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14 &15 Dec. 2025 – ✨ Fortune & Remedies(दैनिक भाग्य एवं दोष-निवारण उपाय) 🔹 पर्व नए वस्त्र - सनातन एवं जैन धर्म पूजा ➡ Indicator of Auspicious and Adverse Cosmic Currents

 


14 &15 
Dec. 2025 –  Fortune & Remedies(दैनिक भाग्य एवं दोष-निवारण उपाय)

🔹   पर्व  नए वस्त्र    - सनातन एवं जैन धर्म पूजा

 Indicator of Auspicious and Adverse Cosmic Currents

.Remedial Measures for Cosmic Imbalance

Mantras for Accelerating Karmic Progress-🌟    

 Rituals for Amplifying Success Potential 🌙

💠📧 ईमेल (Email):   tiwaridixitastro@gmail.com =- since 1972.📲 +91 9424446706

"This includes today's auspicious for Wearing new bangles, ornaments, and clothes; Food and donation guidelinesPriority tasks; Festivals and fasts; ; Mantras Remedies- Vedik Jain; and more—

covering daily do's and don'ts to overcome obstacles and achieve greater success

जीवन में आकस्मिक संकटों से रक्षा हेतु उपाय मंत्र।
Remedies and guidance to overcome unexpected misfortunes and life challenges.

Bilingual Horoscope , Remedies & What to do today )


Today’s Planetary & Spiritual Harmony Guide -

1.       जन्म नक्षत्र शुभ =कार्य पूर्ण होंगे।

2.        नाम का प्रथम अक्षर शुभ— दिन सुखद और सहयोग मिलेगा।
-*If your Janma Nakshatra (birth star) is auspicious,

your tasks will be accomplished Successfully.

-*If the first letter of name is auspicious, stay assured —

Day will be pleasant and support will come your way.

3.    🕉 न्यूनतम बाधाएँ - लेख के अंत में दिए उपायों का पालन किया जाए।

4.      Remedies provided at the end of the article to reduce difficulties.

🌸 Panchang / पंचांग

·         14.12.2025🌼 Month: पौष
🌼 Day: ravivarवार
🌼 Tithi: dashmi🌼   🌼 Chandra Rashi: कन्या
🌼 Nakshatra:chitra -08:19se;

·         Deity / देवता: Vishvakarma (विश्वकर्मा देव)
Offer /
पूजन: Offer flowers and incense to Vishwakarma. पुष्प धूप अर्पित करें।
Charity /
दान: Craft materials, tools, or cloth. औजार, वस्त्र दान करें।
Eat before leaving /
भोजन: Sweet made of jaggery. गुड़ की मिठाई।
Mantra /
मन्त्र: विश्वकर्मणे नमः
Effect /
फल: Creativity, fame, and skill. कारीगरी, सौंदर्य और यशवृद्धि देता है।
🧍‍♂️ Gents: Excellent for stylish or creative new clothes.
नये डिजाइनर वस्त्र हेतु अत्यंत शुभ।
🧍‍♀️ Ladies: Highly auspicious for new sarees, jewellery, or beauty-related purchases.
श्रृंगार वस्त्र हेतु श्रेष्ठ, आकर्षण यश लाता है।

·        

·         शुभ कार्य: राजकीय कार्य, यात्राState work / public work, travel

·         शुभ रंग: नीलाउत्तरBlue (North)

·         वर्ज्य: कटु फल, अरबीBitter fruits, Arbi

·         खानपान: खीर, चावल, दहीKheer, Rice, Curd

·         मंत्र: नमो भगवते वासुदेवाय

·         जन्म-नक्षत्र शुभ: हस्त, रोहिणी, पूर्वा फाल्गुनीHasta, Rohini, Purva Phalguni

·         जन्म-नक्षत्र अशुभ: मूल, आर्द्राMoola, Ardra

·         जन्म-लग्न अशुभ-आज लग्न अशुभवृषभ, तुला, मकरTaurus, Libra, Capricorn

·         दोनों लग्न अशुभ: कर्क, सिंहCancer, Leo

प्रमाण: विष्णुधर्मोत्तर

  Avoidable Time today-

04:51 AM तक
06:33 AM – 08:18 AM
12:14 PM – 01:40 PM
03:05 PM – 04:30 PM
04:25 PM – 05:10 PM
04:30 PM – 05:56 PM
05:15 PM – 07:02 PM
06:33 AM – 06:49 PM

 🔵 आज का शुभ संकेत | Auspicious Indications for Today

यदि जन्म नक्षत्र निम्न में से कोई हो तो दिन अनुकूल रहेगा।
If the birth Nakshatra is one of the following, the day will be favorable.

