सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

Horoscope – 12 Zodiac Signs (Bilingual / द्विभाषी) 24.02.2026नए वस्त्र +अशुभ दोष आकस्मिक संकट - रक्षा -निवारण (भाग्य वृद्धि) ।


 Horoscope – 12 Zodiac Signs (Bilingual / द्विभाषी) 24.02.2026

नए वस्त्र +अशुभ दोष आकस्मिक संकट - रक्षा -निवारण (भाग्य वृद्धि)

"This includes today's auspicious for Wearing new bangles, ornaments, and clothes; Food and donation guidelinesPriority tasks; Festivals and fasts; ; Mantras Remedies- Vedik Jain; and more—

covering daily

- Do's and don'ts to overcome obstacles and achieve greater success

💠📧 Consult-kundli ,Palm, Rare Muhurt & Vastu   

tiwaridixitastro@gmail.com =- +91 9424446706-Online Bangalore

🔶 पंचांग विवरण 📅 माहफाल्गुन शुक्ल पक्ष Lunar Month — Phalguna, Bright Fortnight

Day — दिन: Mangalwar मंगलवार
Tithi — तिथि: Ashtami अष्टमी
Nakshatra — नक्षत्र: Kruttika कृत्तिका
Moon Sign — चन्द्र राशि: Vrush वृषभ


🔴 MARS TRANSIT / मंगल गोचर 02 अप्रैल तक कुंभ राशि में 🔴 MARS TRANSIT EFFECT till 02 April; 🔴 10 मार्च तक प्रबल शुभ-अशुभ परिणाम प्राप्त होंगे)

(Strong positive and negative results will be experienced until 10 March)

1.      FAVOURABLE SIGNS — अनुकूल राशियाँ
Safalta aur sukhad prabhav milengeसफलता सुखद प्रभाव मिलेंगे
Aries
मेष
Virgo
कन्या
Sagittarius
धनु


2.      2 ⚖  SUCCESS AFTER EFFORTप्रयास के बाद सफलता
Gemini
मिथुन
Libra
तुला
Taurus
वृषभ
Leo
सिंह
Capricorn
मकर


3.      3 🔧 MARS REMEDY REQUIRED — मंगल उपाय आवश्यक
Cancer
कर्क
Scorpio
वृश्चिक
Pisces
मीन
Aquarius
कुंभ

********************************************************************

*_TODAY_विशेष Normally Avoid-But- नए वस्त्र धारण ; केसरिया वस्त्र धारण करने से तेज, यश, ऊर्जा तथा वाणी की मधुरता बढ़ती है। 🔮 Future Negative Effects of Using New Items (Clothes, Jewelry, Bangles) Today

आज के दिन नये वस्त्र, आभूषण या चूड़ी पहनने से भविष्य में अशुभ प्रभाव पड़ सकता है, इसलिए विशेष सतर्कता बरतें और अनावश्यक खरीदारी से बचें।
Using new clothes, jewelry, or bangles today may have negative future consequences, so exercise caution and avoid unnecessary shopping.

  • नीला वस्त्र वर्जित
    ❌ Blue clothes — Not recommended
  • केसरिया वस्त्र श्रेष्ठ
    ✅ Saffron clothes — Best
  • लाल वस्त्र स्वीकार्य
    Red clothes — Acceptable

*****************************************************

Avoid for any new workअशुभ समय

  • 06:08 AM – 07:38 AM
  • 09:00 AM – 09:47 AM
  • 09:36 AM – 11:04 AM
  • 12:33 PM – 02:02 PM
  • 03:30 PM – 04:59 PM
  • 07:01 AM – 03:07 PM

- Rare Lagna-Based Muhurat -अन्यत्र - दुर्लभ मुहूर्त

This is a supreme, unique (rarely found elsewhere) Auspicious time .

Daily Routine or Sometimes, Occasional or Rare WORKदिन के दुर्लभ समय:

-Performing work in this time ensures success and auspicious results.

The key time slots for new work today areL(Success time-Sun Rise To19:03)

अंतिम दुर्लभ मुहूर्त

  • 11:15 AM – 12:33 PM
  • 08:00 PM – 09:35 PM
  • 10:10 PM – 11:50 PM
  • 12:20 AM – 02:05 AM
  • 02:42 AM – 04:10 AM

.******************************************************

  • देशे ग्रामे ग्रहे युद्धे सेवायां व्यवहारके।
  • नाम राशेः प्रधानत्वं जन्म राशिं चिन्तयेत्।।
  • 🔴. - देश , ग्राम में निवास, भूमि या भवन की रजिस्ट्री, नौकर रखते समय,
  • (कोर्ट कचहरी)न्यायालयीन मामलों, व्यवहार ( व्यवसायिक या मित्रता ) नियुक्ति, निवेश, अनुबंध, मित्रता,सेवा, नौकरी,नौकर व्यवसायिक और सामाजिक व्यवहार में नाम प्रधान है। ·  In matters of residence, village/town, property or building registration, military/service matters, employment, or business dealings, the name sign (Nama Rashi) is primary. The birth sign (Janma Rashi) should not be considered.
  • - व्यवहारिक ( अल्पकालीन कार्य के लिए )नाम का प्रयोग करें:
  • - नाम इन अक्षरों से प्रारंभ होते हैं, वे आज सभी कार्यों में सफलता प्राप्त करेंगे।)
    (People whose names begin with the following letters will experience success, peace, and positive results today.)

