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01Dec. 2025 – ✨ Fortune & Remedies(दैनिक भाग्य एवं उपाय)

 

 Indicator of Auspicious and Adverse C01Dec. 2025 –  Fortune & Remedies(दैनिक भाग्य एवं उपाय)osmic Currents.Remedial Measures for Cosmic ImbalanceMantras for Accelerating Karmic Progress-🌟   )    (दोष-निवारण उपाय) Rituals for Amplifying Success Potential 🌙 💠 🌟  (सफलता-वृद्धि उपाय)

📧 ईमेल (Email):   tiwaridixitastro@gmail.com =- since 1972.)📲 +91 9424446706

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(दैनिक भाग्य एवं उपाय) 🌟 Today’s Planetary & Spiritual Harmony Guide -

1.       जन्म नक्षत्र शुभ - कार्य पूर्ण होंगे।

2.      नाम का प्रथम अक्षर शुभ— दिन सुखद और सहयोग मिलेगा।
-*If your Janma Nakshatra (birth star) is auspicious,

 your tasks will be accomplished successfully.

-*If the first letter of name is auspicious, stay assured —

Day will be pleasant and support will come your way.

3.      🕉न्यूनतम बाधाएँ - लेख के अंत में दिए उपायों का पालन किया जाए।

4.      Remedies provided at the end of the article to reduce difficulties.

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·         🔹 मास (Month): मार्गशीर्षMargashirsha
🔹 दिन (Day): सोमवारMonday
🔹 तिथि (Tithi): एकादशीEkadashi
🔹 नक्षत्र (Nakshatra): रेवतीRevati
🔹 चन्द्र राशि (Moon Sign): मीनPisces

·         मोक्षदा एकादशी!

·         शुभ कार्य: व्रत, ध्यान, कथाFasting, Meditation, Katha

·         शुभ रंग: पीलाउत्तर-पूर्वYellow (North-East)

·         AVOIDवर्ज्य: चावल, दाल, प्याजRice, Pulses, Onion

·         खानपान: फलाहार, दूधFruits, Milk

·         मंत्र: नारायणाय नमः 

·         दानचावल,श्वेत पुष्प।जल -दान –कन्याको या सफ़ेद गाय,शिव मंदिर मे करे ।

·         - घर से प्रस्थान पूर्व खाएं–खीर या दूध चावल ,दूध ।

·         - Before स्टेप out- दर्पण मे मिरर मे मुह देख कर प्रस्थान करे

·         जन्म-नक्षत्र शुभ: श्रवण, रोहिणी, चित्राShravana, Rohini, Chitra

·         जन्म-नक्षत्र अशुभ: भरणी, अश्लेषाBharani, Ashlesha

·         जन्म-लग्न अशुभ-आज लग्न अशुभमकर, कुंभ, कन्याCapricorn, Aquarius, Virgo

·         दोनों लग्न अशुभ: वृश्चिक, मेषScorpio, Aries

·         प्रमाण: पद्म पुराण

·        

·         🔱 शास्त्रीय निर्णय (Shastra-Nirnay) — आज वस्त्र/आभूषण/रिंग?

🔴 आज नए वस्त्र, आभूषण, सोना-चाँदी, रत्न, रिंग, मेहँदी, पायल, चूड़ीखरीदना या पहनना

रेवती (सौम्य) + सोमवार (चन्द्र का दिन) + एकादशी (शुभ तिथि) + मीन चन्द्र (रूप, आकर्षण, शांति)

नए वस्त्र, आभूषण, मेकअप, बिंदी, चूड़ी, श्रृंगारसब अत्यंत शुभ, तेजवर्धक और मनोकामना-सिद्धिकारक।

🌟 जिन व्यक्तियों का जन्म-नक्षत्रअश्विनी, भरणी, रोहिणी, आर्द्रा, पुष्य, मघा, पूर्वाफाल्गुनी, हस्त, स्वाती, अनुराधा, मूल, पूर्वाषाढ़ा, श्रवण, शतभिषा और उत्तरभाद्रपदमें होता है, तथा जिनके नाम का प्रथम अक्षर Chu, Che, Cho, La, Li, Lu, Le, Lo, O, Va, Vi, Vu, Ku, Gha, Na, Cha, Hu, He, Ho, Da, Ma, Mi, Mu, Me, Mo, Ta, Ti, Tu, Pu, Sha, Na, Tha, Ru, Re, Ro, Ta, Na, Ni, Nu, Ne, Ye, Yo, Bha, Bhi, Bu, Dha, Bha, Da, Khi, Khu, Khe, Kho, Go, Sa, Si, Su, Du, Tha, Jha, Na — से प्रारम्भ होते हैं, उन्हें आज के दिन दैनिक कार्यों में सफलता, सहयोग, सौभाग्य और अनुकूल परिणाम विशेष रूप से प्राप्त होंगे।