(भविष्य-यात्रा, नए कार्य, पूजा, शपथ, निर्माण, आवेदन, नीति निर्धारण, योजना निर्माण, उच्च अधिकारी से मिलना, दान, सभी मंगल कार्य, देव-दर्शन, संधि, विवाह, बैंक संबंधित कार्य) सफल होंगे।
(Future travel, new ventures, worship, oaths, construction, applications, policy-making, planning, meetings with senior officials, charity, all auspicious deeds, deity visits, agreements, marriage, banking & long-term commitments will be successful.)


(
Bharani, Rohini, Ardra, Punarvasu, Ashlesha, Purva Phalguni, Hasta, Swati, Vishakha, Jyeshtha, Purvashada, Shravana, Shatabhisha, Purva Bhadrapada)

संबंधित अक्षर (Hindi–English)
इनसे आरंभ नाम वालों का दिन उत्तम व्यतीत होगा

ली (Li), लू (Lu), ले (Le), लो (Lo)
(O), वा (Va), वी (Vi), वू (Vu)
कु (Ku), (Gha), (Nga), (Chha)
के (Ke), को (Ko), हा (Ha), ही (Hi)
डी (Di), डू (Du), डे (De), डो (Do)
मो (Mo), टा (Ta), टी (Ti), टू (Tu)
पु (Pu), (Sha), (Na), (Tha)
रू (Ru), रे (Re), रो (Ro), ता (Ta)
तो (To), ना (Na), नी (Ni), नू (Nu)
नो (No), या (Ya), यी (Yi), यू (Yu)
भू (Bhu), धा (Dha), फा (Pha), ढा (Dha)
खी (Khi), खू (Khu), खे (Khe), खो (Kho)
गो (Go), सा (Sa), सी (Si), सू (Su)
से (Se), सो (So), दा (Da), दी (Di)

 

सर्व स्थिति सार

सर्व सफलता: वृश्चिक, धनु
सुखद विजय: मेष, कर्क, मीन
प्रसन्नता शुभ समाचार: कन्या
प्रयास के पश्चात निश्चित सफलता: सिंह, वृष, मकर
सुख में कमी, व्यय, व्यस्तता, यात्रा: तुला, मिथुन, कुम्भ

 

किये जाने वाले कार्य -ज्वाइन,शपथ,नए आसन ,वाहन,कुर्सी पर बैठना , मांगलिक कार्य,वायुयान या वाहन से यात्रा,मंत्र,अस्त्र,दवाई,युद्ध,दुकान, आवेदन देना, स्वर्ण ।

vishesh- मेष राशी या च ल,अ,अक्षरसे प्रारंभ नाम वालो के लिए हैं ।-

-स्नान जल मे कनेर पुष्प ,केसर,खस.इलायची मिला कर स्नान करे ।

-सूर्य देव को जल अर्पण करे । मंत्र -खखोल्काय नमः ।

-  दान पदार्थ -गुड,लाल,वस्त्र,पुष्प,तांबा नारंगी वस्तु,लाल चन्दन ,कनेर लाल पुष्प ।

दान -लाल गाय को ,सूर्य मंदिर10 वर्ष तक के बच्चे,विष्णु,कृष्ण मंदिर मे  दे सकते है।।

3- घर से प्रस्थान पूर्व खाएं––रसाल,आम,घी,पान मे से कोई भी पदार्थ ।

जैन धर्म मंत्र-

’ ऊँ ह्रीं अर्हं सूर्य ग्रह अरिष्ट निवारक।

श्री पद्म प्रभु जिनेन्द्राय नमः सर्व शांतिं कुरू स्वाहा।

मम (अपना नाम) दुष्ट ग्रह रोग कष्ट निवारणं सर्व शांतिं कुरू कुरू हूँ फट् स्वाहा।

ब्रह्माण्डपुराण-मन्त्र

ग्रहाणाम आदिरात्यो लोक रक्षण कारक:।विषम स्थान सम्भूतां पीडां हरतु मे रवि: ।। खखोल्काय नमः

ग्रहों में प्रथम अदिति के पुत्र तथा विश्व की रक्षा करने वाले,भगवान सूर्य विषम स्थान जनित मेरी पीड़ा का हरण करें ।।

15.12.2025

·         📅 दिन (Day): सोमवार

🌓 तिथि (Tithi): एकादशी –• 🔱 मंत्र: विष्णु मंत्र
• ✨
नक्षत्र (Nakshatra): स्वाति
🔥 पर्व (Festival): सफला एकादशी व्रत

• 🦁
चंद्र राशि (Moon Sign): तुला (Tula)
• ✅
शुभ कार्य: व्रत, ध्यान, कथाFasting, Meditation, Katha

