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08.02. 2026 –“Tomorrow wins are made today—plan the six, act with focus, succeed for sure.

7.2.2026 https://ptvktiwari.blogspot.com/2026/02/0702-2026-tomorrow-wins-are-made.html

08.02.. 2026 –“Tomorrow wins are made today—plan the six, act with focus, succeed for sure.”

 Bilingual Horoscope , -SuccessTomorrow  -What to do

पर्व,नए वस्त्र +अशुभ दोष-निवारण (भाग्य वृद्धि) उपाय

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Do's and don'ts to overcome obstacles and achieve greater success

जीवन में आकस्मिक संकटों से रक्षा हेतु उपाय  मंत्र।
- guidance to overcome and life challenges.

Planetary & Spiritual Harmony Guide -

🌸 आज का पंचांग | Today’s Panchang (Bilingual)

🗓️ वार / Day:
रविवार / Sunday (Ravivar)

🌙 चंद्र राशि / Moon Sign:
कन्या / Virgo (13:16 तक, तत्पश्चात तुला / Libra)

नक्षत्र / Nakshatra:
स्वाती / Swati

🌓 तिथि / Tithi:
षष्ठी सप्तमी
Shashthi → Saptami (Bhanu Saptami)

🧘 शुभ योग / Auspicious Yoga:
सूर्योदय से सायंकाल तक श्रेष्ठ / Highly Auspicious


शुभ कार्य | Suitable Activities

नए वस्त्र धारण
New clothes

आभूषण पहनना
Jewelry / Ornaments

नए सामान का प्रयोग
Use of new items

नए वस्त्र, आभूषण एवं नवीन वस्तुओं के धारण व प्रयोग हेतु अत्यंत शुभ योग।
Highly auspicious time for wearing new clothes, ornaments, and starting the use of new items.

सप्तमी-स्वाती-रविवार में नए वस्त्र, आभूषण व श्रृंगार करना पूर्णतः शुभ एवं फलदायक है।

📖 मुहूर्तचिन्तामणि कहता हैशुभे तिथि-नक्षत्रे वस्त्राभरणधारणं
तेजः-सौभाग्य-वृद्धिकरं भवति।

📖 धर्मसिन्धु के अनुसारसूर्यवारे सप्तमी तिथौ नूतनवस्त्रधारणं
मान-प्रतिष्ठा-आरोग्यप्रदम्

📖 ज्योतिषरत्नमाला में उल्लेख हैस्वाती नक्षत्रे अलंकारधारणात्
आकर्षणं, यशः एवं लाभः प्राप्यते।

निष्कर्ष (Result)

तेज, आत्मबल एवं आकर्षण में वृद्धि
मान-सम्मान व सामाजिक प्रतिष्ठा
स्वास्थ्य एवं सकारात्मक ऊर्जा
वस्त्र-आभूषण व सुख-सुविधाओं में वृद्धि

सप्तमी तिथि स्वाती नक्षत्र रविवार
नए वस्त्र, आभूषण एवं श्रृंगार करना शास्त्रानुसार अत्यंत शुभ
तेज, आकर्षण, मानसम्मान व सौभाग्य में वृद्धि होती है।

Saptami Tithi • Swati Nakshatra • Sunday
Wearing new clothes, jewelry and grooming is highly auspicious as per Shastras.
️ Enhances radiance, charm, honor and good fortune.

📖 Muhurat Chintamani, Dharma Sindhu 🌸 1 किस रंग के वस्त्र सबसे शुभ होंगे

Auspicious Colours for Dress

🔸 लाल, केसरिया, सुनहरा
Red, Saffron, Golden
सूर्य तत्व को बल देते हैं तेज, आत्मविश्वास व प्रतिष्ठा बढ़ाते हैं।

🔸 सफेद, क्रीम
White, Cream
शांति, सौम्यता व संतुलन प्रदान करते हैं (स्वाती नक्षत्र हेतु श्रेष्ठ)।

काले व गहरे नीले रंग से बचें
Avoid black & dark blue (Sun-opposing colours).