🌟 निम्न अक्षरों से जिनका नाम प्रारम्भ होता है— Chu, Che, Cho, La, Li, Lu, Le, Lo, O, Va, Vi, Vu, Ku, Gha, Na, Cha, Hu, He, Ho, Da, Ma, Mi, Mu, Me, Mo, Ta, Ti, Tu, Pu, Sha, Na, Tha, Ru, Re, Ro, Ta, Na, Ni, Nu, Ne, Ye, Yo, Bha, Bhi, Bu, Dha, Bha, Da, Khi, Khu, Khe, Kho, Go, Sa, Si, Su, Du, Tha, Jha, Na — आज इन अक्षरों वाले नामधारी व्यक्तियों को दैनिक कार्यों में सफलता, मित्रों से सहयोग, मनोनुकूल परिणाम शुभ अवसर प्राप्त होंगे।

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🔮 आज का राशिफल | Today's Horoscope

 मेष (Aries) 🔹

सकारात्मक: व्यापार और नौकरी में उन्नति के योग हैं, आर्थिक लाभ मिलेगा। 🔹 Positive: There are chances of progress in business and job, financial gains are likely. 🔹 नकारात्मक: गुस्से पर नियंत्रण रखें, पारिवारिक विवाद संभव हैं। 🔹 Negative: Control your anger, family disputes are possible. 🔹 उपाय: शनि देव को प्रणाम करें और काले तिल दान करें।

🔹 Remedy: Worship Shani Dev and donate black sesame seeds. ________________________________________ वृषभ (Taurus) 🔹 सकारात्मक: भौतिक सुख-सुविधाओं में वृद्धि होगी, धन लाभ संभव है। 🔹 Positive: Increase in material comforts, financial gains are possible. 🔹 नकारात्मक: स्वास्थ्य पर ध्यान दें, अनावश्यक खर्च बढ़ सकता है।

 🔹 Negative: Take care of your health, unnecessary expenses may rise. 🔹 उपाय: सफेद वस्त्र धारण करें और माता लक्ष्मी की पूजा करें। 🔹 Remedy: Wear white clothes and worship Goddess Lakshmi. ________________________________________ मिथुन (Gemini) 🔹 सकारात्मक: आत्मविश्वास बढ़ेगा, नए अवसर मिलेंगे। 🔹 Positive: Confidence will increase, new opportunities will arise. 🔹 नकारात्मक: भावनाओं में बहकर निर्णय लें। 🔹 Negative: Do not make decisions driven by emotions. 🔹 उपाय: हरी वस्त्र धारण करें और गणेश जी की पूजा करें।

🔹 Remedy: Wear green clothes and worship Lord Ganesha. ________________________________________ कर्क (Cancer) 🔹 सकारात्मक: रुके हुए कार्य पूरे होंगे, आर्थिक स्थिति में सुधार होगा। 🔹 Positive: Pending work will be completed, financial condition will improve. 🔹 नकारात्मक: थकान और मानसिक तनाव हो सकता है। 🔹 Negative: Fatigue and mental stress may occur. 🔹 उपाय: चावल और दूध का दान करें। 🔹 Remedy: Donate rice and milk. ________________________________________ सिंह (Leo) 🔹 सकारात्मक: यात्रा के योग हैं, भाग्य का साथ मिलेगा। 🔹 Positive: Travel is likely, luck will favor you. 🔹 नकारात्मक: परिवार में मतभेद हो सकते हैं, वाणी पर संयम रखें। 🔹 Negative: Family disputes may arise, control your speech. 🔹 उपाय: पीले वस्त्र धारण करें और भगवान विष्णु की पूजा करें।