  • शुभ रंग: पीलाउत्तर-पूर्वYellow (North-East)
  • वर्ज्य: चावल, दाल, प्याजRice, Pulses, Onion
  • खानपान: फलाहार, दूधFruits, Milk
  • मंत्र: नारायणाय नमः
  • जन्म-नक्षत्र शुभ: श्रवण, रोहिणी, चित्राShravana, Rohini, Chitra
  • जन्म-नक्षत्र अशुभ: भरणी, अश्लेषाBharani, Ashlesha
  • जन्म-लग्न अशुभ-आज लग्न अशुभमकर, कुंभ, कन्याCapricorn, Aquarius, Virgo
  • दोनों लग्न अशुभ: वृश्चिक, मेषScorpio, Aries

प्रमाण: पद्म पुराण🔹 New Clothes:

👩‍🦱 Ladies – Not auspicious; avoid new clothes, may cause instability. / अशुभ, अस्थिरता या मानसिक बेचैनी। 👨‍🦰 Gents – Favourable for light or white clothes; brings independence & success. / हल्के रंग के वस्त्र शुभ, आत्मनिर्भरता बढ़ती है। 🔹 Effect: Encourages freedom, change, and self-growth. / स्वतंत्रता आत्म-विकास का प्रतीक।


01🔹 जन्म नक्षत्र (Birth Nakshatra) – यदि निम्नलिखित नक्षत्र हों, तो आज का दिन सुखद और अनुकूल रहेगा।
भरणी, रोहिणी, आर्द्रा, पुनर्वसु, अश्लेशा, पूर्वाफाल्गुनी, हस्त, स्वाती, विशाखा, ज्येष्ठा, पूर्वाषाढ़ा, श्रवण, शतभिषा, पूर्व भाद्रपद।
(If the birth Nakshatra is one of the following, today will be favorable and pleasant.)

 (Bharani, Rohini, Ardra, Punarvasu, Ashlesha, Purva Phalguni, Hasta, Swati, Vishakha, Jyeshtha, Purvashadha, Shravan, Shatabhisha, Purva Bhadrapada.)

📌 सकारात्मक कार्यों के लिए अनुकूल (Auspicious for Positive Activities):
भविष्य-यात्रा, नए कार्य, पूजा, शपथ, निर्माण, आवेदन, नीति निर्धारण, योजना निर्माण, उच्च अधिकारी से मिलना, दान, सभी मंगल शुभ कार्य, देव-देवी दर्शन, संधि, विवाह, बैंक संबंधित नए खाते खोलना आदि।
(Future travel, new work, worship, oath-taking, construction, applications, policy-making, planning, meeting senior officials, donations, all auspicious activities, temple visits, agreements, marriage, opening new bank accounts, etc.)

2-🔹 नाम का प्रथम अक्षर निम्नलिखित है, तो दैनिक व्यावहारिक कार्यों में सफलता मिलेगी।

(If the first letter of your name matches the following, success in daily practical tasks is likely.)
व्यावहारिक कार्य में सफलता -स्थान प्रवेश, मित्रता, सहयोग, व्यापारिक कार्य आदि।
(Housewarming, friendship, cooperation, business activities, etc.)

ली, लू, ले, लो; , , , , , वि, वू (Li, Lu, Le, Lo; A, I, U, O, Va, Vi, Vu)
कू, के, को, घी, घु, घे, घो, , , , छी, छे, छो, छु

(Ku, Ke, Ko, Ghi, Ghu, Ghe, Gho, Gh, D, Ch, Chi, Che, Cho, Chu)
के, को, , हि, डी, डु, डे, ड़ो (Ke, Ko, H, Hi, Di, Du, De, Do)
मो, टा, टी, टू; पू, , , ; रू, रे, रो, ता (Mo, Ta, Ti, Tu; Pu, Sha, Na, Tha; Ru, Re, Ro, Ta)
ती, तू, ते, तो; नो, या, यी, यू (Ti, Tu, Te, To; No, Ya, Yi, Yu)
भू, धा, धि, धू, ढे, ढो, फा, फी, फु, फे, फ़ो,

(Bhu, Dha, Dhi, Dhu, Dhe, Dho, Pha, Phi, Phu, Phe, Pho, Dha)
, खी, खू, खे, खो; गो, सा, सी, सू; से, सो, दा, दी, दे, दो

Kh, Khi, Khu, Khe, Kho; Go, Sa, Si, Su; Se, So, Da, Di, De, Do)

 

*********************************************

आज का श्रेष्ठ फलदायी समय: धनु राशि के लिए अत्यंत शुभ है।
Today’s most fruitful time: Highly auspicious for Sagittarius (Dhanu).

उत्तम परिणाम: मकर राशि को विशेष लाभ मिलेगा।
Excellent results: Capricorn (Makar) gains strong support.

