🌙 संकष्टी चतुर्थी – 06 जनवरी 2026 ( मंगलवार ) 🔸 अर्थ व नाम – संकष्टी = संकटों से मुक्ति देने वाली , चतुर्थी = चंद्र मास की चौथी तिथि। यह व्रत विशेष रूप से विघ्नहर्ता श्री गणेश को समर्पित है , क्योंकि गणपति ही हर कार्य के आरंभ में बाधाओं को दूर करते हैं। 🔸 क्यों पूजा की जाती है – ऋण - संकट , मानसिक तनाव , संतान बाधा , कार्य में रुकावट , शत्रु भय , स्वास्थ्य समस्या से मुक्ति तथा बुद्धि , स्थिरता , सफलता के लिए यह व्रत किया जाता है। 🔸 आरंभ कैसे करें ( व्रत प्रारंभ विधि ) – प्रातः स्नान कर संकल्प लें , दिनभर निर्जल / फलाहार रखें , सूर्यास्त के बाद चंद्र दर्शन कर गणेश पूजन के उपरांत व्रत खोलें। 🔸 किसकी पूजा – श्री गणेश ( वक्रतुण्ड / विघ्नहर्ता स्वरूप ) ; चंद्र देव का दर्शन अनिवार्य। 🔸 महत्व – यह व्रत कष्टनाशक , कार्यसिद्धिदायक और ऋद्धि - सिद्धि प्रदायक माना गया है ; मंगलवार होने से ऋण व शत्रु बाधा में विशेष फलदायी। 🔸 पूजा विधि ( संक्षेप ) – साफ स...
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