🔹 Remedy: Wear yellow clothes and worship Lord Vishnu. ________________________________________ कन्या (Virgo) 🔹 सकारात्मक: व्यापार में लाभ होगा, निर्णय लेने की क्षमता बढ़ेगी। 🔹 Positive: Business will be profitable, decision-making ability will improve. 🔹 नकारात्मक: स्वास्थ्य को लेकर लापरवाही करें। 🔹 Negative: Do not neglect your health. 🔹 उपाय: हरी मूंग का दान करें और गणेश जी की पूजा करें। 🔹 Remedy: Donate green gram and worship Lord Ganesha. ________________________________________ तुला (Libra) 🔹 सकारात्मक: सौंदर्य और कला से जुड़े लोगों के लिए दिन शुभ रहेगा। 🔹 Positive: A good day for those in beauty and arts-related fields. 🔹 नकारात्मक: जल्दबाजी में कोई बड़ा निर्णय लें।

 Negative: Avoid making hasty decisions. 🔹 उपाय: गाय को आटा खिलाएं और तुलसी का पौधा लगाएं। 🔹 Remedy: Feed flour to cows and plant a Tulsi tree. ________________________________________ वृश्चिक (Scorpio) 🔹 सकारात्मक: विरोधी परास्त होंगे, कार्यों में सफलता मिलेगी। 🔹 Positive: Enemies will be defeated, success in work is likely. 🔹 नकारात्मक: क्रोध और अहंकार से बचें। 🔹 Negative: Avoid anger and arrogance. 🔹 उपाय: शिवलिंग पर जल अर्पित करें। 🔹 Remedy: Offer water on Shivling. ________________________________________ धनु (Sagittarius) 🔹 सकारात्मक: प्रेम संबंधों में मधुरता आएगी, भाग्य साथ देगा। 🔹 Positive: Love relationships will improve, luck will favor you. 🔹 नकारात्मक: मानसिक तनाव हो सकता है। 🔹 Negative: Mental stress may increase. 🔹 उपाय: केसर का तिलक लगाएं और भगवान विष्णु की पूजा करें।

 🔹 Remedy: Apply saffron tilak and worship Lord Vishnu. ________________________________________ मकर (Capricorn) 🔹 सकारात्मक: कार्यक्षेत्र में सफलता मिलेगी, आत्मविश्वास बढ़ेगा। 🔹 Positive: Success in the workplace, confidence will increase. 🔹 नकारात्मक: पुराने मामलों को लेकर चिंता बढ़ सकती है। 🔹 Negative: Worries regarding past issues may increase. 🔹 उपाय: काले तिल का दान करें और हनुमान चालीसा का पाठ करें।

🔹 Remedy: Donate black sesame seeds and recite Hanuman Chalisa. ________________________________________ कुंभ (Aquarius) 🔹 सकारात्मक: नई योजनाएं फलीभूत होंगी, आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। 🔹 Positive: New plans will succeed, financial stability will improve. 🔹 नकारात्मक: स्वास्थ्य पर ध्यान दें, खानपान संतुलित रखें। 🔹 Negative: Focus on health, maintain a balanced diet. 🔹 उपाय: शनिदेव की पूजा करें और जरूरतमंदों को दान करें।

🔹 Remedy: Worship Shani Dev and donate to the needy. ________________________________________ मीन (Pisces) 🔹 सकारात्मक: पारिवारिक जीवन सुखद रहेगा, नए अवसर मिलेंगे। 🔹 Positive: Family life will be pleasant, new opportunities will arise. 🔹 नकारात्मक: खर्चों पर नियंत्रण रखें, भावनाओं में बहकर निर्णय लें। 🔹 Negative: Control expenses, avoid emotional decisions. 🔹 उपाय: केले के पेड़ की पूजा करें और पीले वस्त्र धारण करें।

🔹 Remedy: Worship the banana tree and wear yellow clothes-is lekh me jode

 

🌟 अप्रत्याशित समस्याओं से मुक्ति के रहस्यमय उपाय

Mystic Remedies for Unexpected Life Challenges

 

आज के उपाय:

·         घर में लकड़ी का कार्य या लकड़ी इकट्ठा करना नहीं करें।

·         महुआ वृक्ष की पूजा करें।

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·         🌸 शुभ वेद मंत्र, पौराणिक मंत्र और नक्षत्र साधना 🌸

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·         🔱 वेद मंत्र (Vedic Mantra) 🔱