सफलता के योग: तुला, सिंह, मेष और वृष राशि के लिए कार्य-सिद्धि।
Success indications: Libra (Tula), Leo (Singh), Aries (Mesh) and Taurus (Vrushabh).

प्रयास के बाद अंतिम सफलता, आशा प्रबल: कन्या, मिथुन और कुम्भ।
Success aft किसी भी प्रकार के कार्य में पूर्णता या सफलता संदिग्ध: मीन, कर्क, वृश्चिक राशि।
Completion or success remains uncertain: Pisces (Meen), Cancer (Kark), Scorpio (Vrushchik).

er effort with strong hope: Virgo (Kanya), Gemini (Mithun) and Aquarius (Kumbh)

*************************

दैनिक राशिफल | Daily Horoscope

मेष (Aries)

📉 वित्तीय: खर्च बढ़ सकता है, व्यापार में अनिश्चितता रहेगी।
📉 Financial: Expenses may increase, and business may face uncertainty.
⚠️
सामाजिक: राजनीति में मतभेद संभव हैं।
⚠️ Social: Differences in politics are possible.
😟 स्वास्थ्य: मानसिक तनाव से बचें।
😟 Health: Avoid mental stress.

वृष (Taurus)

💰 वित्तीय: व्यापार में लाभ और नए अवसर मिलेंगे।
💰 Financial: Profits and new opportunities in business.
😊 सामाजिक: कार्यस्थल पर अनुकूल माहौल रहेगा।
😊 Social: A favorable environment at the workplace.
🏋स्वास्थ्य: स्वास्थ्य उत्तम रहेगा।
🏋Health: Good health will prevail.

मिथुन (Gemini)

💵 वित्तीय: आर्थिक लाभ और कार्यों में सफलता मिलेगी।
💵 Financial: Financial gains and success in work.
🤝
सामाजिक: मित्रों का सहयोग प्राप्त होगा।
🤝 Social: Support from friends.
💪 स्वास्थ्य: मानसिक और शारीरिक रूप से मजबूत रहेंगे।
💪 Health: You will remain mentally and physically strong.

कर्क (Cancer)

📉 वित्तीय: आर्थिक चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है।
📉 Financial: You may face financial challenges.
🎭 सामाजिक: जनसंपर्क से जुड़े लोगों को सफलता मिलेगी।
🎭 Social: Success for those in public relations.
⚠️
स्वास्थ्य: अनिद्रा और थकान महसूस हो सकती है।
⚠️ Health: Insomnia and fatigue may occur.

सिंह (Leo)

💼 वित्तीय: आजीविका के लिए अधिक मेहनत करनी होगी।
💼 Financial: More effort is required for livelihood.
⚠️
सामाजिक: प्रेम संबंधों में तनाव हो सकता है।
⚠️ Social: Tension in love relationships is possible.
🩺
स्वास्थ्य: मानसिक और शारीरिक थकान रहेगी।
🩺 Health: Mental and physical fatigue will persist.

कन्या (Virgo)

💰 वित्तीय: धन-संपत्ति अर्जित करने के योग हैं।
💰 Financial: Opportunities for wealth accumulation.
🏡 सामाजिक: परिवार और मित्रों से मेल-जोल बढ़ेगा।
🏡 Social: Increased bonding with family and friends.
😊 स्वास्थ्य: मानसिक शांति बनी रहेगी।
😊 Health: Mental peace will be maintained.

तुला (Libra)

📈 वित्तीय: व्यापार में लाभ होगा।
📈 Financial: Business will be profitable.
⚔️
सामाजिक: शत्रुओं पर विजय मिलेगी।
⚔️ Social: Victory over enemies.
⚠️
स्वास्थ्य: दांपत्य जीवन में तनाव संभव है।
⚠️ Health: Marital stress is possible.

वृश्चिक (Scorpio)

🏡 वित्तीय: भौतिक और पारिवारिक सुख प्राप्त होगा।
🏡 Financial: Material and family happiness will be achieved.
सामाजिक: प्रेम जीवन सुखमय रहेगा।
Social: Love life will be joyful.
🎭 स्वास्थ्य: मानसिक प्रसन्नता बनी रहेगी।
🎭 Health: Mental happiness will continue.

धनु (Sagittarius)

😔 वित्तीय: खर्च बढ़ सकता है, असंतोष रहेगा।
😔 Financial: Expenses may rise, leading to dissatisfaction.
⚠️
सामाजिक: क्रोध और विवाद से बचें।
⚠️ Social: Avoid anger and disputes.
🚫 स्वास्थ्य: मानसिक बेचैनी हो सकती है।
🚫 Health: Mental restlessness may occur.