·         📌 नाम का प्रथम अक्षर और सफलता | Name’s First Letter & Success

·         📌 First Letter of Name & Success

·         अगर आपके नाम का पहला अक्षर नीचे दिए गए किसी भी वर्ण से शुरू होता है, तो आज के दिन दैनिक जीवन के कार्यों में सफलता मिलेगी।
If your name starts with any of the letters below, you will achieve success in daily tasks today.

·         यदि आपके नाम का पहला अक्षर ली, लू, ले, लो, , , , , , , वि, वू, के, को, , हि, डी, डु, डे, ड़ो, मो, टा, टी, टू, पू, , , , पे, पो, रा, री, ती, तू, ते, तो, नो, या, यी, यू, भू, धा, धि, धू, ढे, ढो, फा, फी, फु, फे, फ़ो, , , खी, खू, खे, खो, , गी, गू, गे, दू, दे, दो, , थी, थू, थे, थो, , झी, झो, झे में से कोई भी है, तो आज का दिन आपके लिए दैनिक कार्यों में सफलता दिलाने वाला रहेगा।
If your name starts with any of these letters Li, Lu, Le, Lo, A, I, U, Ai, O, Va, Vi, Vu, Ke, Ko, Ha, Hi, Di, Du, De, Do, Mo, Ta, Ti, Tu, Pu, Sha, Na, Tha, Pe, Po, Ra, Ri, Ti, Tu, Te, To, No, Ya, Yi, Yu, Bhu, Dha, Dhi, Dhu, Dhe, Dho, Pha, Phi, Phu, Phe, Pho, Dha, Kha, Khi, Khu, Khe, Kho, Ga, Gi, Gu, Ge, Du, De, Do, Tha, Thi, Thu, The, Tho, Jha, Jhi, Jho, Jhe, then today will bring success in your daily activities.

·         विशेष रूप से व्यावसायिक लेन-देन, मित्रता, सहयोग, व्यापारिक निर्णय, नए संपर्क बनाना, सामाजिक मेलजोल और किसी भी महत्वपूर्ण बातचीत के लिए यह दिन अनुकूल है।
This day is especially favorable for business transactions, friendships, partnerships, trade decisions, networking, social interactions, and any important discussions.


🔮 आज का राशिफल | Today's Horoscope

विद्यारम्भे विवाहे सर्व संस्कार कर्मषु।

जन्म राशिः प्रधानत्वं, नाम राशि चिन्तयेत्

विवाहे सर्व मांगल्ये यात्रादौ ग्रहगोचरे।

जन्मराशेः प्रधानत्वं नाम राशिं चिंतयेत् ।।

(विवाह, यात्रा,शिक्षा प्रारंभ, विवाह और संस्कार कर्मों में नए कार्य, मांगलिक कार्य, यात्रा, ग्रह-गोचर - जन्म राशि से विचार करना चाहिये जन्म राशि प्रधान )For initiation of education, marriage, and all ritualistic ceremonies, the birth sign is primary. The name sign is secondary.

🌸🌙 उत्तम दिन 🌙🌸

निम्न राशि के लिए उत्तम दिन

  • वृषभ (Vrishabha)
  • कर्क (Karka)
  • सिंह (Simha)
  • वृश्चिक (Vrishchika)
  • धनु (Dhanu)
  • मीन (Meena)

⚠️ UNFAV-राशि अनुसार

  • तुला राशि में जन्में लोगों के लिए अष्टम चन्द्र

⚠️ U*NFAVनक्षत्र/पद अनुसार

  • चित्रा : अंतिम 2 पद
  • स्वाती : सभी पद
  • विशाखा : प्रथम 3 पद

🌼 निम्न जन्म नक्षत्र वालों के लिए उत्तम

  •  जन्म नक्षत्र भरणी, रोहिणी, मृगशिरा, पुनर्वसु, अश्लेषा, पूर्वाफाल्गुनी, हस्त, चित्रा, विशाखा, ज्येष्ठा, पूर्वाषाढ़ा, श्रवण, धनिष्ठा, उत्तरभाद्र रेवती (Revati)

 में से कोई एक है, तो आज कार्य शुभ एवं सफल होंगे।
If your birth nakshatra (lunar mansion) is Bharani, Rohini, Mrigashira, Punarvasu, Ashlesha, Purva Phalguni, Hasta, Chitra, Vishakha, Jyeshtha, Purvashada, Shravana, Dhanishta, Uttarabhadra, then the following activities will be successful today.


