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शुद्ध तिथि,नक्षत्र व्रत की जानकारी देने वाला भारत के सर्व श्रेष्ठ पत्रकों मे एक जिसका निर्माण- दृकसिद्धांत | अधिकांश मे ग्रह,नक्षत्र शुद्ध 4-4 घंटे तक शुद्ध दृक नहीं होने से ,उनके मूल।पंचक,मुहूर्त,ओर कभी2 व्रत की दिनांक भी ॰बदल जाती है . | किसी भी पंचांग या केलेन्डर का प्रयोग करने से पीआरवी देख लीजिये की उसकी गणना "दृक सिद्धांत(वेधशाला सम्मत ) है या नहीं |अन्यथा आपके धन,समय ,दान,व्रत का फल मिलना संदिग्ध ही होगा |*प्रश्न ,यह नहीं की कितने वर्षों से छप रहा है |दृश्य/दृकनहीं तो जन्म नक्षत्र ,तिथि नक्षत्र,तक गलत एवं कुंडली निर्माण शुद्धता संदिग्ध ही होगा | |
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