मकर (Capricorn)

🏠 वित्तीय: घर और कार्यस्थल पर सुखद समय रहेगा।
🏠 Financial: A pleasant time at home and workplace.
😊 सामाजिक: परिवार के साथ समय बिताएंगे।
😊 Social: You will spend time with family.
🍽 स्वास्थ्य: अच्छा भोजन और मानसिक संतोष मिलेगा।
🍽 Health: Good food and mental satisfaction.

कुंभ (Aquarius)

🎯 वित्तीय: लक्ष्य प्राप्ति होगी।
🎯 Financial: Goals will be achieved.
🍛 सामाजिक: स्वादिष्ट भोजन का आनंद लेंगे।
🍛 Social: Enjoy delicious food.
👑 स्वास्थ्य: सफलता और सम्मान मिलेगा।
👑 Health: Success and respect will be gained.

मीन (Pisces)

🤝 वित्तीय: प्रभावशाली लोगों से लाभ मिलेगा।
🤝 Financial: Benefits from influential people.
📚 सामाजिक: शिक्षा और राजनीति में सफलता मिलेगी।
📚 Social: Success in education and politics.
📈 स्वास्थ्य: मानसिक शांति बनी रहेगी।
📈 Health: Mental peace will be maintained.

आपका दिन शुभ हो! | Have a great day! 🚀

 

🔹 Offer to Deity: Offer incense and tulsi to Vayu Deva / वायु देव को तुलसी धूप अर्पित करें।
🔹 Charity: Donate cloth for widows or silk fabric / रेशमी वस्त्र या विधवाओं हेतु वस्त्र दान करें।
🔹 Eat Before Leaving Home: Buttermilk or green gram / छाछ या मूंग दाल।
🔹 Mantra: " वायवे नमः" (Om Vaayave Namah)

किये जाने वाले कार्य -शंख,मोती,चांदी , जल से संबंधित,गीत,यज्ञ,कृषि,भोजनालय

-       आज कार्य वर्जित -होटल,रेस्टोरेंट,ढाबा,नयी रेसिपी सम्बंधित

-         -सभी के लिए उपयोगी उपाय परन्तु ,

कर्क राशी या जिनके नाम का अक्षर ह,ड हो उनके लिए विशेष उपयोगी हैं ।-

1-स्नान जल मे नदी या तीर्थ जल,पंचगव्य ,

दूध सफेद चंदन ,गोमूत्र,मिला कर स्नान करे ।।

2--दान –चावल,श्वेत पुष्प।जल दान –किसी भी कन्या

को या सफ़ेद गाय,शिव मंदिर मे करे ।

-3- घर से प्रस्थान पूर्व खाएं–खीर या दूध चावल ,दूध ।

4- Before स्टेप out- दर्पण मे मिरर मे मुह देख कर प्रस्थान करे ।

जैन धर्म का मंत्र-

ऊँ नमोर्हते भवते श्रीमते चन्द्रप्रभु तीर्थंकराय विजय यक्ष ज्वाला-मालिनी यक्षी सहिताय ऊँ आं क्रौं ह्रीं ह्यः सोम महाग्रह! मम दुष्ट ग्रह रोग कष्ट निवारणं सर्व शांतिं कुरू कुरू हूँ फट् स्वाहा।ॐ ह्रीं सोम ग्रहारिष्ट निवारक-श्री चन्द्र प्रभु जिनेन्द्राय नम: सर्वशांतिं कुरुकुरु स्वाहा। मम (अपना नाम ) दुष्ट ग्रह रोग कष्टनिवारणं सर्वशांतिं कुरू कुरू हूँ फट् स्वाहा।

-ब्रह्माण्डपुराण मन्त्र-

रोहिणीश: सुधा‍ मूर्ति: सुधा गात्र: सुधाशन:।

विषम स्थान सम्भूतां पीडां हरतु मे विधु:

दक्षकन्या  रूपा देवी रोहिणी के स्वामी अमृतमय स्वरूप वाले ,अमृत रूपी शरीर वाले

तथा अमृत का पान कराने वाले चंद्रदेव विषम स्थान जनित मेरी पीड़ादूर करें ।।

🔱 एकादशी तिथिभगवान विष्णु से सर्व-सुख, समृद्धि सफलता हेतु मंत्र-प्रार्थना (ग्रंथीय श्लोक सहित)

📿 मुख्य मंत्र (जप हेतु):
नमो भगवते वासुदेवाय॥
(108
बार जपएकादशी को विशेष फलदायी)

🙏 एकादशी प्रार्थना (देवी-तिथि सहित):
हे एकादशी देवी! हे जगन्नाथ श्रीहरि विष्णु!
आपकी कृपा से मेरे जीवन में धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष की वृद्धि हो।
सर्व बाधाएँ दूर हों, रोग-शोक नाश हों, गृह में शांति, ऐश्वर्य सफलता स्थिर हो।