🌙 निम्न राशि के लिए उत्तम -

  • वृषभ (Vrishabha)
  • कर्क (Karka)
  • सिंह (Simha)
  • वृश्चिक (Vrishchika)
  • धनु (Dhanu)
  • मीन (Meena)

🔮 AAJ KA RASHIFAL –

आज का राशिफल (संकेतात्मक फल)

🏆 Best (सबसे शुभ):

Mithun, Kark
हर प्रकार के कार्य में सहजता, कार्य सिद्धि

👍 Better (अच्छा):

Kumbh, Tula
संतुलित निर्णय, सामाजिक सौंदर्य लाभ

🙂 Good (साधारण लाभ):

Dhanu, Singh
अपेक्षा से कम प्रयास में लाभ

🌱 सफलताप्रयास के बाद:

Vrushchik, Mesh
प्रयास पश्चात शुभ समाचार सफलता

⚠️ सावधानी / Routine Work Only:

Mesh, Vrush, Kanya, Makar, Meen
अनपेक्षित खर्च, विलंब, असुविधा की संभावना

*******************************

आज का राशिफल | Daily Horoscope

📌 मिथुन, तुला, कुम्भ राशियों को विशेष उपाय करने चाहिए।
📌 वृष, कन्या, तुला, मकर राशि के लिए आज नए कार्य और यात्रा वर्जित हैं।


🐏 मेष राशि (Aries) – (Chu, Che, Cho, La, Li, Lu, Le, Lo, A)

🔹 स्वास्थ्य (Health): मान-सम्मान एवं स्वास्थ्य उत्तम रहेगा।
🔹 आर्थिक स्थिति (Finance): आर्थिक स्थिति अच्छी रहेगी, व्यापार में लाभ होगा।
🔹 सफलता (Success): कार्यों में सरलता से सफलता मिलेगी, यश और प्रताप बढ़ेंगे।
🔹 परिवार (Family): परिवार एवं परिचितों से सहयोग प्राप्त होगा, गृह सुख मिलेगा।
🔹 सामाजिक जीवन (Social Life): मित्रों और अधिकारियों से संबंध मजबूत होंगे।
🔹 राजनीति (Politics): राजनीतिक दृष्टि से यह समय बहुत अच्छा है।


🐂 वृष राशि (Taurus) – (I, U, E, O, Va, Vi, Vu, Ve, Vo)

🔸 योजनाएं (Plans): योजनाओं को क्रियान्वित करने से पहले सोच-विचार करें।
🔸 सावधानियां (Precautions): सगे-सम्बन्धियों से व्यर्थ की शत्रुता संभव है।
🔸 यात्रा और खर्च (Travel & Expenses): अनायास यात्रा और खर्च के योग बन सकते हैं।
🔸 कार्य स्थल (Workplace): कार्य की अधिकता बनी रहेगी।
🔸 स्वास्थ्य (Health): स्वास्थ्य में बाधाएं संभव हैं।
🔸 विशेष सलाह (Advice): 🚫 आज नया कार्य और यात्रा वर्जित है।


👯 मिथुन राशि (Gemini) – (Ka, Ki, Ku, Gha, Da, Cha, Ke, Ko, Ha)

🔹 भाग्य (Luck): भाग्य की समस्या रहेगी, लेकिन लाभ की स्थिति उत्तम है।
🔹 स्वास्थ्य (Health): शरीर स्वस्थ रहेगा।
🔹 आर्थिक स्थिति (Finance): स्थाई लाभ की योजना बनेगी, परंतु खर्च बढ़ेगा।
🔹 मंगल कार्य (Auspicious Work): धार्मिक कार्यों में रुचि बढ़ेगी।
🔹 यात्रा (Travel): यात्रा के योग प्रबल हैं।
🔹 विशेष सलाह (Advice): धैर्य रखें, विवाद से बचें और अति आवश्यक होने पर ही प्रतिक्रिया दें।


🦀 कर्क राशि (Cancer) – (Hi, Hu, He, Ho, Da, Di, Du, De, Do)

🔸 प्रेम जीवन (Love Life): प्रेम में अपमान का सामना हो सकता है।
🔸 कार्य स्थल (Workplace): सुविधाएं प्राप्त होंगी।
🔸 यात्रा (Travel): यात्रा स्थगित रखें।
🔸 नए कार्य (New Work): 🚫 नया कार्य और जनसंपर्क टालें।
🔸 परिवार (Family): परिवार सामान्य रूप से सुखी रहेगा।


🦁 सिंह राशि (Leo) – (Ma, Mi, Mu, Me, Mo, Ta, Ti, Tu, Te)

🔹 परिवार और कार्य स्थल (Family & Workplace): मतभेद हो सकते हैं।
🔹 सम्मान (Reputation): अनपेक्षित अपमान से बचें।
🔹 स्वास्थ्य (Health): अनिद्रा और तनाव रह सकता है।
🔹 विशेष सलाह (Advice): अति उत्साह से बचें, धैर्य रखें।


🌾 कन्या राशि (Virgo) – (To, Pa, Pi, Pu, Sha, Na, Tha, Pe, Po)

🔸 सफलता (Success): कार्यों की सफलता संदिग्ध हो सकती है।
🔸 विरोध (Conflicts): मतभेद और विवाद की स्थिति बन सकती है।
🔸 स्वास्थ्य (Health): मानसिक और शारीरिक कष्ट से बचने के लिए शांत रहें।
🔸 विशेष सलाह (Advice): 🚫 आज नया कार्य और यात्रा वर्जित है।


