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वर्ष 2026 में 5 दिसम्बर तक केतु का गोचर प्रभाव** (Birth Star–Based Ketu Transit Effect till 5 December 2026)

 

**Birth Star Ketu Result 2026

(केतु मघा नक्षत्र में स्थित होने पर जन्म नक्षत्रानुसार फल)**


**जन्म के समय केतु स्थित नक्षत्र

वर्ष 2026 में 5 दिसम्बर तक केतु का गोचर प्रभाव**
(Birth Star–Based Ketu Transit Effect till 5 December 2026)

आपकी जन्म कुंडली में जन्म के समय केतु जिस नक्षत्र में स्थित था, उसी जन्म नक्षत्र को आधार बनाकर वर्ष 2026 में केतु ग्रह का शुभअशुभ प्रभाव प्राप्त होता है।

In your birth horoscope, the Nakshatra where Ketu was placed at the time of birth becomes the base for judging auspicious and inauspicious effects of Ketu in the year 2026.

वर्ष 2026 में 5 दिसम्बर तक केतु मघा (Magha) नक्षत्र में सक्रिय रहेगा और यह प्रभाव केतु चक्र के नियमों के अनुसार फल प्रदान करता है।

In 2026, Ketu remains transiting in Magha Nakshatra till 5 December, and its results manifest according to the principles of Ketu Chakra.


Birth Star Ketu Result 2026

(केतु मघा में स्थित होने पर जन्म नक्षत्रानुसार फल)

1-Magha, Purva Phalguni, Uttara Phalguni, Hasta, Chitra
फल: Success / Credit
मानसिक शक्ति, प्रतिष्ठा, श्रेय, नेतृत्व, सफलता

2-Swati, Vishakha
फल: Worry
चिन्ता, अस्थिरता, मानसिक दबाव

3-Anuradha, Jyeshtha, Mula, Purva Ashadha, Uttara Ashadha
फल: Operation / Physical Trouble
शारीरिक कष्ट, शल्य-क्रिया योग, स्वास्थ्य सावधानी

4-Shravana, Dhanishta
फल: Tension, Fear
तनाव, भय, मानसिक अशान्ति

5-Shatabhisha, Purva Bhadrapada, Uttara Bhadrapada, Revati
फल: Success (Overall Good)
समग्र सफलता, कार्य सिद्धि, लाभ

6-Ashwini, Bharani, Krittika, Rohini, Mrigashira
फल: Happiness, Travel & Mobility
सुख, वाहन, यात्रा, अवसर, गतिशीलता

7-Ardra, Punarvasu, Pushya, Ashlesha
फल: Travel + Health Problems
अधिक भ्रमण, स्वास्थ्य समस्या, थकावट

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केतु के अशुभ प्रभाव से बचाव हेतु प्रार्थना एवं उपाय

केतु शान्ति प्रार्थना

प्रतिदिन प्रातः या रात्रि में श्रद्धा से जप करें—

“ॐ कें केतवे नमः”
108 बार, विशेषकर मंगलवार या शनिवार को

केतु वैदिक मंत्र

सप्ताह में कम से कम एक बार—

“पलाशपुष्पसंकाशं तारकाग्रहमस्तकम्।
रौद्रं रौद्रात्मकं घोरं तं केतुं प्रणमाम्यहम्॥”


व्यावहारिक उपाय

• कुत्तों को भोजन कराना
• तिल, काले वस्त्र, नारियल का दान
• गणेश पूजन (केतु के अधिपति)
• मंगलवार को लाल मसूर दाल का दान
• नशा, झूठ और क्रोध से दूरी

विशेष सावधानी

केतु काल में
• बिना सोचे जोखिम न लें
• स्वास्थ्य की अनदेखी न करें
• आध्यात्मिक साधना बढ़ाएँ


