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-नाम से जाने,24 जनवरी शनि 2020 से शनि के प्रभाव



((जन्म लग्न, राशि, जन्म नक्षत्र एवं महादशा\ आदि की जानकारी पर विचार किए बिना शनि के प्रभाव के प्रभाव का सही विवरण नहीं दिया जसकता क्योकि,
प्रचलित नाम से ,दैनिक व्यवहार,रोजगार,2-स्थायी परिणाम जन्म नक्षत्र से 3- प्रभाव अधिक या कम नक्षत्र चरण से  4- जन्म लग्न से शनि के मित्र की राशि /लग्न  शुभ प्रभाव बहुत कम या नहीं ,4- मोटे 2 रूप या बेहद /अतिसामान्य फल शनि के जन्म राशि से 5- महादशा एवं अंतर्दशा से शुभ अशुभ फल प्रभावित होते है 6- गोचर मे गुरु,राहू,मंगल अनुकूल होंने पर उनकी अवधि मे शनि उल्लेखनीय कुप्रभाव नहीं दे सकेगा |)
वर्ष       नाम 2020 में शनि का प्रभाव किस किस नाम वाले व्यक्तियों पर किस प्रकार का होगा  इसकी जानकारी ज्योतिष ग्रंथ के सिद्धांतों के आधार पर संक्षिप्त में सुविज्ञ पाठकों के लिए प्रस्तुत की जा रही है  .
     
नाम का बहुत व्यापक प्रभाव होता है. दैनिक जीवन में ,वाद विवाद में, मुकदमे , रोजगार में एवं व्यापार , में जन्म नाम की तुलना में सर्वाधिक प्रभाव प्रचलित नाम का होता है .
       वर्ष 2020 में शनि का प्रभाव  नाम के अनुरूप निम्नानुसार होगा  -
1-
जिनका नाम भे भो,* जा अक्षर पर होता है-
उनको इस वर्ष जोखिम नहीं लेना चाहिए. हानि की संभावनाएं अधिक होंगी .इसलिए सूझबूझ के साथ ही निर्णय विशेष रुप से धन से संबंधित मामलों में लेना चाहिए .
2-
जिनके नाम का प्रथम अक्षर *ख *ग *स *श ,,दी अक्षर से प्रारंभ  -
उनको इस वर्ष विभिन्न क्षेत्रों में विजयश्री प्राप्त होगी. विवाद मुकदमे एवं रुके कार्यों में प्रगति होगी, अतः यह समय शनि की कृपा से सफलता एवं विजयश्री प्राप्त करने का उत्तम होगा. व्यापारिक अथवा रोजगार में अपने प्रतिद्वंदी को आप पीछे कर सफलता प्राप्त कर सकते हैं.
3-
जिनके नाम का प्रथम अक्षर  दू,* था*झ,*त्र ,*,*, *  ,,,,, ,,वी,वू, है-
उन लोगों को इस वर्ष यात्रा अधिक करना पड़ सकती है. स्थान परिवर्तन. रोजगार परिवर्तन या लंबी यात्राएं विदेश यात्रा आदि भी संभव हैं .
4-जिनके नाम का प्रथम अक्षर वे,वो *क*ह*डॉ से प्रारंभ है -
उनको इस वर्ष धन के संबंध में शनि सफलताएं प्रदान करेगा .व्यापार के क्षेत्र में ऐसे लोगों को धन का आभाव प्रतीत नहीं होगा ।धन में वृद्धि होगी एवं धन संचय के योग भी उत्तम होंगे।
5-
जिनका नाम *म, *,,पी,पु, से आरंभ हो-
उन्हें इस वर्ष चिंता, भय या मानसिक परेशानी ,अवसाद, निराशा, अवसाद की स्थिति बन सकती है ।
6-
जिनका नाम पे, पो, *,*त अक्षर से प्रारंभ है-
उनको इस वर्ष उच्च पद प्रतिष्ठा ख्याति अधिकार एवं सम्मान आदि प्राप्त होने के प्रबल संभावनाएं हैं ।(प्रतियोगिता चाहे विद्या या खेलकूद ।)
7-
जिनका नाम * न,या से यू तक के अक्षर से प्रारंभ है-
उनके लिए यह वर्ष शनि सुख वृद्धि कारक है विभिन्न ग्रहों पर नियंत्रण कर, शनि जब भी अवसर होगा ,आपको सुख सुविधा एवं संतोष का जीवन प्रदान करेगा ।
8-
जिनके नाम का प्रथम अक्षर ये, यो , *,*, *फ़ *ढ अक्षर से आरंभ  है-
 
वर्ष 2020 में आपको विभिन्न स्तर पर विघ्न बाधाएं एवं शनि अन्य ग्रहों के साथ मिलकर अनिष्ट प्रदान करने की कोशिश करेगा हर कार्य में रुकावट बाधा संघर्ष प्रथम आएंगे इसके पश्चात ही सफलता प्राप्त होगी परंतु धैर्य संयम शांति से आप विघ्न बाधाओं को पार कर अन्य ग्रहों के माध्यम से सफलता प्राप्त कर सकते हैं।
   अशुभ शनि  चिंता का प्रश्न नही -
1-
वृष,तुला,मिथुन,कन्या,मकर,कुम्भ लग्न या राशि वालो को अशुभ प्रभाव अति अल्प होते हैं।
  2-शनि अकेला ही अन्य आठ ग्रहों के प्रभावों को रोक नहीं सकता. जब तक अन्य ग्रह आप के विपरीत नहीं होंगे तब तक शनि आपको कष्ट नहीं दे सकेगा। अर्थात 2020 में पूरे समय अशुभ प्रभाव होंगे ऐसा नहीं हो सकता। शुभ ग्रहों की स्थिति जब-जब होगी चाहे सूर्य मंगल बुध शुक्र आदि तब तब आपको सफलता प्राप्त होती रहेगी, परंतु जैसे ही अन्य ग्रह अशुभ स्थिति में आएंगे शनि आपके ऊपर आक्रामक हो जाएगा।.
1-   
उपाय-
ज्योतिष ग्रंथों में इसका उपाय दर्शाया गया है .
काले तिल, उड़द के माध्यम से एक मानव आकार शनिवार को सूर्योदय के एक घंटे मि अबधि में बना लीजिए. उसे सरसों के तेल में रखकर भूमि में शनिवार को शनि की होरा में गाड़ दें या दवा दें। इससे शनि के अशुभ प्रभाव समाप्त होने का उल्लेख मिलता है। *हनुमत उपासना भी इसमें श्रेष्ठ फलदाई  होती है.
*
शनि स्त्रोत,कवच पाठ।
शनि का श्रेष्ठ उपाय एवं सरल उपाय है कि
 प्रत्येक शनिवार को शनि की होरा में अर्थात सूर्योदय से 1 घंटे की अवधि में , शनिवार को पीपल वृक्ष पर tilतिल तेल एवं सरसों तेल का दीपक लगाएं। पिप्पलाद ऋषि का नाम स्मरण करें ।अपनी याचना या प्रार्थना अपना नाम लेकर उनसे करें।  तीन परिक्रमा पीपल वृक्ष की यदि लगा सकते हो तो अति उत्तम है अथवा उनको नमन कर उन पर जल अर्पण , प्रातः प्रत्येक शनिवार को करेंगे तो भी शनि का कुप्रभाव पिप्पलाद ऋषि की कृपा से नहीं होगा.


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