेवा । लड्डूअन का  भोग लगे संत करें सेवा।   जय गणेश जय गणेश देवा।   दीनन की लाज रखो ,शम्भू पत्र वारो।   मनोरथ को पूरा करो।  जाए बलिहारी।   जय गणेश जय गणेश देवा। आहुति मंत्र -  ॐ अंगारकाय नमः श्री 108 आहूतियां देना विशेष शुभ होता है इसमें शुद्ध घी ही दुर्वा एवं काले तिल का विशेष महत्व है। अग्नि पुराण के अनुसार गायत्री-      मंत्र ओम महोत काय विद्महे वक्रतुंडाय धीमहि तन्नो दंती प्रचोदयात्। गणेश पूजन की सामग्री एक चौकिया पाटे  का प्रयोग करें । लाल वस्त्र या नारंगी वस्त्र उसपर बिछाएं। चावलों से 8पत्ती वाला कमल पुष्प स्वरूप बनाएं। गणेश पूजा में नार...

विवाह बाधा और परीक्षा में सफलता के लिए दुर्गा पूजा

विवाह में विलंब विवाह के लिए कात्यायनी पूजन । 10 oct - 18 oct विवाह में विलंब - षष्ठी - कात्यायनी पूजन । वैवाहिक सुखद जीवन अथवा विवाह बिलम्ब   या बाधा को समाप्त करने के लिए - दुर्गतिहारणी मां कात्यायनी की शरण लीजिये | प्रतिपदा के दिन कलश स्थापना के समय , संकल्प में अपना नाम गोत्र स्थान बोलने के पश्चात् अपने विवाह की याचना , प्रार्थना कीजिये | वैवाहिक सुखद जीवन अथवा विवाह बिलम्ब   या बाधा को समाप्त करने के लिए प्रति दिन प्रातः सूर्योदय से प्रथम घंटे में या दोपहर ११ . ४० से १२ . ४० बजे के मध्य , कात्ययानी देवी का मन्त्र जाप करिये | १०८बार | उत्तर दिशा में मुँह हो , लाल वस्त्र हो जाप के समय | दीपक मौली या कलावे की वर्तिका हो | वर्तिका उत्तर दिशा की और हो | गाय का शुद्ध घी श्रेष्ठ अथवा तिल ( बाधा नाशक + महुआ ( सौभाग्य ) तैल मिला कर प्रयोग करे मां भागवती की कृपा से पूर्वजन्म जनितआपके दुर्योग एवं   व्यवधान समाप्त हो एवं   आपकी मनोकामना पूरी हो ऐसी शुभ कामना सहित || षष्ठी के दिन विशेष रूप से कात्यायनी के मन्त्र का २८ आहुति / १०८ आहुति हवन कर...

कलश पर नारियल रखने की शास्त्रोक्त विधि क्या है जानिए

हमे श्रद्धा विश्वास समर्पित प्रयास करने के बाद भी वांछित परिणाम नहीं मिलते हैं , क्योकि हिन्दू धर्म श्रेष्ठ कोटी का विज्ञान सम्मत है ।इसकी प्रक्रिया , विधि या तकनीक का पालन अनुसरण परमावश्यक है । नारियल का अधिकाधिक प्रयोग पुजा अर्चना मे होता है।नारियल रखने की विधि सुविधा की दृष्टि से प्रचलित होगई॥ मेरे ज्ञान  मे कलश मे उल्टा सीधा नारियल फसाकर रखने की विधि का प्रमाण अब तक नहीं आया | यदि कोई सुविज्ञ जानकारी रखते हो तो स्वागत है । नारियल को मोटा भाग पूजा करने वाले की ओर होना चाहिए। कलश पर नारियल रखने की प्रमाणिक विधि क्या है ? अधोमुखम शत्रु विवर्धनाए , उर्ध्वस्य वक्त्रं बहुरोग वृद्ध्यै प्राची मुखं वित्त्नाश्नाय , तस्माच्छुभम सम्मुख नारिकेलम अधोमुखम शत्रु विवर्धनाए कलश पर - नारियल का बड़ा हिस्सा नीचे मुख कर रखा जाए ( पतला हिस्सा पूछ वाला कलश के उपरी भाग पर रखा जाए ) तो उसे शत्रुओं की वृद्धि होती है * ( कार्य सफलता में बाधाएं आती है संघर्ष , अपयश , चिंता , हानि , सहज हैशत्रु या विरोधी तन , मन धन सर्व दृष्टि से घातक होते है ) उर्ध्वस्य वक्त्रं बहुरोग वृद्ध्यै कलश ...