🌸 2️ कौन-से आभूषण विशेष फल देंगे

Auspicious Ornaments & Results

🔹 स्वर्ण (सोना) / Gold
सूर्य बल, मान-सम्मान, स्वास्थ्य एवं नेतृत्व शक्ति।

🔹 तांबा / Copper
रोग-नाश, ऊर्जा व सकारात्मकता।

🔹 मोती (चाँदी में) / Pearl in silver
मानसिक शांति, सौम्यता व भावनात्मक संतुलन।

📿 रविवार को सोना धारण करना विशेष शुभ माना गया है।

🌸 3️ स्त्री व पुरुष के लिए अलग-अलग फल

Results for Women & Men

👩 स्त्री (Women)

सौंदर्य, आकर्षण व आभा में वृद्धि
वैवाहिक सुख व पारिवारिक सम्मान
मानसिक शांति व आत्मविश्वास

👨 पुरुष (Men)

नेतृत्व क्षमता व प्रतिष्ठा में वृद्धि
कार्यक्षेत्र में सफलता व मान-सम्मान
स्वास्थ्य, तेज व निर्णय शक्ति में सुधार


निष्कर्ष | Conclusion

सप्तमी + स्वाती + रविवार
लाल/केसरिया वस्त्र एवं स्वर्ण आभूषण
तेज, सौभाग्य, सम्मान और शुभ फल प्रदान करते हैं।


-        नाम के  प्रथम  अक्षर (व्यक्ति,वस्तु,कम्पनी,स्थान का नाम ) व्यय,व्यस्तता ,विवादया सुख बाधक सिद्धहोसकताहै

-      -- ,,..,, । शेष समस्त नाम अक्षर हेतु उत्तम रहेगा lकर्क,वृश्चिक,मीन  रशिवालो को बाधा नाश के लिए तिथि दोष के उपाय चाहिये ।

- For those with the first letter of the name (name of person, thing, company, place), the day can prove to be a hindrance to expenses, busyness, disputes, or happiness.

- H, D, Ch, N.Y.F,and Rest all names will be good for alphabets

 

12 राशी भविष्य

 

मेष राशि (Aries) – चू, चे, चो, ला, ली, लू, ले, लो, .

आपके कार्यों की सफलता संदिग्ध है। विरोध, मतभेद, विवाद की स्थिति बन सकती है। राजनीति में छल की संभावना है। विश्वास के परिणाम प्रतिकूल होंगे। दांपत्य साथी का स्वास्थ्य खराब हो सकता है। आवश्यक खर्चों में वृद्धि होगी।शारीरिक एवं मानसिक कष्ट की स्थिति से बचने के लिए,किसी भी कार्य को करने में शीघ्रता नहीं बरतें। बाजार के काम, परामर्श देना, यात्रा,उपयोगी नहीं सिद्ध होंगे।

वृष राशि (Taurus) – , , , , वा, वी, वू, वे, वो.

दांपत्य जीवन के सुख में वृद्धि होगी। पुत्र एवं पुत्री के द्वारा पूर्ण सहयोग प्राप्त होगा। कार्यालय में अनुकूल परिस्थितियां रहेंगे। व्यापार में लाभ की स्थिति रहेगी। नए कार्य या उत्तरदायित्व मिल सकते हैं। स्वास्थ्य उत्तम रहेगा। नए कार्य के श्री गणेश के लिए उत्तम अवसर है।

मिथुन राशि (Gemini) – का, की, कू, , , , के, को, .

प्राथमिकता के आधार पर कार्य करिए|सफलता की संभावना प्रबल हैं। यह समय आपके लिए आपके प्रयासों एवं उपकार की प्रतिष्ठा पहचान पाने का हो सकता है। आप शत्रुओं पर विजय पाएँगे। नए मित्र भी बनाएँगे| मित्रों से सहयोग मिलेगा। प्रेम संबंध सुख पूर्ण रहेंगे। स्वास्थ्य अच्छा रहेगा। आप निरोग आरोग्य स्वस्थ अनुभवके आनन्द कीअनुभूति करेंगे। कुल मिलाकर इस अवधि में आप सफल एवं प्रसन्न रहेंगे।

कर्क राशि (Cancer) – ही, हू, हे, हो, डा, डी, डू, डे, डो.