🌿 पूषन तव व्रते वय नरिषेभ्य कदाचन।
🌿 स्तोतारस्तेइहस्मसि। पूषणे नमः।

·         🔆 Oṁ Pūṣan Tava Vrate Vaya Nariṣebhya Kadācana 🔆 Stotāras Te Ihasmasi Oṁ Pūṣaṇe Namaḥ

·         📜 भावार्थ: इस मंत्र से पूषन देवता का आह्वान किया जाता है, जो समृद्धि और कल्याण के देवता माने जाते हैं।

·        

·         📖 पौराणिक मंत्र (Puranic Mantra) 📖

·         💠 पूषणं सततं वंदे रेवतीशं समृद्धये।💠 वराभयोज्वलकरं रत्न सिंहासने स्थितम्।

·         Pūṣaṇaṁ Satataṁ Vande Revatiīśaṁ Samṛddhaye Varābhayojvalakaraṁ Ratna Siṁhāsane Sthitam

·         📜 भावार्थ: इस मंत्र के माध्यम से समृद्धि और सुरक्षा प्रदान करने वाले पूषन देवता की स्तुति की जाती है।

·        

·         🌟 नक्षत्र देवता मंत्र (Nakshatra Devata Mantra) 🌟

·         🪷 पूष्णे नमः।🪷 Pūṣṇe Namaḥ

·         📜 भावार्थ: इस मंत्र के जाप से नक्षत्र देवता पूषन की कृपा प्राप्त होती है।

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·         🌙 नक्षत्र मंत्र (Nakshatra Mantra) 🌙

·         🔱 रेवत्यै नमः।🔱 Oṁ Revatyai Namaḥ

·         📜 भावार्थ: इस मंत्र से रेवती नक्षत्र की शुभता प्राप्त होती है।

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·         💐 इष्ट देवी-देवता को अर्पण (Offerings to Deity) 💐

·         🌼 श्वेत पुष्प (White Flowers) White flowers should be offered to the deity.

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·         🍚 दान और उपाय (Donation & Remedies) 🍚

·         🔹 नाश्ते में या घर से निकलते समय खिचड़ी खाएं।
🔹 Eat Khichdi before leaving home or as breakfast.
🔹 मंत्र पढ़ें पूष्णे नमः।🔹 Chant the mantra – "Oṁ Pūṣṇe Namaḥ".

·        

·         🏆 प्रभाव (Effects) 🏆🔥 सफलता और विजय।🔥 Success and Victory.

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·         🔮 बीज मंत्र (Beej Mantra) 🔮

🔵 "ओम लं" (ऊं लं)🔵 "Oṁ Laṁ"
🟢 "ओम क्षण" (ऊं क्षं)🟢 "Oṁ Kṣaṇ"
🟣 "ओम ऐं" (ऊं ऎं)🟣 "Oṁ Aiṁ"
🔴 "ओम आं" (ऊं आं)🔴 "Oṁ Āṁ"

·         📜 भावार्थ: इन बीज मंत्रों का जाप करने से आध्यात्मिक शक्ति, बुद्धि, और सफलता प्राप्त होती है।

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किये जाने वाले कार्य -शंख,मोती,चांदी , जल से संबंधित,गीत,यज्ञ,कृषि,भोजनालय

-       आज कार्य वर्जित -होटल,रेस्टोरेंट,ढाबा,नयी रेसिपी सम्बंधित

-         -सभी के लिए उपयोगी उपाय परन्तु ,

कर्क राशी या जिनके नाम का अक्षर ह,ड हो उनके लिए विशेष उपयोगी हैं ।-

1-स्नान जल मे नदी या तीर्थ जल,पंचगव्य ,

दूध सफेद चंदन ,गोमूत्र,मिला कर स्नान करे ।।

जैन धर्म का मंत्र-

ऊँ नमोर्हते भवते श्रीमते चन्द्रप्रभु तीर्थंकराय विजय यक्ष ज्वाला-मालिनी यक्षी सहिताय ऊँ आं क्रौं ह्रीं ह्यः सोम महाग्रह! मम दुष्ट ग्रह रोग कष्ट निवारणं सर्व शांतिं कुरू कुरू हूँ फट् स्वाहा।ॐ ह्रीं सोम ग्रहारिष्ट निवारक-श्री चन्द्र प्रभु जिनेन्द्राय नम: सर्वशांतिं कुरुकुरु स्वाहा। मम (अपना नाम ) दुष्ट ग्रह रोग कष्टनिवारणं सर्वशांतिं कुरू कुरू हूँ फट् स्वाहा।