⚖️ तुला राशि (Libra) – (Ra, Ri, Ru, Re, Ro, Ta, Ti, Tu, Te)

🔹 स्वास्थ्य (Health): आज आपका स्वास्थ्य उत्तम रहेगा।
🔹 आर्थिक स्थिति (Finance): व्यापार में लाभ की संभावना कमजोर है।
🔹 सफलता (Success): कार्यस्थल पर बाधाएं सकती हैं।
🔹 विशेष सलाह (Advice): 🚫 नया कार्य करें, आवश्यक कार्यों को प्राथमिकता दें।


🦂 वृश्चिक राशि (Scorpio) – (To, Na, Ni, Nu, Ne, No, Ya, Yi, Yu)

🔸 स्वास्थ्य (Health): मनोबल ऊंचा रहेगा।
🔸 आर्थिक स्थिति (Finance): निवेश फायदेमंद रहेगा।
🔸 सामाजिक स्थिति (Social Life): सम्मान बढ़ेगा, शत्रुओं पर विजय मिलेगी।


🏹 धनु राशि (Sagittarius) – (Ye, Yo, Bha, Bhi, Bhu, Dha, Fa, Dha, Bhe)

🔹 स्वास्थ्य (Health): उतार-चढ़ाव बना रहेगा।
🔹 आर्थिक स्थिति (Finance): असंतोषजनक स्थिति रह सकती है।
🔹 विशेष सलाह (Advice): धैर्य रखें, अति आवश्यक होने पर ही प्रतिक्रिया दें।


🐊 मकर राशि (Capricorn) – (Bho, Ja, Ji, Khi, Khu, Khe, Kho, Ga, Gi)

🔸 स्वास्थ्य (Health): जीवनसाथी के स्वास्थ्य का ध्यान रखें।
🔸 आर्थिक स्थिति (Finance): जोखिम भरे निवेशों से बचें।
🔸 विशेष सलाह (Advice): 🚫 नया कार्य और यात्रा वर्जित है।


🌊 कुंभ राशि (Aquarius) – (Gu, Ge, Go, Sa, Si, Su, Se, So, Da)

🔹 ख्याति और प्रतिष्ठा (Reputation): मान-सम्मान बढ़ेगा।
🔹 आर्थिक स्थिति (Finance): धन प्राप्ति के योग हैं।
🔹 घर और परिवार (Family): सुख-शांति बनी रहेगी।
🔹 व्यापार (Business): नए सौदों में सतर्कता बरतें।


🐟 मीन राशि (Pisces) – (Di, Du, Tha, Jha, Na, De, Do, Cha, Chi)

🔸 आर्थिक स्थिति (Finance): धन हानि की संभावना है।
🔸 व्यवहार (Behavior): विवादों से बचें, सतर्क रहें।
🔸 कार्यालय (Workplace): बाधाओं का सामना करना पड़ सकता है।


🔹 विशेष निष्कर्ष (Key Takeaways)

📌 सौभाग्य (Fortune): कार्यक्षेत्र में उन्नति, मानसिक और शारीरिक प्रभाव सकारात्मक रहेंगे।
📌 सावधानियां (Prevention): कन्या, तुला, मकर, वृष राशि के जातकों को आज नया कार्य और यात्रा नहीं करनी चाहिए।
📌 सुख-शांति (Peace & Harmony): धैर्य रखें, विवादों से बचें, और आत्मविश्वास बनाए रखें।

शुभ दिन हो! 🙏

🏡 कार्य एवं यात्रा से पूर्व के विशेष नियम | Special Rules Before Work & Travel

🙏 शुभ आरंभ | Auspicious Start:

  • घर से निकलने से पहले भगवान कार्तिकेय की पूजा करें।
    (
    इससे बुद्धि तेज होती है, रूप-सौंदर्य बढ़ता है और दीर्घायु प्राप्त होती है।)
  • Worship Lord Kartikeya before leaving home. (This enhances intelligence, beauty, and longevity.)

🚫 वर्जित कार्य | Prohibited Activities:

  • नीम उत्पाद (जैसे दातुन) का प्रयोग | Use of neem products (e.g., neem stick for brushing teeth)
  • तैल अभ्यंग (तेल मालिश) | Oil massage
  • पितृकर्म | Ancestral rituals
  • आवागमन (यात्रा) | Travel
  • काष्ठ-कर्म (लकड़ी से जुड़े कार्य) | Wood-related work

💎 विशेष अनुशंसा | Special Recommendation:

  • भोजन में स्वर्ण जल (गोल्ड चार्ज्ड वॉटर) को शामिल करें।
    (Include gold-charged water in your diet.)

  • .