आपको अपने व्यापार अथवा कार्यालय में साधारण दिनों से अधिक परिश्रम करना पड़ सकता है। स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान दें। अनिद्रा की स्थिति एवं कार्य की चिंता भी हो सकती है। मानसिक रुप से आप थकान महसूस कर सकते हैं। अकर्मण्यता या आलस्य भी आप पर हावी हो सकता है। धार्मिक अथवा दान, पुण्य कार्य मे सफलता मिल सकती है। जनसम्पर्क से जुड़े वर्ग राजनेता, सामाजिक कल्याण, अभिकर्ता आदि को यश, सफलता एवं व्यस्तता की स्थितियाँ मिलने की संभावना है। घर धन सम्बन्धी कठिनाइयाँ झेलनी पड़ सकती है।विशेष-महत्वपूर्ण कार्य,उपदेश एवं यात्रा के अपेक्षित परिणाम की सम्भावना अल्प है।

सिंह राशि (Leo) – मा, मी, मू, मे, मो, टा, टी, टू, टे.

नारी वर्ग के लिए सुख बाधा योग हैं। बहुत ही परिश्रम से आजीविका का निर्वाह होगा। जो कनिष्ठ वरिष्ठ से परेशानी होगी। दांपत्य साथी से विवाद बढ़ सकता है। दांपत्य साथी के अस्वस्थ होने की संभावना है। प्रेम के क्षेत्र में अपमान अपयश कलश मिलेगा। कार्यालय में सुविधाएं प्राप्त होंगी। यात्रा योग प्रबल हैं। ज्योतिष की दृष्टि से यात्रा स्थगित रखना उचित होगा।

कन्या राशि (Virgo) – टो, , पी, पू, , , , पे, पो.

यह समय आपको अधिक धन उपार्जन सम्पत्ति अर्जित करने में सहायक होगा। आपको लेनदारी या उधर दी गयी धनराशि भी प्राप्त हो सकती है।  व्यक्तिगत रुप से यह समय आपको प्रसन्नता, सुख व्यक्तियों के साथ आनन्ददायक है। परिवार के सदस्यों का मेलमिलाप होगा। पुराने मित्रों के साथ पुनर्मिलन के भी सुअवसर हैं। विवाहित व्यक्तियों के दाम्पत्य सुख की पूर्ण संभावना है। इस समय आपको सुस्वादु भोजन घर में समस्त सांसारिक सुख मिलने की संभावना है। नारी वर्ग के लिए सुख बाधा योग हैं।

तुला राशि (Libra) – रा, री, रू, रे, रो, ता, ती, तू, ते.

व्यापार में धन की प्राप्ति होगी। रोजगार में पद प्रतिष्ठा बढ़ेगी। शत्रु पराजित होंगे। जन सामान्य से विशेष सहयोग प्राप्त होगा। दांपत्य साथी का सुख बाधा है। संबंधियों से समाचार मिलेंगे। राज्य वर्ग प्रशासनिक वर्ग विशेष सफल होंगे। नए उत्तरदायित्व भी प्राप्त हो सकते हैं।अकर्मण्यता अथवा ईर्ष्या की भावना से भी त्रस्त हो सकते हैं। निर्णय लेने में तथा दूसरों से व्यवहार के प्रति विशेष सतर्क रहें  आवेश में आएँ।

वृश्चिक राशि (Scorpio) – तो, ना, नी, नू, ने, नो, या, यी, यू.

आपको शारीरिक सुख-साधन, उत्तम वस्त्र सुगंध तथा अन्य इच्छित सांसारिक भौतिक सुख की वस्तुओं से सुख योग है इस समय सर्वोत्तम मित्र परिचित मिलेंगे। पारिवारिकजीवन में आम दिनों की तुलना में अधिक आनन्द होगा। प्रेम या दाम्पत्य जीवन में आप अपने साथी के प्रेम में वृद्धि या सहयोग, समन्वय की आशा कर सकते हैं। सौभाग्य, सुख सम्मान इस दिन की विशेषता है। मन पसन्द इच्छित भोजन का आनन्द मिलने का योग है। आपको सुस्वादु मनचाहा भोजन, सुविधापूर्वक उपलब्ध होगा।

धनु राशि (Sagittarius) – ये, यो, , भी, भू, , , , भे.