-ब्रह्माण्डपुराण मन्त्र-

रोहिणीश: सुधा‍ मूर्ति: सुधा गात्र: सुधाशन:।

विषम स्थान सम्भूतां पीडां हरतु मे विधु:

दक्षकन्या  रूपा देवी रोहिणी के स्वामी अमृतमय स्वरूप वाले ,अमृत रूपी शरीर वाले

तथा अमृत का पान कराने वाले चंद्रदेव विषम स्थान जनित मेरी पीड़ादूर करें ।।

मंगलवार

·         1 पद्मपुराण (Padma Purana – Uttara Khanda) – Mokshada Ekadashi Mahatmya

·          एकादश्याः समुत्पन्ना पावनी हरिवल्लभा।
मोक्षदा नाम तस्यां तु सर्वपापप्रणाशिनी॥

·         यह एकादशी भगवान विष्णु को अत्यंत प्रिय है;
यह मोक्ष देने वाली, तथा सभी पापों को नष्ट करने वाली कही गई है।

·         This Ekadashi is dear to Lord Vishnu and is known as Mokshada,
the destroyer of all sins and the giver of liberation.

·        

·         MANTR 2 भविष्यपुराण (Bhavishya Purana – Brahma Parva, Ekadashi Vrat Katha)

·          मोक्षदायै नमस्तुभ्यं सर्वपापक्षयङ्करि।
भुक्तिमुक्तिप्रदा नित्यं हरिव्रतपरायणि॥

·         हे मोक्षदा एकादशी! आपको नमस्कार।
आप सभी पापों का नाश करती हैं,
भोग और मोक्ष प्रदान करती हैं,
और हरिव्रत का सर्वोत्तम रूप हैं।

·         O Mokshada Ekadashi, salutations to You.
You destroy all sins,
grant both worldly joy and liberation,
and represent the supreme vow dedicated to Hari.

·        

·          एकादश्यां हि यः कुर्यात् उपवासं जनार्दन।
तस्य पापं क्षयं याति रौरवादि परीक्षणम्॥

·         जो व्यक्ति एकादशी का व्रत करता है,
उसके रौरव आदि सभी नरकयोग्य पाप नष्ट हो जाते हैं।

·         Whoever observes Ekadashi fasting
destroys even the sins that lead to the worst hells such as Raurava.

·        

·         Child Birt progress4 विष्णुधर्मोत्तर पुराण (Vishnu Dharmottara Purana – Ekadashi Section)

·         एकादशी व्रतं पुण्यं सर्वदेवैः प्रशस्यते।
पुत्रपौत्रप्रदं नॄणां सर्वकामफलप्रदम्॥

·         एकादशी व्रत सभी देवताओं द्वारा प्रशंसित है;
यह मनुष्य को पुत्रपौत्र, सुख, समृद्धि और सभी इच्छाओं का फल देता है।

·         The Ekadashi vow is praised by all gods;
it grants progeny, prosperity, and fulfillment of all desires.

·         🔱TODAY  📜 नए वस्त्र/आभूषण हेतु BEST-

·         1 बृहत्संहितारेवती की शुभता

·         (Varāhamihira – Nakshatra-Svabhava Adhyaya)

·          रेवती सौम्यरूपा स्यात् सौख्यवस्त्रप्रदायिनी।
वस्त्राभरणकर्माणि तस्यां सिद्धानि निश्चयम्॥

·         रेवती नक्षत्र स्वभाव से सौम्य है,
और वस्त्र, सौंदर्य, आभूषण, श्रृंगार से जुड़े कार्यों को शुभ फल देती है।
इस नक्षत्र में वस्त्र-धारण, नए कपड़े खरीदना सिद्ध और सफल माना गया है।

·         Revati is gentle and auspicious,
best for activities related to
dress, ornaments, beauty, adornment,
promising success and prosperity.

·         2 मुहूर्त चिन्तामणिवार + नक्षत्र प्रभाव

·         सोमवारे सौम्यत्वाद् धारणे वस्त्रभूषणम्।
रूपलाभो मनःशान्तिः सौभाग्यं प्रजायते॥

·         सोमवार की सौम्य प्रकृति वस्त्र एवं आभूषण धारण करने पर
रूप में वृद्धि, मन-शांति और सौभाग्य प्रदान करती है।

·         Monday enhances beauty, peace, and fortune
when new clothes or ornaments are worn.