📖 विष्णु-एकादशी श्लोक (पद्मपुराण):
एकादश्यां नरो भक्त्या व्रतं कुर्याद्यथाविधि।
विष्णुलोकमवाप्नोति सर्वपापैः प्रमुच्यते॥
अर्थ: जो मनुष्य एकादशी को विधिपूर्वक व्रत करता है, वह समस्त पापों से मुक्त होकर विष्णुलोक को प्राप्त करता है।

📖 श्रीविष्णु स्तुति श्लोक (विष्णु पुराण):
शान्ताकारं भुजगशयनं पद्मनाभं सुरेशं।
विश्वाधारं गगनसदृशं मेघवर्णं शुभाङ्गम्॥
लक्ष्मीकान्तं कमलनयनं योगिभिर्ध्यानगम्यम्।
वन्दे विष्णुं भवभयहरं सर्वलोकैकनाथम्॥

🌼 संक्षिप्त विधि (एकादशी):
प्रातः स्नानविष्णु ध्यान नमो भगवते वासुदेवाय जपतुलसी/पीत पुष्प अर्पणफल/जलाहारसायं विष्णु कथा/आरती।

 


कुंडली मिलान के महत्वपूर्ण तथ्य

A: 5 नाड़ियाँ - 44 गुण।
B: 13 नक्षत्रों में नाड़ी दोष नहीं होता।
C: 35
से अधिक मंगल दोष के अपवाद नियम।
D:
नवांश D-9, 5 नाड़ी, 9 ग्रह, लग्न राशि, नक्षत्र के चार चरणों से मिलान।
E: 30
विशेषताओं पर विचार किया जाता है।

संपर्क करें:
Email:
tiwaridixitastro@gmail.com
Phone: 9424446706
Location: Bangalore
-५६०१०२

 

V’k’TIWARI- Palmistry,Vastu, Astrology(since 1972)

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श्राद्ध क्या है ? “ श्रद्धया यत कृतं तात श्राद्धं | “ अर्थात श्रद्धा से किया जाने वाला कर्म श्राद्ध है | अपने माता पिता एवं पूर्वजो की प्रसन्नता के लिए एवं उनके ऋण से मुक्ति की विधि है | श्राद्ध क्यों करना चाहिए   ? पितृ ऋण से मुक्ति के लिए श्राद्ध किया जाना अति आवश्यक है | श्राद्ध नहीं करने के कुपरिणाम ? यदि मानव योनी में समर्थ होते हुए भी हम अपने जन्मदाता के लिए कुछ नहीं करते हैं या जिन पूर्वज के हम अंश ( रक्त , जींस ) है , यदि उनका स्मरण या उनके निमित्त दान आदि नहीं करते हैं , तो उनकी आत्मा   को कष्ट होता है , वे रुष्ट होकर , अपने अंश्जो वंशजों को श्राप देते हैं | जो पीढ़ी दर पीढ़ी संतान में मंद बुद्धि से लेकर सभी प्रकार की प्रगति अवरुद्ध कर देते हैं | ज्योतिष में इस प्रकार के अनेक शाप योग हैं |   कब , क्यों श्राद्ध किया जाना आवश्यक होता है   ? यदि हम   96  अवसर पर   श्राद्ध   नहीं कर सकते हैं तो कम से कम मित्रों के लिए पिता माता की वार्षिक तिथि पर यह अश्वनी मास जिसे क्वांर का माह    भी कहा ज...

श्राद्ध रहस्य प्रश्न शंका समाधान ,श्राद्ध : जानने योग्य महत्वपूर्ण तथ्य -कब,क्यों श्राद्ध करे?

संतान को विकलांगता, अल्पायु से बचाइए श्राद्ध - पितरों से वरदान लीजिये पंडित विजेंद्र कुमार तिवारी jyotish9999@gmail.com , 9424446706   श्राद्ध : जानने  योग्य   महत्वपूर्ण तथ्य -कब,क्यों श्राद्ध करे?  श्राद्ध से जुड़े हर सवाल का जवाब | पितृ दोष शांति? राहू, सर्प दोष शांति? श्रद्धा से श्राद्ध करिए  श्राद्ध कब करे? किसको भोजन हेतु बुलाएँ? पितृ दोष, राहू, सर्प दोष शांति? तर्पण? श्राद्ध क्या है? श्राद्ध नहीं करने के कुपरिणाम क्या संभावित है? श्राद्ध नहीं करने के कुपरिणाम क्या संभावित है? श्राद्ध की प्रक्रिया जटिल एवं सबके सामर्थ्य की नहीं है, कोई उपाय ? श्राद्ध कब से प्रारंभ होता है ? प्रथम श्राद्ध किसका होता है ? श्राद्ध, कृष्ण पक्ष में ही क्यों किया जाता है श्राद्ध किन२ शहरों में  किया जा सकता है ? क्या गया श्राद्ध सर्वोपरि है ? तिथि अमावस्या क्या है ?श्राद्द कार्य ,में इसका महत्व क्यों? कितने प्रकार के   श्राद्ध होते   हैं वर्ष में   कितने अवसर श्राद्ध के होते हैं? कब  श्राद्ध किया जाना...