दिन में असंतोष सा रहेगा। मन में उदारता एवं दया भावना की कमी होगी।अनपेक्षित स्थिति से क्रोध एवं विवाद की स्थिति बन सकती है। आकस्मिक अप्रिय स्थिति निर्मित होगी। महत्वपूर्ण कार्यों को टालना उचित होगा। खर्च बढ़ेगा। दैनिक कार्य सरलता से पूर्ण होंगे। सामान्यतः संमस्या नही आएगी।आपको भोजन भी इतना रुचिकर नहीं लगेगा।

मकर राशि (Capricorn) – भो, जा, जी, खी, खू, खे, खो, , गी.

घर ,कार्य स्थल के लिए भी यह समय सुख से परिपूर्ण है।आपको रुचि पूर्ण उत्तम भोजन, वस्त्र सुख योग है। आपके सामने आने वाली हर परिस्थिति निराकृत होगी। आज सम्पन्न किया गया हर कार्य आपको प्रसन्नता देगा। मन में पूर्ण संतोष का साम्राज्य रहेगा। मित्र एवं परचितों  के साथ अच्छा समय व्यतीत होगा। विजय पथ के पथिक होंगे आप।

कुंभ राशि (Aquarius)– गू, गे, गो, सा, सी, सू, से, सो, .

निर्धारित लक्ष्य प्राप्त कर सकते हैं। इस विशेष समय में आपकी सामाजिक प्रतिष्ठा भी बढ़ेगी। स्वास्थ्य इस अवधि में सामान्यत: अच्छा रहेगा। इस अवधि में आपके अति उत्तम, सुस्वादु भोजन का आनन्द लेने की संभावना है। इस समय आप सत्ता मेंया शासन मेअधिकारों के सुख उपभोग हो सकते हैं। यदि आप कुछ नया करने की योजना बना रहे हैं तो यही उपयुक्त समय है।

मीन राशि (Pisces) – दी, दू, , , , दे, दो, चा, ची.

अच्छे लोगों से परिचय होगा कार्यों में सफलता मिलेगी। पद प्रतिष्ठा के अच्छे अवसर हैं। विद्या के क्षेत्र में यश पड़ेगा सफलता मिलेगी। राजनीति में गौरव तथा यश बढ़ेगा मित्र वर्ग से पूर्ण सहयोग मिलेगा। शासन या राज्य मैं आपके कार्य प्रगति पर रहेंगे। सज्जन वर्ग से विशेष सहयोग मिलेगा व्यापार में प्रगति होगी। समय का भाग्य बाधा के साथ सफलता योग हैं। प्रयास करने का सुझाव दिया जाता है।

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आज का उपाय :

सप्तमी:स्वामी सूर्य हैं. सूर्य आरोग्यकारक हैं. आंखों की समस्या होउसके लिए इस दिन चाक्षुषी पाठ करना माना गया है. 

आजपूज्य नक्षत्र वृक्ष (जल,खाद,आवश्यक पोषण )-: अर्जुन; , प्राणी को भोजन --: भेस; ;

ऋग्वेद’ (1.90.9- ‘नमस्ते वायो, त्वमेव प्रत्यक्ष ब्रहमासि, त्वामेव प्रत्यक्षं ब्रह्म वदिष्यामि।’ ‘तन्मामवतु’-(वायु को नमस्कार है, आप प्रत्यक्ष ब्रह्म है, मैं तुमको ही प्रत्यक्ष ब्रह्म कहूंगा। आप हमारी रक्षा करें।)

-पवनदेवताय: नम। ॐ वायव नम: । ॐ वायवे नमःl ॐ स्वात्यै नमःl

*- नाम से अशुभ होने पर-यात्रा,गृह,प्रवेश,व्यवहारिक-कार्य,ज्वाइनिंग,आवेदन,परामर्श देना,जोखिम,विवाद हितकर नहीं होगा