·         Today’s Remedy

·           All-in-One Divine Remedy to Remove Obstacles, Hidden Dangers, Negative Energy , Mental Distress& Mental Peace

·         (Jyotish shiromani-V.K.Tiwari, DR .R.Dixit & Dr S.Tiwari

·         9424446706-Astro Palmist&Vastu consultant-)

आज सुरक्षा और सफलता का उपाय

देवता Deity दुर्गा, तत्व Element अग्नि,

शुभ स्पर्श Auspicious Touch ललाट, वर्जित स्पर्श Inauspicious Touch पीठ,

 शुभ दिशा Auspicious Direction उत्तर, अशुभ दिशा Inauspicious Direction दक्षिण, शुभ कार्य Auspicious Work साधना रक्षा,

निषिद्ध Prohibited विवाद,

शुभ दान Auspicious Donation लाल वस्त्र, वर्जित दान Forbidden Donation मदिरा,

 शुभ भोजन Auspicious Food हलवा, वर्जित भोजन Avoid Food मांस,

 शुभ फल फूल Auspicious Flowers लाल पुष्प, वर्जित फल फूल Inauspicious Flowers सूखे,

 शुभ रंग Auspicious Color लाल, अशुभ रंग Inauspicious Color काला,

मंत्र Mantra दुर्गायै नमः, उपाय Remedy दुर्गा पाठ, वृक्षworship : उंबर, औदुंबर

 | बकरी को भोजन |
देव सेनापते स्कंद कार्तिकेयनमोस्तु ते।
महाज्वालाय विद्महे अग्निदेवाय धीमहि तन्नो अग्निः प्रचोदयात्।
कृतिकाभ्यो नमः।

किये जाने वाले कार्य:
रहस्य, गुप्त कार्य, शस्त्र, तंत्र-मंत्र, मूंगा, धातु क्रय, दस्तकारी कार्य।

उपाय:
जटामांसी लाल पुष्प जल में मिलाकर स्नान करें।
दानगुड़, मसूर, तांबा, लाल चंदन।
दान पात्रयुवा, सैनिक, सुरक्षा कर्मी।
प्रस्थान पूर्वकांजी या मसूर के दाने भूमि पर छोड़ें।

ब्रह्माण्डपुराण मंत्र:
भूमिपुत्रो महातेजापीडां हरतु मे कुज:


 

🔮 आज के शुभ कार्य और सावधानियां | Auspicious Activities & Precautions for अरिष्ट नाशक नक्षत्र उपाय मंत्र (Kritika Nakshatra Remedies and Mantras)

  • कृतिका नक्षत्र के लिए (For Kritika Nakshatra)
  • वैदिक मंत्र (Vedic Mantra)
  • अयमग्नि सहत्रिणो वाजस्य शांति गवं वनस्पति: मूर्द्धा कबोरीणाम
    अग्नये नम:
  • Om! May this Agni, the bearer of a thousand treasures, bring peace to cattle, vegetation, and all life.
    Om Agnaye Namah!

  • कृतिका देवतामाग्निं मेशवाहनं संस्थितम्।
    स्त्रुक् स्तुवाभीतिवरधृक्सप्तहस्तं नमाम्यहम्॥
    I bow to Kritika Nakshatra’s deity, Agni, who rides a ram,
    Holding the sacrificial ladle and granting protection with seven hands.

  • आग्नेय नम:
    कृतिकाभ्यो नम:
  • Om! Salutations to Agni.
    Om! Salutations to the Kritika Nakshatra.
These mantras help in pacifying malefic effects and enhancing positive energies related to Kritika Nakshatra

टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

श्राद्ध की गूढ़ बाते ,किसकी श्राद्ध कब करे

श्राद्ध क्यों कैसे करे? पितृ दोष ,राहू ,सर्प दोष शांति ?तर्पण? विधि             श्राद्ध नामा - पंडित विजेंद्र कुमार तिवारी श्राद्ध कब नहीं करें :   १. मृत्यु के प्रथम वर्ष श्राद्ध नहीं करे ।   २. पूर्वान्ह में शुक्ल्पक्ष में रात्री में और अपने जन्मदिन में श्राद्ध नहीं करना चाहिए ।   ३. कुर्म पुराण के अनुसार जो व्यक्ति अग्नि विष आदि के द्वारा आत्महत्या करता है उसके निमित्त श्राद्ध नहीं तर्पण का विधान नहीं है । ४. चतुदर्शी तिथि की श्राद्ध नहीं करना चाहिए , इस तिथि को मृत्यु प्राप्त पितरों का श्राद्ध दूसरे दिन अमावस्या को करने का विधान है । ५. जिनके पितृ युद्ध में शस्त्र से मारे गए हों उनका श्राद्ध चतुर्दशी को करने से वे प्रसन्न होते हैं और परिवारजनों पर आशीर्वाद बनाए रखते हैं ।           श्राद्ध कब , क्या और कैसे करे जानने योग्य बाते           किस तिथि की श्राद्ध नहीं -  १. जिस तिथी को जिसकी मृत्यु हुई है , उस तिथि को ही श्राद्ध किया जाना चा...