·         3 अग्नि पुराणशुभ तिथि-फल (Ekadashi)

·          एकादश्यां शुभं कर्म वस्त्राभरणधारणम्।
शुभलक्षणसंपन्नं सर्वसौभाग्यकारकम्॥

·         एकादशी तिथि में नए वस्त्र आभूषण धारण करना शुभ माना गया है।
यह कार्य सौभाग्य, दीर्घ लाभ और शांतिदायक फल देता है।

·         On Ekadashi, wearing new clothes or ornaments is auspicious
and brings lasting prosperity and harmony.

·        

·         4 नक्षत्रकल्पद्रुमरेवती + चन्द्रमीने प्रभाव

·         :“मीने चंद्रे तथा रेवत्यां वस्त्रालङ्कारधारणे।
सौभाग्यं वर्धते नित्यं प्रियं लक्ष्म्याः प्रसादतः॥

·         मीन राशि में चन्द्रमा और रेवती नक्षत्र का संयोग
लक्ष्मी-कृपा, रूप-सौंदर्य, आकर्षण और सौभाग्य बढ़ाता है।
इस योग में श्रृंगार, साज-सज्जा, नए वस्त्र बहुत शुभ माने गए हैं।

·         Pisces Moon + Revati enhances beauty, charm, and prosperity,
making adornment and new clothing extremely auspicious.

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Represent-

🔸 जिन व्यक्तियों के नाम का प्रथम अक्षर — K, Gh, Chh — से शुरू होता है या जिनकी जन्म-राशि मीन, वृश्चिक, कर्क, मिथुन, वृष है, उनके लिए अब से लेकर 21 जनवरी तक का समय थोड़ा कष्टकारी, मानसिक चिंता देने वाला और जीवन में परिवर्तन लाने वाला रहेगा। इस अवधि में पुराने काम धीमे चल सकते हैं, मन में अस्थिरता बढ़ सकती है और रिश्तों/कार्यस्थल पर धैर्य की आवश्यकता रहेगी।

🔹 For people whose name begins with letters K, Gh, Chh or whose Moon signs are Pisces, Scorpio, Cancer, Gemini, Taurus, the period until 21 January may feel stressful with emotional pressure and significant transitions. Work may move slowly, thoughts may fluctuate, and patience will be required in relationships and career matters.

********************************* V’k’TIWARI- Palmistry,Vastu, Astrology(since 1972)

📜 विशेष संदर्भ | Special Reference:
📌 डॉ. आर. दीक्षित🏛वास्तु विशेषज्ञ | Vastu Expert
📌 ship

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संतान को विकलांगता, अल्पायु से बचाइए श्राद्ध - पितरों से वरदान लीजिये पंडित विजेंद्र कुमार तिवारी jyotish9999@gmail.com , 9424446706   श्राद्ध : जानने  योग्य   महत्वपूर्ण तथ्य -कब,क्यों श्राद्ध करे?  श्राद्ध से जुड़े हर सवाल का जवाब | पितृ दोष शांति? राहू, सर्प दोष शांति? श्रद्धा से श्राद्ध करिए  श्राद्ध कब करे? किसको भोजन हेतु बुलाएँ? पितृ दोष, राहू, सर्प दोष शांति? तर्पण? श्राद्ध क्या है? श्राद्ध नहीं करने के कुपरिणाम क्या संभावित है? श्राद्ध नहीं करने के कुपरिणाम क्या संभावित है? श्राद्ध की प्रक्रिया जटिल एवं सबके सामर्थ्य की नहीं है, कोई उपाय ? श्राद्ध कब से प्रारंभ होता है ? प्रथम श्राद्ध किसका होता है ? श्राद्ध, कृष्ण पक्ष में ही क्यों किया जाता है श्राद्ध किन२ शहरों में  किया जा सकता है ? क्या गया श्राद्ध सर्वोपरि है ? तिथि अमावस्या क्या है ?श्राद्द कार्य ,में इसका महत्व क्यों? कितने प्रकार के   श्राद्ध होते   हैं वर्ष में   कितने अवसर श्राद्ध के होते हैं? कब  श्राद्ध किया जाना...