किये जाने वाले कार्य -ज्वाइन,शपथ,नए आसन ,वाहन,कुर्सी पर बैठना , मांगलिक कार्य,वायुयान या वाहन से यात्रा,मंत्र,अस्त्र,दवाई,युद्ध,दुकान, आवेदन देना, स्वर्ण ।

-        सभी के लिए उपयोगी उपाय परन्तु

- मेष राशी या च ल,,अक्षरसे प्रारंभ नाम वालो के लिए हैं ।-

-स्नान जल मे कनेर पुष्प ,केसर,खस.इलायची मिला कर स्नान करे ।

-सूर्य देव को जल अर्पण करे ।मंत्र -खखोल्काय नमः ।

-  दान पदार्थ-गुड,लाल,वस्त्र,पुष्पतांबा नारंगी वस्तु,लाल चन्दन कनेर लाल पुष्प ।

दान -लाल गाय को ,सूर्य मंदिर10 वर्ष तक के बच्चे,विष्णु,कृष्ण मंदिर मे  दे सकते है।।

3- घर से प्रस्थान पूर्व खाएं––रसाल,आम,घी,पान मे से कोई भी पदार्थ ।

जैन धर्म मंत्र-

ऊँ ह्रीं अर्हं सूर्य ग्रहारिष्ट निवारक। श्री पद्म प्रभु जिनेन्द्राय नमः सर्वशांतिं कुरू कुरू स्वाहा।

मम (अपना नाम) दुष्टग्रहरोगकष्टनिवारणं सर्वशांतिं कुरू कुरू हूँ फट् स्वाहा।

ब्रह्माण्डपुराण-मन्त्र

ग्रहाणामआदिरात्यो लोकरक्षणकारक:

विषमस्थानसम्भूतां पीडां हरतु मे रवि: ।।

ग्रहों में प्रथम परिगणितअदिति के पुत्र तथा विश्व की रक्षा करने वाले,

भगवान सूर्य विषम स्थानजनित मेरी पीड़ा का हरण करें ।

-विवाह मुहुर्त संगीत संबंधी कार्य आभूषणों का निर्माण और नवीन आभूषणोंको धारण किया जा सकता है. यात्रा वधु-प्रवेश गृह-प्रवेश राज्य संबंधीकार्य वास्तुकर्म चूडा़कर्म अन्नप्राशन उपनयन संस्कारआदि शुभ कार्य हैं.

-रूद्रअभिषेकनियमानुसारवर्जित.

कार्य के पूर्व  एवं घर से प्रस्थान पूर्व - चित्रभानु नामवाले भगवान सूर्यनारायण का पूजन करना चाहिए.मिथुन,कर्क राशी कोअवश्यकरनाचाहिए।

-नमक ,ताड़ का फल आवला,कटहल व्यंजन उत्पाद का प्रयोग नहीं करे ।

- पूआ फलाहार अथवा मीठा भोजन भोजन में शामिल करे ।

कार्य के पूर्व  एवं घर से प्रस्थान पूर्व  मन्त्र  -

-ॐ चित्रभानवे नम।

 

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सिद्धिविनायक विघ्नेश्वर गणेश भगवान की आरती। आरती  जय गणेश जय गणेश जय गणेश देवा।  माता जा की पार्वती ,पिता महादेवा । एकदंत दयावंत चार भुजा धारी।   मस्तक सिंदूर सोहे मूसे की सवारी | जय गणेश जय गणेश देवा।  अंधन को आँख  देत, कोढ़िन को काया । बांझन को पुत्र देत, निर्धन को माया । जय गणेश जय गणेश देवा।   हार चढ़े फूल चढ़े ओर चढ़े मेवा । लड्डूअन का  भोग लगे संत करें सेवा।   जय गणेश जय गणेश देवा।   दीनन की लाज रखो ,शम्भू पत्र वारो।   मनोरथ को पूरा करो।  जाए बलिहारी।   जय गणेश जय गणेश देवा। आहुति मंत्र -  ॐ अंगारकाय नमः श्री 108 आहूतियां देना विशेष शुभ होता है इसमें शुद्ध घी ही दुर्वा एवं काले तिल का विशेष महत्व है। अग्नि पुराण के अनुसार गायत्री-      मंत्र ओम महोत काय विद्महे वक्रतुंडाय धीमहि तन्नो दंती प्रचोदयात्। गणेश पूजन की सामग्री एक चौकिया पाटे  का प्रयोग करें । लाल वस्त्र या नारंगी वस्त्र उसपर बिछाएं। चावलों से 8पत्ती वाला कमल पुष्प स्वरूप बनाएं। गणेश पूजा में नार...