रामचरितमानस की चौपाईयाँ-मनोकामना पूरक सरल मंत्रात्मक (ramayan)

*****मनोकामना पूरक सरल मंत्रात्मक रामचरितमानस की चौपाईयाँ-       रामचरितमानस के एक एक शब्द को मंत्रमय आशुतोष भगवान् शिव ने बना दिया |इसलिए किसी भी प्रकार की समस्या के लिए सुन्दरकाण्ड या कार्य उद्देश्य के लिए लिखित चौपाई का सम्पुट लगा कर रामचरितमानस का पाठ करने से मनोकामना पूर्ण होती हैं | -सोमवार,बुधवार,गुरूवार,शुक्रवार शुक्ल पक्ष अथवा शुक्ल पक्ष दशमी से कृष्ण पक्ष पंचमी तक के काल में (चतुर्थी, चतुर्दशी तिथि छोड़कर )प्रारंभ करे -   वाराणसी में भगवान् शंकरजी ने मानस की चौपाइयों को मन्त्र-शक्ति प्रदान की है-इसलिये वाराणसी की ओर मुख करके शंकरजी को स्मरण कर  इनका सम्पुट लगा कर पढ़े या जप १०८ प्रतिदिन करते हैं तो ११वे दिन १०८आहुति दे | अष्टांग हवन सामग्री १॰ चन्दन का बुरादा , २॰ तिल , ३॰ शुद्ध घी , ४॰ चीनी , ५॰ अगर , ६॰ तगर , ७॰ कपूर , ८॰ शुद्ध केसर , ९॰ नागरमोथा , १०॰ पञ्चमेवा , ११॰ जौ और १२॰ चावल। १॰ विपत्ति-नाश - “ राजिव नयन धरें धनु सायक। भगत बिपति भंजन सुखदायक।। ” २॰ संकट-नाश - “ जौं प्रभु दीन दयालु कहावा। आरति हरन बेद जसु गावा।। जपहिं ना...

दुर्गा जी के अभिषेक पदार्थ विपत्तियों के विनाशक एक रहस्य | दुर्गा जी को अपनी समस्या समाधान केलिए क्या अर्पण करना चाहिए?

दुर्गा जी   के अभिषेक पदार्थ विपत्तियों   के विनाशक एक रहस्य | दुर्गा जी को अपनी समस्या समाधान केलिए क्या अर्पण करना चाहिए ? अभिषेक किस पदार्थ से करने पर हम किस मनोकामना को पूर्ण कर सकते हैं एवं आपत्ति विपत्ति से सुरक्षा कवच निर्माण कर सकते हैं | दुर्गा जी को अर्पित सामग्री का विशेष महत्व होता है | दुर्गा जी का अभिषेक या दुर्गा की मूर्ति पर किस पदार्थ को अर्पण करने के क्या लाभ होते हैं | दुर्गा जी शक्ति की देवी हैं शीघ्र पूजा या पूजा सामग्री अर्पण करने के शुभ अशुभ फल प्रदान करती हैं | 1- दुर्गा जी को सुगंधित द्रव्य अर्थात ऐसे पदार्थ ऐसे पुष्प जिनमें सुगंध हो उनको अर्पित करने से पारिवारिक सुख शांति एवं मनोबल में वृद्धि होती है | 2- दूध से दुर्गा जी का अभिषेक करने पर कार्यों में सफलता एवं मन में प्रसन्नता बढ़ती है | 3- दही से दुर्गा जी की पूजा करने पर विघ्नों का नाश होता है | परेशानियों में कमी होती है | संभावित आपत्तियों का अवरोध होता है | संकट से व्यक्ति बाहर निकल पाता है | 4- घी के द्वारा अभिषेक करने पर सर्वसामान्य सुख एवं दांपत्य सुख में वृद्धि होती...

श्राद्ध:जानने योग्य महत्वपूर्ण बातें |

श्राद्ध क्या है ? “ श्रद्धया यत कृतं तात श्राद्धं | “ अर्थात श्रद्धा से किया जाने वाला कर्म श्राद्ध है | अपने माता पिता एवं पूर्वजो की प्रसन्नता के लिए एवं उनके ऋण से मुक्ति की विधि है | श्राद्ध क्यों करना चाहिए   ? पितृ ऋण से मुक्ति के लिए श्राद्ध किया जाना अति आवश्यक है | श्राद्ध नहीं करने के कुपरिणाम ? यदि मानव योनी में समर्थ होते हुए भी हम अपने जन्मदाता के लिए कुछ नहीं करते हैं या जिन पूर्वज के हम अंश ( रक्त , जींस ) है , यदि उनका स्मरण या उनके निमित्त दान आदि नहीं करते हैं , तो उनकी आत्मा   को कष्ट होता है , वे रुष्ट होकर , अपने अंश्जो वंशजों को श्राप देते हैं | जो पीढ़ी दर पीढ़ी संतान में मंद बुद्धि से लेकर सभी प्रकार की प्रगति अवरुद्ध कर देते हैं | ज्योतिष में इस प्रकार के अनेक शाप योग हैं |   कब , क्यों श्राद्ध किया जाना आवश्यक होता है   ? यदि हम   96  अवसर पर   श्राद्ध   नहीं कर सकते हैं तो कम से कम मित्रों के लिए पिता माता की वार्षिक तिथि पर यह अश्वनी मास जिसे क्वांर का माह    भी कहा ज...

श्राद्ध रहस्य प्रश्न शंका समाधान ,श्राद्ध : जानने योग्य महत्वपूर्ण तथ्य -कब,क्यों श्राद्ध करे?