गणेश विसृजन मुहूर्त आवश्यक मन्त्र एवं विधि

28 सितंबर गणेश विसर्जन मुहूर्त आवश्यक मन्त्र एवं विधि किसी भी कार्य को पूर्णता प्रदान करने के लिए जिस प्रकार उसका प्रारंभ किया जाता है समापन भी किया जाना उद्देश्य होता है। गणेश जी की स्थापना पार्थिव पार्थिव (मिटटीएवं जल   तत्व निर्मित)     स्वरूप में करने के पश्चात दिनांक 23 को उस पार्थिव स्वरूप का विसर्जन किया जाना ज्योतिष के आधार पर सुयोग है। किसी कार्य करने के पश्चात उसके परिणाम शुभ , सुखद , हर्षद एवं सफलता प्रदायक हो यह एक सामान्य उद्देश्य होता है।किसी भी प्रकार की बाधा व्यवधान या अनिश्ट ना हो। ज्योतिष के आधार पर लग्न को श्रेष्ठता प्रदान की गई है | होरा मुहूर्त सर्वश्रेष्ठ माना गया है।     गणेश जी का संबंध बुधवार दिन अथवा बुद्धि से ज्ञान से जुड़ा हुआ है। विद्यार्थियों प्रतियोगियों एवं बुद्धि एवं ज्ञान में रूचि है , ऐसे लोगों के लिए बुध की होरा श्रेष्ठ होगी तथा उच्च पद , गरिमा , गुरुता , बड़प्पन , ज्ञान , निर्णय दक्षता में वृद्धि के लिए गुरु की हो रहा श्रेष्ठ होगी | इसके साथ ही जल में विसर्जन कार्य होता है अतः चंद्र की होरा सामा...

श्राद्ध रहस्य - श्राद्ध क्यों करे ? कब श्राद्ध नहीं करे ? पिंड रहित श्राद्ध ?

श्राद्ध रहस्य - क्यों करे , न करे ? पिंड रहित , महालय ? किसी भी कर्म का पूर्ण फल विधि सहित करने पर ही मिलता है | * श्राद्ध में गाय का ही दूध प्रयोग करे |( विष्णु पुराण ) | श्राद्ध भोजन में तिल अवश्य प्रयोग करे | श्राद्ध अपरिहार्य है क्योकि - श्राद्ध अपरिहार्य - अश्वनी माह के कृष्ण पक्ष तक पितर अत्यंत अपेक्षा से कष्ट की   स्थिति में जल , तिल की अपनी संतान से , प्रतिदिन आशा रखते है | अन्यथा दुखी होकर श्राप देकर चले जाते हैं | श्राद्ध अपरिहार्य है क्योकि इसको नहीं करने से पीढ़ी दर पीढ़ी संतान मंद बुद्धि , दिव्यांगता .मानसिक रोग होते है | हेमाद्रि ग्रन्थ - आषाढ़ माह पूर्णिमा से /कन्या के सूर्य के समय एक दिन भी श्राद्ध कोई करता है तो , पितर एक वर्ष तक संतुष्ट/तृप्त रहते हैं | ( भद्र कृष्ण दूज को भरणी नक्षत्र , तृतीया को कृत्तिका नक्षत्र   या षष्ठी को रोहणी नक्षत्र या व्यतिपात मंगलवार को हो ये पिता को प्रिय योग है इस दिन व्रत , सूर्य पूजा , गौ दान गौ -दान श्रेष्ठ | - श्राद्ध का गया तुल्य फल- पितृपक्ष में मघा सूर्य की अष्टमी य त्रयोदशी को मघा नक्षत्र पर चंद्र ...

गणेश भगवान - पूजा मंत्र, आरती एवं विधि

सिद्धिविनायक विघ्नेश्वर गणेश भगवान की आरती। आरती  जय गणेश जय गणेश जय गणेश देवा।  माता जा की पार्वती ,पिता महादेवा । एकदंत दयावंत चार भुजा धारी।   मस्तक सिंदूर सोहे मूसे की सवारी | जय गणेश जय गणेश देवा।  अंधन को आँख  देत, कोढ़िन को काया । बांझन को पुत्र देत, निर्धन को माया । जय गणेश जय गणेश देवा।   हार चढ़े फूल चढ़े ओर चढ़े मेवा । लड्डूअन का  भोग लगे संत करें सेवा।   जय गणेश जय गणेश देवा।   दीनन की लाज रखो ,शम्भू पत्र वारो।   मनोरथ को पूरा करो।  जाए बलिहारी।   जय गणेश जय गणेश देवा। आहुति मंत्र -  ॐ अंगारकाय नमः श्री 108 आहूतियां देना विशेष शुभ होता है इसमें शुद्ध घी ही दुर्वा एवं काले तिल का विशेष महत्व है। अग्नि पुराण के अनुसार गायत्री-      मंत्र ओम महोत काय विद्महे वक्रतुंडाय धीमहि तन्नो दंती प्रचोदयात्। गणेश पूजन की सामग्री एक चौकिया पाटे  का प्रयोग करें । लाल वस्त्र या नारंगी वस्त्र उसपर बिछाएं। चावलों से 8पत्ती वाला कमल पुष्प स्वरूप बनाएं। गणेश पूजा में नार...

