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शिव - बिल्वपत्र और शमीपत्र अर्पण — कथा, मन्त्र और विधि पूजा मुहूर्त

  शिव - बिल्वपत्र और शमीपत्र अर्पण — कथा , मन्त्र और विधि प्रदोष, चतुर्दशी, सोमवार व शिवरात्रि में शिव  बिल्वपत्र और शमीपत्र    अर्पण पूजा ,  शमी  कथा पूर्वा भिमुखदीपस्तु यशो वृद्धिकरः स्मृतः। उत्तरा भिमुखो दीपः धन सिद्धि प्रदायकः ॥ दक्षिणस्थो हानिकरः पश्चिमः सुखदः स्मृतः॥ ·   उत्तरमुख वर्तिका → धन व सफलता ·   पूर्वमुख वर्तिका → यश व प्रतिष्ठा ऊर्ध्व वर्ति र्दीप शिखा त्यागिनां मोक्ष साधिका। गृहस्थानां न कर्तव्या स्थैर्यलाभो न जायते॥ ऊपर सीधी उठी हुई वर्तिका वाला दीप त्यागी और संन्यासी साधकों के लिए मोक्ष साधना में सहायक माना गया है। गृहस्थों को ऐसी वर्तिका नहीं रखनी चाहि ए , क्योंकि इससे स्थिर फल और सांसारिक संतुलन की प्राप्ति नहीं होती। A lamp with a straight upward wick is regarded as supportive for ascetics and renunciates seeking liberation. It is not recommended for householders, as it is believed not to promote stability or worldly balance. ११ ...