त्रिदेव आरती — “ॐ” जय शिव ओंकारा ” (ॐ की महिमा एवं त्रिदेव ब्रह्मा, विष्णु एवं शिव की आरती) ॐ ही सर्वव्यापी एक सत्य — ब्रह्मा, विष्णु और सदाशिव का प्रणव में एकत्व व्याख्याकार पण्डित विजेन्द्र कुमार तिवारी ‘ज्योतिष शिरोमणि’ Blogger • Astrologer • Palmist • Numerologist • Vāstu Consultant कुण्डली निर्माण एवं कुण्डली मिलान विशेषज्ञ ज्योतिष, हस्तरेखा, अंकशास्त्र एवं वास्तु के क्षेत्र में सन् 1972 से सतत अध्ययन एवं अनुभव विशेष सहयोग: डॉ. आर. दीक्षित एवं डॉ. एस. तिवारी मोबाइल: 9424446706 ***************************************************** ॐ जय शिव ओंकारा, स्वामी जय शिव ओंकारा। ब्रह्मा विष्णु सदाशिव, अर्द्धांगी धारा॥ ॐ जय शिव ओंकारा॥ एकानन चतुरानन पंचानन राजे। हंसासन गरुड़ासन वृषवाहन साजे॥ ॐ जय शिव ओंकारा॥ दो भुज चार चतुर्भुज दस भुज अति सोहे। त्रिगुण रूप निरखते त्रिभुवन जन मोहे॥ ॐ जय शिव ओंकारा॥ अक्षमाला वनमाला मुण्डमाला धारी। त्रिपुरारी कंसारी कर माला धारी॥ ॐ जय शिव ओंकारा॥ श्वेताम्बर पीताम्बर बाघम्बर अंगे। सनकादिक गरुणादिक भूतादिक संगे॥ ॐ जय शिव ओंकारा॥ कर के मध्य कमण्डलु चक्र त्...
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