गणेश विसृजन मुहूर्त आवश्यक मन्त्र एवं विधि

28 सितंबर गणेश विसर्जन मुहूर्त आवश्यक मन्त्र एवं विधि किसी भी कार्य को पूर्णता प्रदान करने के लिए जिस प्रकार उसका प्रारंभ किया जाता है समापन भी किया जाना उद्देश्य होता है। गणेश जी की स्थापना पार्थिव पार्थिव (मिटटीएवं जल   तत्व निर्मित)     स्वरूप में करने के पश्चात दिनांक 23 को उस पार्थिव स्वरूप का विसर्जन किया जाना ज्योतिष के आधार पर सुयोग है। किसी कार्य करने के पश्चात उसके परिणाम शुभ , सुखद , हर्षद एवं सफलता प्रदायक हो यह एक सामान्य उद्देश्य होता है।किसी भी प्रकार की बाधा व्यवधान या अनिश्ट ना हो। ज्योतिष के आधार पर लग्न को श्रेष्ठता प्रदान की गई है | होरा मुहूर्त सर्वश्रेष्ठ माना गया है।     गणेश जी का संबंध बुधवार दिन अथवा बुद्धि से ज्ञान से जुड़ा हुआ है। विद्यार्थियों प्रतियोगियों एवं बुद्धि एवं ज्ञान में रूचि है , ऐसे लोगों के लिए बुध की होरा श्रेष्ठ होगी तथा उच्च पद , गरिमा , गुरुता , बड़प्पन , ज्ञान , निर्णय दक्षता में वृद्धि के लिए गुरु की हो रहा श्रेष्ठ होगी | इसके साथ ही जल में विसर्जन कार्य होता है अतः चंद्र की होरा सामा...

श्राद्ध रहस्य - श्राद्ध क्यों करे ? कब श्राद्ध नहीं करे ? पिंड रहित श्राद्ध ?

श्राद्ध रहस्य - क्यों करे , न करे ? पिंड रहित , महालय ? किसी भी कर्म का पूर्ण फल विधि सहित करने पर ही मिलता है | * श्राद्ध में गाय का ही दूध प्रयोग करे |( विष्णु पुराण ) | श्राद्ध भोजन में तिल अवश्य प्रयोग करे | श्राद्ध अपरिहार्य है क्योकि - श्राद्ध अपरिहार्य - अश्वनी माह के कृष्ण पक्ष तक पितर अत्यंत अपेक्षा से कष्ट की   स्थिति में जल , तिल की अपनी संतान से , प्रतिदिन आशा रखते है | अन्यथा दुखी होकर श्राप देकर चले जाते हैं | श्राद्ध अपरिहार्य है क्योकि इसको नहीं करने से पीढ़ी दर पीढ़ी संतान मंद बुद्धि , दिव्यांगता .मानसिक रोग होते है | हेमाद्रि ग्रन्थ - आषाढ़ माह पूर्णिमा से /कन्या के सूर्य के समय एक दिन भी श्राद्ध कोई करता है तो , पितर एक वर्ष तक संतुष्ट/तृप्त रहते हैं | ( भद्र कृष्ण दूज को भरणी नक्षत्र , तृतीया को कृत्तिका नक्षत्र   या षष्ठी को रोहणी नक्षत्र या व्यतिपात मंगलवार को हो ये पिता को प्रिय योग है इस दिन व्रत , सूर्य पूजा , गौ दान गौ -दान श्रेष्ठ | - श्राद्ध का गया तुल्य फल- पितृपक्ष में मघा सूर्य की अष्टमी य त्रयोदशी को मघा नक्षत्र पर चंद्र ...