निष्कर्ष

वर्ष 2026 में 5 दिसम्बर तक केतु का प्रभाव
भय और भ्रम देने वाला भी हो सकता है,
और अचानक उन्नति देने वाला भी।

सही केतु चक्र ज्ञान + शान्ति उपाय
अशुभ को न्यूनतम और शुभ को सक्रिय करता है

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**केतु के अशुभ प्रभाव से बचाव

Remedies for Negative Effects of Ketu**

**केतु शान्ति मंत्र

Ketu Peace Mantra**

प्रतिदिन श्रद्धा से जप करें:
Chant daily with devotion:

“ॐ कें केतवे नमः”
108 times, especially on Tuesday or Saturday


**केतु वैदिक स्तुति

Vedic Prayer for Ketu**

सप्ताह में कम से कम एक बार:
At least once a week:

“पलाशपुष्पसंकाशं तारकाग्रहमस्तकम्।
रौद्रं रौद्रात्मकं घोरं तं केतुं प्रणमाम्यहम्॥”


**व्यावहारिक उपाय

Practical Remedies**

• कुत्तों को भोजन कराना
• तिल, नारियल या काले वस्त्र का दान
• गणेश पूजन (केतु के अधिपति)
• मंगलवार को लाल मसूर दाल का दान
• झूठ, नशा और क्रोध से दूरी

Feeding dogs
Donation of sesame, coconut, or dark clothes
Worship of Lord Ganesha (Lord of Ketu)
Donation of red lentils on Tuesday
Avoid anger, intoxication, and falsehood


**विशेष सावधानी

Special Precautions**

केतु काल में:
During Ketu period:

• अनावश्यक जोखिम न लें
• स्वास्थ्य की उपेक्षा न करें
• आध्यात्मिक अभ्यास बढ़ाएँ

Avoid unnecessary risks
Do not ignore health
Increase spiritual practices


**निष्कर्ष

Conclusion**

वर्ष 2026 में 5 दिसम्बर तक केतु
भ्रम और भय भी दे सकता है,
और अचानक उन्नति भी।

Till 5 December 2026, Ketu can
cause confusion and fear,
or grant sudden progress and spiritual growth.

सही केतु चक्र ज्ञान और शान्ति उपाय
अशुभ प्रभाव को कम और शुभ प्रभाव को सक्रिय करते हैं।
Proper understanding of Ketu Chakra and remedies reduces negativity and enhances positive results.

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**केतु शाबर मंत्र

Ketu Shabar Mantra**

“ॐ केतु वीर केतु,
मेरी रक्षा कर,
मेरा भय हर,
मेरे कार्य सिद्ध कर।
ॐ नमः।”

गुरु गोरखनाथ शाबर मंत्र – केतु शान्ति हेतु

Guru Gorakhnath Shabar Mantra for Ketu

“ॐ गोरखनाथाय नमः।
केतु देव सुनो अरदास,
भ्रम-भय दूर करो निवास।
रोग-शोक संकट टरि जाए,
गुरु गोरख कृपा से काम बन जाए।
ॐ नमः।”


जप विधि / Chanting Method

• प्रतिदिन या मंगलवार / शनिवार को जप करें
• 108 बार जप श्रेष्ठ
• रात्रि समय या प्रातः सूर्योदय से पूर्व
• पूर्व या उत्तर दिशा की ओर मुख करके
• काले तिल या रुद्राक्ष माला से जप करना लाभकारी

Daily or on Tuesday / Saturday
108 repetitions are recommended
Best time: early morning or night
Face East or North
Use black sesame or Rudraksha rosary


लाभ / Benefits

• केतु के अशुभ प्रभाव में कमी
• भय, भ्रम और मानसिक अशान्ति से राहत
• अचानक आने वाली बाधाओं में कमी
• आध्यात्मिक बल में वृद्धि

Reduces negative effects of Ketu
Relief from fear, confusion, and mental unrest
Helps overcome sudden obstacles
Enhances spiritual strength

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