विवाह बाधा और परीक्षा में सफलता के लिए दुर्गा पूजा

विवाह में विलंब विवाह के लिए कात्यायनी पूजन । 10 oct - 18 oct विवाह में विलंब - षष्ठी - कात्यायनी पूजन । वैवाहिक सुखद जीवन अथवा विवाह बिलम्ब   या बाधा को समाप्त करने के लिए - दुर्गतिहारणी मां कात्यायनी की शरण लीजिये | प्रतिपदा के दिन कलश स्थापना के समय , संकल्प में अपना नाम गोत्र स्थान बोलने के पश्चात् अपने विवाह की याचना , प्रार्थना कीजिये | वैवाहिक सुखद जीवन अथवा विवाह बिलम्ब   या बाधा को समाप्त करने के लिए प्रति दिन प्रातः सूर्योदय से प्रथम घंटे में या दोपहर ११ . ४० से १२ . ४० बजे के मध्य , कात्ययानी देवी का मन्त्र जाप करिये | १०८बार | उत्तर दिशा में मुँह हो , लाल वस्त्र हो जाप के समय | दीपक मौली या कलावे की वर्तिका हो | वर्तिका उत्तर दिशा की और हो | गाय का शुद्ध घी श्रेष्ठ अथवा तिल ( बाधा नाशक + महुआ ( सौभाग्य ) तैल मिला कर प्रयोग करे मां भागवती की कृपा से पूर्वजन्म जनितआपके दुर्योग एवं   व्यवधान समाप्त हो एवं   आपकी मनोकामना पूरी हो ऐसी शुभ कामना सहित || षष्ठी के दिन विशेष रूप से कात्यायनी के मन्त्र का २८ आहुति / १०८ आहुति हवन कर...

कलश पर नारियल रखने की शास्त्रोक्त विधि क्या है जानिए

हमे श्रद्धा विश्वास समर्पित प्रयास करने के बाद भी वांछित परिणाम नहीं मिलते हैं , क्योकि हिन्दू धर्म श्रेष्ठ कोटी का विज्ञान सम्मत है ।इसकी प्रक्रिया , विधि या तकनीक का पालन अनुसरण परमावश्यक है । नारियल का अधिकाधिक प्रयोग पुजा अर्चना मे होता है।नारियल रखने की विधि सुविधा की दृष्टि से प्रचलित होगई॥ मेरे ज्ञान  मे कलश मे उल्टा सीधा नारियल फसाकर रखने की विधि का प्रमाण अब तक नहीं आया | यदि कोई सुविज्ञ जानकारी रखते हो तो स्वागत है । नारियल को मोटा भाग पूजा करने वाले की ओर होना चाहिए। कलश पर नारियल रखने की प्रमाणिक विधि क्या है ? अधोमुखम शत्रु विवर्धनाए , उर्ध्वस्य वक्त्रं बहुरोग वृद्ध्यै प्राची मुखं वित्त्नाश्नाय , तस्माच्छुभम सम्मुख नारिकेलम अधोमुखम शत्रु विवर्धनाए कलश पर - नारियल का बड़ा हिस्सा नीचे मुख कर रखा जाए ( पतला हिस्सा पूछ वाला कलश के उपरी भाग पर रखा जाए ) तो उसे शत्रुओं की वृद्धि होती है * ( कार्य सफलता में बाधाएं आती है संघर्ष , अपयश , चिंता , हानि , सहज हैशत्रु या विरोधी तन , मन धन सर्व दृष्टि से घातक होते है ) उर्ध्वस्य वक्त्रं बहुरोग वृद्ध्यै कलश ...