गणेश भगवान - पूजा मंत्र, आरती एवं विधि

सिद्धिविनायक विघ्नेश्वर गणेश भगवान की आरती। आरती  जय गणेश जय गणेश जय गणेश देवा।  माता जा की पार्वती ,पिता महादेवा । एकदंत दयावंत चार भुजा धारी।   मस्तक सिंदूर सोहे मूसे की सवारी | जय गणेश जय गणेश देवा।  अंधन को आँख  देत, कोढ़िन को काया । बांझन को पुत्र देत, निर्धन को माया । जय गणेश जय गणेश देवा।   हार चढ़े फूल चढ़े ओर चढ़े मेवा । लड्डूअन का  भोग लगे संत करें सेवा।   जय गणेश जय गणेश देवा।   दीनन की लाज रखो ,शम्भू पत्र वारो।   मनोरथ को पूरा करो।  जाए बलिहारी।   जय गणेश जय गणेश देवा। आहुति मंत्र -  ॐ अंगारकाय नमः श्री 108 आहूतियां देना विशेष शुभ होता है इसमें शुद्ध घी ही दुर्वा एवं काले तिल का विशेष महत्व है। अग्नि पुराण के अनुसार गायत्री-      मंत्र ओम महोत काय विद्महे वक्रतुंडाय धीमहि तन्नो दंती प्रचोदयात्। गणेश पूजन की सामग्री एक चौकिया पाटे  का प्रयोग करें । लाल वस्त्र या नारंगी वस्त्र उसपर बिछाएं। चावलों से 8पत्ती वाला कमल पुष्प स्वरूप बनाएं। गणेश पूजा में नार...

विवाह बाधा और परीक्षा में सफलता के लिए दुर्गा पूजा

विवाह में विलंब विवाह के लिए कात्यायनी पूजन । 10 oct - 18 oct विवाह में विलंब - षष्ठी - कात्यायनी पूजन । वैवाहिक सुखद जीवन अथवा विवाह बिलम्ब   या बाधा को समाप्त करने के लिए - दुर्गतिहारणी मां कात्यायनी की शरण लीजिये | प्रतिपदा के दिन कलश स्थापना के समय , संकल्प में अपना नाम गोत्र स्थान बोलने के पश्चात् अपने विवाह की याचना , प्रार्थना कीजिये | वैवाहिक सुखद जीवन अथवा विवाह बिलम्ब   या बाधा को समाप्त करने के लिए प्रति दिन प्रातः सूर्योदय से प्रथम घंटे में या दोपहर ११ . ४० से १२ . ४० बजे के मध्य , कात्ययानी देवी का मन्त्र जाप करिये | १०८बार | उत्तर दिशा में मुँह हो , लाल वस्त्र हो जाप के समय | दीपक मौली या कलावे की वर्तिका हो | वर्तिका उत्तर दिशा की और हो | गाय का शुद्ध घी श्रेष्ठ अथवा तिल ( बाधा नाशक + महुआ ( सौभाग्य ) तैल मिला कर प्रयोग करे मां भागवती की कृपा से पूर्वजन्म जनितआपके दुर्योग एवं   व्यवधान समाप्त हो एवं   आपकी मनोकामना पूरी हो ऐसी शुभ कामना सहित || षष्ठी के दिन विशेष रूप से कात्यायनी के मन्त्र का २८ आहुति / १०८ आहुति हवन कर...

कलश पर नारियल रखने की शास्त्रोक्त विधि क्या है जानिए

हमे श्रद्धा विश्वास समर्पित प्रयास करने के बाद भी वांछित परिणाम नहीं मिलते हैं , क्योकि हिन्दू धर्म श्रेष्ठ कोटी का विज्ञान सम्मत है ।इसकी प्रक्रिया , विधि या तकनीक का पालन अनुसरण परमावश्यक है । नारियल का अधिकाधिक प्रयोग पुजा अर्चना मे होता है।नारियल रखने की विधि सुविधा की दृष्टि से प्रचलित होगई॥ मेरे ज्ञान  मे कलश मे उल्टा सीधा नारियल फसाकर रखने की विधि का प्रमाण अब तक नहीं आया | यदि कोई सुविज्ञ जानकारी रखते हो तो स्वागत है । नारियल को मोटा भाग पूजा करने वाले की ओर होना चाहिए। कलश पर नारियल रखने की प्रमाणिक विधि क्या है ? अधोमुखम शत्रु विवर्धनाए , उर्ध्वस्य वक्त्रं बहुरोग वृद्ध्यै प्राची मुखं वित्त्नाश्नाय , तस्माच्छुभम सम्मुख नारिकेलम अधोमुखम शत्रु विवर्धनाए कलश पर - नारियल का बड़ा हिस्सा नीचे मुख कर रखा जाए ( पतला हिस्सा पूछ वाला कलश के उपरी भाग पर रखा जाए ) तो उसे शत्रुओं की वृद्धि होती है * ( कार्य सफलता में बाधाएं आती है संघर्ष , अपयश , चिंता , हानि , सहज हैशत्रु या विरोधी तन , मन धन सर्व दृष्टि से घातक होते है ) उर्ध्वस्य वक्त्रं बहुरोग वृद्ध्यै कलश ...