विवाह बाधा और परीक्षा में सफलता के लिए दुर्गा पूजा

विवाह में विलंब विवाह के लिए कात्यायनी पूजन । 10 oct - 18 oct विवाह में विलंब - षष्ठी - कात्यायनी पूजन । वैवाहिक सुखद जीवन अथवा विवाह बिलम्ब   या बाधा को समाप्त करने के लिए - दुर्गतिहारणी मां कात्यायनी की शरण लीजिये | प्रतिपदा के दिन कलश स्थापना के समय , संकल्प में अपना नाम गोत्र स्थान बोलने के पश्चात् अपने विवाह की याचना , प्रार्थना कीजिये | वैवाहिक सुखद जीवन अथवा विवाह बिलम्ब   या बाधा को समाप्त करने के लिए प्रति दिन प्रातः सूर्योदय से प्रथम घंटे में या दोपहर ११ . ४० से १२ . ४० बजे के मध्य , कात्ययानी देवी का मन्त्र जाप करिये | १०८बार | उत्तर दिशा में मुँह हो , लाल वस्त्र हो जाप के समय | दीपक मौली या कलावे की वर्तिका हो | वर्तिका उत्तर दिशा की और हो | गाय का शुद्ध घी श्रेष्ठ अथवा तिल ( बाधा नाशक + महुआ ( सौभाग्य ) तैल मिला कर प्रयोग करे मां भागवती की कृपा से पूर्वजन्म जनितआपके दुर्योग एवं   व्यवधान समाप्त हो एवं   आपकी मनोकामना पूरी हो ऐसी शुभ कामना सहित || षष्ठी के दिन विशेष रूप से कात्यायनी के मन्त्र का २८ आहुति / १०८ आहुति हवन कर...

कलश पर नारियल रखने की शास्त्रोक्त विधि क्या है जानिए

हमे श्रद्धा विश्वास समर्पित प्रयास करने के बाद भी वांछित परिणाम नहीं मिलते हैं , क्योकि हिन्दू धर्म श्रेष्ठ कोटी का विज्ञान सम्मत है ।इसकी प्रक्रिया , विधि या तकनीक का पालन अनुसरण परमावश्यक है । नारियल का अधिकाधिक प्रयोग पुजा अर्चना मे होता है।नारियल रखने की विधि सुविधा की दृष्टि से प्रचलित होगई॥ मेरे ज्ञान  मे कलश मे उल्टा सीधा नारियल फसाकर रखने की विधि का प्रमाण अब तक नहीं आया | यदि कोई सुविज्ञ जानकारी रखते हो तो स्वागत है । नारियल को मोटा भाग पूजा करने वाले की ओर होना चाहिए। कलश पर नारियल रखने की प्रमाणिक विधि क्या है ? अधोमुखम शत्रु विवर्धनाए , उर्ध्वस्य वक्त्रं बहुरोग वृद्ध्यै प्राची मुखं वित्त्नाश्नाय , तस्माच्छुभम सम्मुख नारिकेलम अधोमुखम शत्रु विवर्धनाए कलश पर - नारियल का बड़ा हिस्सा नीचे मुख कर रखा जाए ( पतला हिस्सा पूछ वाला कलश के उपरी भाग पर रखा जाए ) तो उसे शत्रुओं की वृद्धि होती है * ( कार्य सफलता में बाधाएं आती है संघर्ष , अपयश , चिंता , हानि , सहज हैशत्रु या विरोधी तन , मन धन सर्व दृष्टि से घातक होते है ) उर्ध्वस्य वक्त्रं बहुरोग वृद्ध्यै कलश ...