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वैकुण्ठ एकादशी 🕉️ विवरण31.12.2025

  वैकुण्ठ एकादशी 🕉 ️ वैकुण्ठ एकादशी – शास्त्रीय और पुराणिक विवरण 1️ ⃣ वैकुण्ठ का शास्त्रीय अर्थ वैकुण्ठ = “ विगता कुण्ठा यस्मिन् सः ” शाब्दिक अर्थ : वह स्थान जहाँ कोई बाधा , क्लेश , दुःख , जरा , मृत्यु , भय नहीं । विष्णु पुराण के अनुसार : वैकुण्ठ वह दिव्य लोक है जहाँ सत्त्व - गुण पूर्ण रूप से स्थित होता है। यहाँ आत्मा कर्म - बंधन से पूर्णत : मुक्त होती है। यह लोक शुद्ध चेतना और दिव्यता का प्रतीक है , न कि केवल भौतिक स्थान। 2️ ⃣ सृष्टि के लोक और वैकुण्ठ वैदिक और पौराणिक ग्रंथ 14 लोकों का विवरण देते हैं। 📜 स्रोत : विष्णु पुराण 2.5, भागवत पुराण 5.23, ब्रह्माण्ड पुराण 🔹 ऊर्ध्वलोक ( सात ) भूः – पृथ्वी का लोक , भौतिक अनुभवों का क्षेत्र। भुवः – स्वर्ग और मनोभाव का लोक , आत्मा की प्रारंभिक चेतना। स्वः – देवताओं का लोक , कर्म के फलों का अनुभव। महः – ब्रह्माण्डीय महात्म्य का लोक। जनः – मनुष्य और जीवधारियों का सामान्य ...