संतान को विकलांगता, अल्पायु से बचाइए श्राद्ध - पितरों से वरदान लीजिये पंडित विजेंद्र कुमार तिवारी jyotish9999@gmail.com , 9424446706   श्राद्ध : जानने  योग्य   महत्वपूर्ण तथ्य -कब,क्यों श्राद्ध करे?  श्राद्ध से जुड़े हर सवाल का जवाब | पितृ दोष शांति? राहू, सर्प दोष शांति? श्रद्धा से श्राद्ध करिए  श्राद्ध कब करे? किसको भोजन हेतु बुलाएँ? पितृ दोष, राहू, सर्प दोष शांति? तर्पण? श्राद्ध क्या है? श्राद्ध नहीं करने के कुपरिणाम क्या संभावित है? श्राद्ध नहीं करने के कुपरिणाम क्या संभावित है? श्राद्ध की प्रक्रिया जटिल एवं सबके सामर्थ्य की नहीं है, कोई उपाय ? श्राद्ध कब से प्रारंभ होता है ? प्रथम श्राद्ध किसका होता है ? श्राद्ध, कृष्ण पक्ष में ही क्यों किया जाता है श्राद्ध किन२ शहरों में  किया जा सकता है ? क्या गया श्राद्ध सर्वोपरि है ? तिथि अमावस्या क्या है ?श्राद्द कार्य ,में इसका महत्व क्यों? कितने प्रकार के   श्राद्ध होते   हैं वर्ष में   कितने अवसर श्राद्ध के होते हैं? कब  श्राद्ध किया जाना...

गणेश विसृजन मुहूर्त आवश्यक मन्त्र एवं विधि

28 सितंबर गणेश विसर्जन मुहूर्त आवश्यक मन्त्र एवं विधि किसी भी कार्य को पूर्णता प्रदान करने के लिए जिस प्रकार उसका प्रारंभ किया जाता है समापन भी किया जाना उद्देश्य होता है। गणेश जी की स्थापना पार्थिव पार्थिव (मिटटीएवं जल   तत्व निर्मित)     स्वरूप में करने के पश्चात दिनांक 23 को उस पार्थिव स्वरूप का विसर्जन किया जाना ज्योतिष के आधार पर सुयोग है। किसी कार्य करने के पश्चात उसके परिणाम शुभ , सुखद , हर्षद एवं सफलता प्रदायक हो यह एक सामान्य उद्देश्य होता है।किसी भी प्रकार की बाधा व्यवधान या अनिश्ट ना हो। ज्योतिष के आधार पर लग्न को श्रेष्ठता प्रदान की गई है | होरा मुहूर्त सर्वश्रेष्ठ माना गया है।     गणेश जी का संबंध बुधवार दिन अथवा बुद्धि से ज्ञान से जुड़ा हुआ है। विद्यार्थियों प्रतियोगियों एवं बुद्धि एवं ज्ञान में रूचि है , ऐसे लोगों के लिए बुध की होरा श्रेष्ठ होगी तथा उच्च पद , गरिमा , गुरुता , बड़प्पन , ज्ञान , निर्णय दक्षता में वृद्धि के लिए गुरु की हो रहा श्रेष्ठ होगी | इसके साथ ही जल में विसर्जन कार्य होता है अतः चंद्र की होरा सामा...

श्राद्ध रहस्य - श्राद्ध क्यों करे ? कब श्राद्ध नहीं करे ? पिंड रहित श्राद्ध ?

श्राद्ध रहस्य - क्यों करे , न करे ? पिंड रहित , महालय ? किसी भी कर्म का पूर्ण फल विधि सहित करने पर ही मिलता है | * श्राद्ध में गाय का ही दूध प्रयोग करे |( विष्णु पुराण ) | श्राद्ध भोजन में तिल अवश्य प्रयोग करे | श्राद्ध अपरिहार्य है क्योकि - श्राद्ध अपरिहार्य - अश्वनी माह के कृष्ण पक्ष तक पितर अत्यंत अपेक्षा से कष्ट की   स्थिति में जल , तिल की अपनी संतान से , प्रतिदिन आशा रखते है | अन्यथा दुखी होकर श्राप देकर चले जाते हैं | श्राद्ध अपरिहार्य है क्योकि इसको नहीं करने से पीढ़ी दर पीढ़ी संतान मंद बुद्धि , दिव्यांगता .मानसिक रोग होते है | हेमाद्रि ग्रन्थ - आषाढ़ माह पूर्णिमा से /कन्या के सूर्य के समय एक दिन भी श्राद्ध कोई करता है तो , पितर एक वर्ष तक संतुष्ट/तृप्त रहते हैं | ( भद्र कृष्ण दूज को भरणी नक्षत्र , तृतीया को कृत्तिका नक्षत्र   या षष्ठी को रोहणी नक्षत्र या व्यतिपात मंगलवार को हो ये पिता को प्रिय योग है इस दिन व्रत , सूर्य पूजा , गौ दान गौ -दान श्रेष्ठ | - श्राद्ध का गया तुल्य फल- पितृपक्ष में मघा सूर्य की अष्टमी य त्रयोदशी को मघा नक्षत्र पर चंद्र ...

गणेश भगवान - पूजा मंत्र, आरती एवं विधि

सिद्धिविनायक विघ्नेश्वर गणेश भगवान की आरती। आरती  जय गणेश जय गणेश जय गणेश देवा।  माता जा की पार्वती ,पिता महादेवा । एकदंत दयावंत चार भुजा धारी।   मस्तक सिंदूर सोहे मूसे की सवारी | जय गणेश जय गणेश देवा।  अंधन को आँख  देत, कोढ़िन को काया । बांझन को पुत्र देत, निर्धन को माया । जय गणेश जय गणेश देवा।   हार चढ़े फूल चढ़े ओर चढ़े मेवा । लड्डूअन का  भोग लगे संत करें सेवा।   जय गणेश जय गणेश देवा।   दीनन की लाज रखो ,शम्भू पत्र वारो।   मनोरथ को पूरा करो।  जाए बलिहारी।   जय गणेश जय गणेश देवा। आहुति मंत्र -  ॐ अंगारकाय नमः श्री 108 आहूतियां देना विशेष शुभ होता है इसमें शुद्ध घी ही दुर्वा एवं काले तिल का विशेष महत्व है। अग्नि पुराण के अनुसार गायत्री-      मंत्र ओम महोत काय विद्महे वक्रतुंडाय धीमहि तन्नो दंती प्रचोदयात्। गणेश पूजन की सामग्री एक चौकिया पाटे  का प्रयोग करें । लाल वस्त्र या नारंगी वस्त्र उसपर बिछाएं। चावलों से 8पत्ती वाला कमल पुष्प स्वरूप बनाएं। गणेश पूजा में नार...

विवाह बाधा और परीक्षा में सफलता के लिए दुर्गा पूजा

विवाह में विलंब विवाह के लिए कात्यायनी पूजन । 10 oct - 18 oct विवाह में विलंब - षष्ठी - कात्यायनी पूजन । वैवाहिक सुखद जीवन अथवा विवाह बिलम्ब   या बाधा को समाप्त करने के लिए - दुर्गतिहारणी मां कात्यायनी की शरण लीजिये | प्रतिपदा के दिन कलश स्थापना के समय , संकल्प में अपना नाम गोत्र स्थान बोलने के पश्चात् अपने विवाह की याचना , प्रार्थना कीजिये | वैवाहिक सुखद जीवन अथवा विवाह बिलम्ब   या बाधा को समाप्त करने के लिए प्रति दिन प्रातः सूर्योदय से प्रथम घंटे में या दोपहर ११ . ४० से १२ . ४० बजे के मध्य , कात्ययानी देवी का मन्त्र जाप करिये | १०८बार | उत्तर दिशा में मुँह हो , लाल वस्त्र हो जाप के समय | दीपक मौली या कलावे की वर्तिका हो | वर्तिका उत्तर दिशा की और हो | गाय का शुद्ध घी श्रेष्ठ अथवा तिल ( बाधा नाशक + महुआ ( सौभाग्य ) तैल मिला कर प्रयोग करे मां भागवती की कृपा से पूर्वजन्म जनितआपके दुर्योग एवं   व्यवधान समाप्त हो एवं   आपकी मनोकामना पूरी हो ऐसी शुभ कामना सहित || षष्ठी के दिन विशेष रूप से कात्यायनी के मन्त्र का २८ आहुति / १०८ आहुति हवन कर...

कलश पर नारियल रखने की शास्त्रोक्त विधि क्या है जानिए

हमे श्रद्धा विश्वास समर्पित प्रयास करने के बाद भी वांछित परिणाम नहीं मिलते हैं , क्योकि हिन्दू धर्म श्रेष्ठ कोटी का विज्ञान सम्मत है ।इसकी प्रक्रिया , विधि या तकनीक का पालन अनुसरण परमावश्यक है । नारियल का अधिकाधिक प्रयोग पुजा अर्चना मे होता है।नारियल रखने की विधि सुविधा की दृष्टि से प्रचलित होगई॥ मेरे ज्ञान  मे कलश मे उल्टा सीधा नारियल फसाकर रखने की विधि का प्रमाण अब तक नहीं आया | यदि कोई सुविज्ञ जानकारी रखते हो तो स्वागत है । नारियल को मोटा भाग पूजा करने वाले की ओर होना चाहिए। कलश पर नारियल रखने की प्रमाणिक विधि क्या है ? अधोमुखम शत्रु विवर्धनाए , उर्ध्वस्य वक्त्रं बहुरोग वृद्ध्यै प्राची मुखं वित्त्नाश्नाय , तस्माच्छुभम सम्मुख नारिकेलम अधोमुखम शत्रु विवर्धनाए कलश पर - नारियल का बड़ा हिस्सा नीचे मुख कर रखा जाए ( पतला हिस्सा पूछ वाला कलश के उपरी भाग पर रखा जाए ) तो उसे शत्रुओं की वृद्धि होती है * ( कार्य सफलता में बाधाएं आती है संघर्ष , अपयश , चिंता , हानि , सहज हैशत्रु या विरोधी तन , मन धन सर्व दृष्टि से घातक होते है ) उर्ध्वस्य वक्त्रं बहुरोग वृद्ध्यै कलश ...